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खुदकुशी के लिए मजबूर करने पर पति को कैद
अमर उजाला, पटियाला
Updated Tue, 24 Sep 2013 10:58 PM IST
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पंजाब के पटियाला में एडिशनल सेशन जज जतिंदर कौर की कोर्ट ने मंगलवार को एक फैसले में पत्नी को दहेज के लिए आत्महत्या के लिए मजबूर करने वाले पति को दोष साबित होने के बाद पांच साल की कैद की सजा सुनाई।
साथ ही दोषी पर 10 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया गया। इसे अदा न करने पर दोषी को छह महीने की अतिरिक्त कैद भुगतनी पड़ेगी। कोतवाली थाने के अधीन पड़ते अर्जुन नगर की रहने वाली सुनयना को उसका पति हरीश कुमार दहेज के लिए काफी परेशान करता था। इससे वह मानसिक तनाव में आ गई और 2009 में उसने फंदे से लटक कर आत्महत्या कर ली थी।
बाद में उसके परिजनों के बयान के आधार पर कोतवाली थाना पुलिस ने आरोपी पति हरीश कुमार के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। इस पर सुनवाई करते हुए मंगलवार को पति पर दोष साबित हो गए।
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इसके आधार पर दोषी हरीश कुमार को दहेज के लिए परेशान करने की धारा 498-ए के तहत दो साल की कैद व पांच हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई, जबकि धारा 306 यानी आत्महत्या के लिए मजबूर करने के दोष में पांच साल की कैद और 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई।
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साथ ही दोषी पर 10 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया गया। इसे अदा न करने पर दोषी को छह महीने की अतिरिक्त कैद भुगतनी पड़ेगी। कोतवाली थाने के अधीन पड़ते अर्जुन नगर की रहने वाली सुनयना को उसका पति हरीश कुमार दहेज के लिए काफी परेशान करता था। इससे वह मानसिक तनाव में आ गई और 2009 में उसने फंदे से लटक कर आत्महत्या कर ली थी।
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बाद में उसके परिजनों के बयान के आधार पर कोतवाली थाना पुलिस ने आरोपी पति हरीश कुमार के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। इस पर सुनवाई करते हुए मंगलवार को पति पर दोष साबित हो गए।
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इसके आधार पर दोषी हरीश कुमार को दहेज के लिए परेशान करने की धारा 498-ए के तहत दो साल की कैद व पांच हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई, जबकि धारा 306 यानी आत्महत्या के लिए मजबूर करने के दोष में पांच साल की कैद और 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई।