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अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस: सेना में परिवार की चौथी पीढ़ी हैं तान्या शेरगिल, लड़कियों में जगाती हैं देश सेवा का जज्बा
Tue, 08 Mar 2022 12:05 PM IST
निवेदिता वर्मा
डॉ. संजीव बख्शी, संवाद न्यूज एजेंसी, होशियारपुर (पंजाब)
डॉ. संजीव बख्शी, संवाद न्यूज एजेंसी, होशियारपुर (पंजाब)
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Tue, 08 Mar 2022 12:05 PM IST
सार
होशियारपुर के गढ़दीवाला की रहने वाली सेना में कैप्टन तान्या शेरगिल ने दो साल पहले सेना दिवस परेड का नेतृत्व कर इतिहास रचा था।
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तान्या शेरगिल।
- फोटो : फाइल
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विस्तार
सेना में कैप्टन तान्या शेरगिल किसी परिचय की मोहताज नहीं हैं। लाखों बेटियों के लिए प्रेरणा का सबब हैं। अपने परिवार की विरासत को आगे बढ़ाते हुए तान्या मिसाल पेश कर रही हैं। इन दिनों तान्या जम्मू-कश्मीर में भारत-पाकिस्तान सीमा पर तैनात हैं।
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होशियारपुर के गढ़दीवाला की रहने वाली सेना में कैप्टन तान्या शेरगिल ने दो साल पहले सेना दिवस परेड का नेतृत्व कर इतिहास रचा था। इसके बाद कैप्टन तान्या 26 जनवरी को परेड एडजुटेंट रहीं। तान्या ने नागपुर यूनिवर्सिटी से इलेक्ट्रॉनिक्स और कम्युनिकेशन में बीटेक किया और मार्च 2017 में सेना में बतौर अफसर भर्ती होकर ऑफिसर ट्रेनिंग अकादमी, चेन्नई में शामिल हुईं। फोटोग्राफी, ट्रेवलिंग और संगीत का शौक रखने वाली तान्या को सैन्य जज्बा और बहादुरी विरासत में मिली।
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बचपन में जब उनकी उम्र की लड़कियां गुड्डे-गुड़ियों से खेलती थीं तो तान्या हथियारों से। तान्या अपने परिवार की चौथी पीढ़ी है, जो सेना में सेवा दे रही हैं। उनके पिता सूरत सिंह शेरगिल आर्टिलरी की 101 मीडियम रेजिमेंट में थे जबकि उनसे पहले दादा हरी सिंह 14वीं आर्म्ड रेजिमेंट में थे। उनके परदादा गंडा सिंह सिख रेजिमेंट में सैनिक रह चुके हैं। पिता सेना छोड़ने के बाद सीआरपीएफ से जुड़े और कमांडेंट पद से रिटायर हुए। उन्हें वीरता के लिए राष्ट्रपति पुलिस पदक भी मिल चुका है। तान्या की उत्कृष्ट सेवा और जज्बे के चलते ही उन्होंने और भी उपलब्धियां हासिल की हैं। तान्या को दिल्ली में विशेष उपलब्धियां प्राप्त करने वाली विशिष्ट महिला के तौर पर सम्मान मिला, वहीं सेना में बेस्ट ऑफिसर को प्रदान की जाने वाली लेफ्टिनेंट जनरल दौलत सिंह ट्रॉफी भी मिली। तान्या ने यह साबित किया है कि देश की बेटियां किसी से कम नहीं हैं।
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