{"_id":"6412e963f2c387d2c10a1ab5","slug":"free-power-facility-in-punjab-will-increase-difficulties-for-powercom-2023-03-16","type":"story","status":"publish","title_hn":"Punjab: मुफ्त बिजली से मुश्किल में पावरकॉम, तीन साल में 20 हजार करोड़ पार होगी सब्सिडी, देरी से हो रहा भुगतान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Punjab: मुफ्त बिजली से मुश्किल में पावरकॉम, तीन साल में 20 हजार करोड़ पार होगी सब्सिडी, देरी से हो रहा भुगतान
Thu, 16 Mar 2023 03:34 PM IST
निवेदिता वर्मा
रिंपी गुप्ता, अमर उजाला, पटियाला (पंजाब)
रिंपी गुप्ता, अमर उजाला, पटियाला (पंजाब)
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Thu, 16 Mar 2023 03:34 PM IST
सार
पावरकॉम ने पंजाब स्टेट इलेक्ट्रिसिटी रेगुलेटरी कमीशन को तय नियमों के मुताबिक पंजाब सरकार से हर तिमाही के पहले 15 दिन के अंदर ही एडवांस में सब्सिडी का आकलन कर भुगतान यकीनी बनाने की मांग की है।
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : सोशल मीडिया
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
पंजाब में मुफ्त बिजली सुविधा पावरकॉम के लिए मुश्किलें बढ़ाएगी। पावरकॉम के मुताबिक वित्तीय वर्ष 2025-26 तक बिजली सब्सिडी बढ़कर 20134 करोड़ तक पहुंचने का अनुमान है। यह चालू वित्तीय वर्ष की सब्सिडी से 3619 करोड़ ज्यादा रहेगी। सरकार की ओर से समय से सब्सिडी का भुगतान न होने के कारण पावरकॉम को बिजली और कोयला खरीद से लेकर वेतन देने तक के लिए करोड़ों का ऋण लेना पड़ रहा है।
पावरकॉम ने पंजाब स्टेट इलेक्ट्रिसिटी रेगुलेटरी कमीशन को तय नियमों के मुताबिक पंजाब सरकार से हर तिमाही के पहले 15 दिन के अंदर ही एडवांस में सब्सिडी का आकलन कर भुगतान यकीनी बनाने की मांग की है। पंजाब सरकार की तरफ पिछले कुछ सालों की तकरीबन 9020 करोड़ की बिजली सब्सिडी इस समय लंबित है। ऊपर से पिछले साल भगवंत मान सरकार की ओर से हर महीने 300 यूनिट मुफ्त करने से घरेलू बिजली खपत बढ़ी है। इससे राशि में बड़ा इजाफा हुआ है।
प्राप्त आंकड़ों के मुताबिक वित्तीय वर्ष 2021-22 में जहां सब्सिडी राशि 11278 करोड़ रही थी, वहीं चालू वित्तीय साल में इसके 16515 करोड़ रहने का अनुमान है। 2023-24 में 18104 करोड़, 2024-25 में 19090 करोड़ और 2025-26 में 20134 करोड़ पहुंचने का पावरकाॅम ने अनुमान लगाया है। इसमें खेतीबाड़ी, घरेलू के अलावा लघु सप्लाई, मध्यम सप्लाई और बड़े सप्लाई खपतकार शामिल हैं। चालू वित्तीय साल के 16515 करोड़ की तुलना में 2025-26 तक सब्सिडी राशि में 3619 करोड़ की वृद्धि होने की संभावना है।
विज्ञापन
इस तरह बढ़ेगी सब्सिडी
साल 23-24 24-25 25-26 (करोड़ों में)
खेतीबाड़ी 7744 8131 8538
घरेलू 7310 7658 8022
लघु सप्लाई 248 257 266
मीडियम सप्लाई 363 377 391
लार्ज सप्लाई 2439 2667 2917
17 हजार करोड़ की देनदारियों में फंसा है पावरकॉम
