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भवानीगढ़ बस स्टैंड की इमारत गिरी
अमर उजाला, संगरूर।
Updated Sun, 09 Mar 2014 10:36 PM IST
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पिछले लंबे अर्से से नगर काउंसिल की लापरवाही के कारण खस्ताहाल हुए भवानीगढ़ के बस स्टैंड की इमारत आखिरकार गिर गई। हालांकि बस स्टैंड में बसों के आने जाने का सिलसिला काफी समय पहले ही बंद हो गया था। अब यह बस स्टैंड सिर्फ नाम का ही रह गया था, जिसे शहर के आम लोग लावारिस पशुओं का अड्डे कहने लगे है।
करीब पच्चीस साल पहले शहर के लोगों की सहूलतों के मद्देनजर यह बस स्टैंड बनाया गया था और बस स्टैंड की इमारत बनने के साथ साथ यहां बनाई गई दुकानों के कारण लोगों की काफी चहल पहल रहनी लगी। लेकिन कुछ ही समय बाद बसें बस स्टैंड में आने की बजाए मुख्य मार्ग पर ही खड़ी होनी शुरू हो गई और यहीं से यात्रियों को उतारा और ले जाया जाने लगा, जिससे बस स्टैंड सुनसान होने लगा। हालांकि यहां के लोगों ने कई प्रशासन के सामने यह मांग उठाई कि बसों का बस स्टैंड में आना अनिवार्य किया जाए, लेकिन इस तरफ कोई ध्यान नहीं दिया गया।
हालात यह बन गए कि यह बस स्टैंड कम और लावारिस पशुओं का अड्डा ज्यादा बन गया। इसके अलावा बस स्टैंड का स्तर काफी ज्यादा नीचा होने की वजह से बारिश के दिनों में यहां जलभराव की स्थिति काफी गंभीर बन जाती है। बारिश का पानी कई दिनों तक भरा रहता, जिसके कारण बस स्टैंड की इमारत में अकसर सलाब रहती थी, लेकिन नगर काउंसिल ने इमारत की कोई संभाल नहीं की। यही कारण रहा कि आखिरकार यह इमारत गिरकर मलबे में तबदील हो गई। उधर, नगर काउंसिल के ईओ संगीत कुमार ने बताया कि बस स्टैंड की इमारत काफी ज्यादा पुरानी होने की वजह से खस्ताहाल हो चुकी थी। अब नया बस स्टैंड बनाने के काउंसिल ने प्रस्ताव पारित करके पीएडीबी बैंक को भेजा है। अभी तक बैंक ने इस केस को पास नहीं किया। उम्मीद है कि जल्द ही यह केस पास होकर आए जाएगा और लोगों को नया बस स्टैंड मिलेगा।
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करीब पच्चीस साल पहले शहर के लोगों की सहूलतों के मद्देनजर यह बस स्टैंड बनाया गया था और बस स्टैंड की इमारत बनने के साथ साथ यहां बनाई गई दुकानों के कारण लोगों की काफी चहल पहल रहनी लगी। लेकिन कुछ ही समय बाद बसें बस स्टैंड में आने की बजाए मुख्य मार्ग पर ही खड़ी होनी शुरू हो गई और यहीं से यात्रियों को उतारा और ले जाया जाने लगा, जिससे बस स्टैंड सुनसान होने लगा। हालांकि यहां के लोगों ने कई प्रशासन के सामने यह मांग उठाई कि बसों का बस स्टैंड में आना अनिवार्य किया जाए, लेकिन इस तरफ कोई ध्यान नहीं दिया गया।
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हालात यह बन गए कि यह बस स्टैंड कम और लावारिस पशुओं का अड्डा ज्यादा बन गया। इसके अलावा बस स्टैंड का स्तर काफी ज्यादा नीचा होने की वजह से बारिश के दिनों में यहां जलभराव की स्थिति काफी गंभीर बन जाती है। बारिश का पानी कई दिनों तक भरा रहता, जिसके कारण बस स्टैंड की इमारत में अकसर सलाब रहती थी, लेकिन नगर काउंसिल ने इमारत की कोई संभाल नहीं की। यही कारण रहा कि आखिरकार यह इमारत गिरकर मलबे में तबदील हो गई। उधर, नगर काउंसिल के ईओ संगीत कुमार ने बताया कि बस स्टैंड की इमारत काफी ज्यादा पुरानी होने की वजह से खस्ताहाल हो चुकी थी। अब नया बस स्टैंड बनाने के काउंसिल ने प्रस्ताव पारित करके पीएडीबी बैंक को भेजा है। अभी तक बैंक ने इस केस को पास नहीं किया। उम्मीद है कि जल्द ही यह केस पास होकर आए जाएगा और लोगों को नया बस स्टैंड मिलेगा।
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