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मोगा की रमनदीप कौर ने जीता राष्ट्रीय स्तरीय कांस्य पदक
अमर उजाला, माेगा
Updated Sat, 18 Jan 2014 10:19 PM IST
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रांची में आठ से 12 जनवरी तक आयोजित राष्ट्रीय स्कूल एथलेटिक्स प्रतियोगिता में मोगा की दसवीं कक्षा की छात्रा रमनदीप कौर ने अंडर -17 में पंजाब का प्रतिनिधित्व करते हुए जैवलीन थ्रो में कांस्य पदक जीत कर प्रदेश का नाम रोशन किया।
शनिवार को खिलाड़ी रमनदीप कौर का स्कूल में जोरदार स्वागत किया गया। इस दौरान खिलाड़ी ने कहा कि अब उसका लक्ष्य एथलेटिक्स में स्वर्ण पदक हासिल करना है।
कस्बा कोट ईसे खां निवासी छात्रा के पिता रनबीर सिंह दूध बेचना का काम करते है। खिलाड़ी की जीत को लेकर स्कूल मैनेजमेंट और उसके परिवार में काफी उत्साह है। पिता रनबीर सिंह ने कहा कि रमन खेल के साथ-साथ पढ़ाई में भी बेहद होनहार है।
उन्होंने कहा कि रमनदीप उन लोगों के लिए प्रेरणा स्रोत है जो लोग बेटियां को बोझ समझ कर कोख में ही हत्या कर रहे हैं। पिता रनबीर सिंह ने कहा कि यदि लड़की जन्म भी ले लेती है, तो उसको घर की चौखट से बाहर नहीं निकलने दिया जाता है।
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छात्रा ने बताया कि वह मोगा में स्कूल में से छुट्टी के बाद मोगा में अपने प्रशिक्षक जगविंदर से कोचिंग लेती है। कोटईसे खां में कोई बड़ा मैदान न होने के कारण प्रेक्टिस करने के लिए परेशानी होती है।
रमनदीप ने बताया कि वह पहले लॉन टेनिस खेलती थी और कुछ दिनों से उसने एथलेटिक्स में जैवलिन थ्रो की प्रेक्टिस करनी शुरू की थी। छात्रा ने इससे पहले राज्य स्तरीय पर स्वर्ण पदक हासिल कर चुकी है। इस मौके पर स्कूल प्रिंसिपल अबिंका दानी, प्रशासनिक अधिकारी परमवीर सिंह, एसपी गुरमेल सिंह राय और स्टाफ ने छात्रा को बधाई दी और उसे सम्मानित किया।
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शनिवार को खिलाड़ी रमनदीप कौर का स्कूल में जोरदार स्वागत किया गया। इस दौरान खिलाड़ी ने कहा कि अब उसका लक्ष्य एथलेटिक्स में स्वर्ण पदक हासिल करना है।
कस्बा कोट ईसे खां निवासी छात्रा के पिता रनबीर सिंह दूध बेचना का काम करते है। खिलाड़ी की जीत को लेकर स्कूल मैनेजमेंट और उसके परिवार में काफी उत्साह है। पिता रनबीर सिंह ने कहा कि रमन खेल के साथ-साथ पढ़ाई में भी बेहद होनहार है।
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उन्होंने कहा कि रमनदीप उन लोगों के लिए प्रेरणा स्रोत है जो लोग बेटियां को बोझ समझ कर कोख में ही हत्या कर रहे हैं। पिता रनबीर सिंह ने कहा कि यदि लड़की जन्म भी ले लेती है, तो उसको घर की चौखट से बाहर नहीं निकलने दिया जाता है।
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छात्रा ने बताया कि वह मोगा में स्कूल में से छुट्टी के बाद मोगा में अपने प्रशिक्षक जगविंदर से कोचिंग लेती है। कोटईसे खां में कोई बड़ा मैदान न होने के कारण प्रेक्टिस करने के लिए परेशानी होती है।
रमनदीप ने बताया कि वह पहले लॉन टेनिस खेलती थी और कुछ दिनों से उसने एथलेटिक्स में जैवलिन थ्रो की प्रेक्टिस करनी शुरू की थी। छात्रा ने इससे पहले राज्य स्तरीय पर स्वर्ण पदक हासिल कर चुकी है। इस मौके पर स्कूल प्रिंसिपल अबिंका दानी, प्रशासनिक अधिकारी परमवीर सिंह, एसपी गुरमेल सिंह राय और स्टाफ ने छात्रा को बधाई दी और उसे सम्मानित किया।