सरकार से समय से सब्सिडी का भुगतान न होने के कारण पावरकॉम को अपने जरूरी खर्चे पूरे करने के लिए भी ऋण लेना पड़ रहा है। वर्तमान में 17000 करोड़ की देनदारियों में फंसे पावरकाम को बिजली से लेकर कोयला खरीद और यहां तक कि वेतन देने के लिए 8500 करोड़ का ऋण लेना पड़ा है। इसमें से 500 करोड़ तो पावरकॉम ने 30 जनवरी को ही लिए हैं। यही नहीं पावरकॉम जल्द थर्मलों की अपग्रेडेशन, नए ग्रिडों व लाइनों की स्थापना के लिए भी 1000 करोड़ का ऋण लेने जा रहा है।
एडवांस में भुगतान करे सरकार : धीमान
पीएसईबी इंजीनियर्स एसोसिएशन के प्रेसीडेंट इंजीनियर जसवीर सिंह धीमान का कहना है कि इंडस्ट्री को रियायत पर व खेतीबाड़ी सेक्टर को मुफ्त बिजली सरकार पहले ही दे रही थी। अब 300 यूनिट मुफ्त बिजली करने से सब्सिडी में और इजाफा हो गया है। एसोसिएशन की यही मांग है कि सरकार भले ही बिजली मुफ्त दे, लेकिन इसका भुगतान एडवांस में करे। अगर ऐसा होता है, तो फिर कोई आर्थिक परेशानी नहीं होगी।
विज्ञापन
पावरकॉम ने पंजाब स्टेट इलेक्ट्रिसिटी रेगुलेटरी कमीशन को तय नियमों के मुताबिक पंजाब सरकार से हर तिमाही के पहले 15 दिन के अंदर ही एडवांस में सब्सिडी का आकलन कर भुगतान यकीनी बनाने की मांग की है। पंजाब सरकार की तरफ पिछले कुछ सालों की तकरीबन 9020 करोड़ की बिजली सब्सिडी इस समय लंबित है। ऊपर से पिछले साल भगवंत मान सरकार की ओर से हर महीने 300 यूनिट मुफ्त करने से घरेलू बिजली खपत बढ़ी है। इससे राशि में बड़ा इजाफा हुआ है।
विज्ञापन
प्राप्त आंकड़ों के मुताबिक वित्तीय वर्ष 2021-22 में जहां सब्सिडी राशि 11278 करोड़ रही थी, वहीं चालू वित्तीय साल में इसके 16515 करोड़ रहने का अनुमान है। 2023-24 में 18104 करोड़, 2024-25 में 19090 करोड़ और 2025-26 में 20134 करोड़ पहुंचने का पावरकाॅम ने अनुमान लगाया है। इसमें खेतीबाड़ी, घरेलू के अलावा लघु सप्लाई, मध्यम सप्लाई और बड़े सप्लाई खपतकार शामिल हैं। चालू वित्तीय साल के 16515 करोड़ की तुलना में 2025-26 तक सब्सिडी राशि में 3619 करोड़ की वृद्धि होने की संभावना है।
विज्ञापन
इस तरह बढ़ेगी सब्सिडी
साल 23-24 24-25 25-26 (करोड़ों में)
खेतीबाड़ी 7744 8131 8538
घरेलू 7310 7658 8022
लघु सप्लाई 248 257 266
मीडियम सप्लाई 363 377 391
लार्ज सप्लाई 2439 2667 2917
17 हजार करोड़ की देनदारियों में फंसा है पावरकॉम
सरकार से समय से सब्सिडी का भुगतान न होने के कारण पावरकॉम को अपने जरूरी खर्चे पूरे करने के लिए भी ऋण लेना पड़ रहा है। वर्तमान में 17000 करोड़ की देनदारियों में फंसे पावरकाम को बिजली से लेकर कोयला खरीद और यहां तक कि वेतन देने के लिए 8500 करोड़ का ऋण लेना पड़ा है। इसमें से 500 करोड़ तो पावरकॉम ने 30 जनवरी को ही लिए हैं। यही नहीं पावरकॉम जल्द थर्मलों की अपग्रेडेशन, नए ग्रिडों व लाइनों की स्थापना के लिए भी 1000 करोड़ का ऋण लेने जा रहा है।
एडवांस में भुगतान करे सरकार : धीमान
पीएसईबी इंजीनियर्स एसोसिएशन के प्रेसीडेंट इंजीनियर जसवीर सिंह धीमान का कहना है कि इंडस्ट्री को रियायत पर व खेतीबाड़ी सेक्टर को मुफ्त बिजली सरकार पहले ही दे रही थी। अब 300 यूनिट मुफ्त बिजली करने से सब्सिडी में और इजाफा हो गया है। एसोसिएशन की यही मांग है कि सरकार भले ही बिजली मुफ्त दे, लेकिन इसका भुगतान एडवांस में करे। अगर ऐसा होता है, तो फिर कोई आर्थिक परेशानी नहीं होगी।