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Punjab: रेलवे भर्ती घोटाले में विजिलेंस की कार्रवाई, निरीक्षक लगवाने की एवज में रिश्वत लेते एक आरोपी गिरफ्तार
Thu, 09 Mar 2023 01:47 PM IST
निवेदिता वर्मा
संवाद न्यूज एजेंसी, फिराेजपुर (पंजाब)
संवाद न्यूज एजेंसी, फिराेजपुर (पंजाब)
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Thu, 09 Mar 2023 01:47 PM IST
सार
पीड़ित ने बताया कि उसके दोनों बेटों को वाराणासी में तीन माह ट्रेनिंग दी गई और ट्रेनिंग के दौरान का वेतन भी दिया गया। ट्रेनिंग खत्म होने पर आरोपी ने कहा कि अब 45 दिन बाद एक पत्र घर पहुंचेगा उसके बाद उन्हें नौकरी मिल जाएगी अभी तक उनके घर पत्र नहीं पहुंचा है।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : Social Media
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विस्तार
फिरोजपुर विजिलेंस टीम ने रेलवे भर्ती घोटाले में एक व्यक्ति को 20 हजार रुपये लेते एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। उस पर आरोप है कि उसने दो नौजवानों को टिकट निरीक्षक लगाने की एवज में नौ लाख रुपये वसूले थे। यह एक कांग्रेसी नेता का नजदीकी बताया जा रहा है। इस पूरे खेल में दिल्ली रेलवे हेड क्वार्टर के दो क्लर्क भी शामिल हैं। आरोपियों ने नियम मुताबिक रेलवे में मेडिकल, ट्रेनिंग व इंक्वायरी तक करवाई थी और डाकघर के माध्यम पत्र भेजे थे। मंगलवार उक्त आरोपी पुराने काम को कराने के लिए 20 हजार और मांग रहा था, जिसे विजिलेंस ने काबू किया है। थाना विजिलेंस फिरोजपुर ने मंगलवार को रेलवे के दो क्लर्क समेत तीन आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।
पीड़ित मंगल सिंह वासी गांव अलीके ने विजिलेंस अधिकारियों को दी शिकायत में कहा कि उसके दो बेटे नसीब सिंह व गुरप्रीत सिंह हैं। उसका भाई मेजर सिंह उनके साथ रहता है। मेजर ने उससे कहा कि उसके दोस्त दलजीत सिंह निवासी दुलचीके जिला फिरोजपुर की रेलवे के वरिष्ठ अधिकारियों से जान-पहचान है। वह मेरे दोनों बेटे की रेलवे में नौकरी लगवा देगा।
इस संबंध में दलजीत से बातचीत की तो उसने कहा कि रेलवे में टिकट निरीक्षक लगाने के छह लाख रुपये और गैंगमैन भर्ती करवाने के चार लाख रुपये लगेंगे। मंगल ने दलजीत से अपने दोनों बेटे टीसी लगाने के लिए साढ़े चार-चार लाख में सौदा तय कर लिया। दलजीत ने कहा कि धनराशि तीन किश्तों में डेढ़-डेढ़ लाख रुपये करके देनी होगी। मेडिकल का लेटर डाकघर के माध्यम से आने पर दोनों बेटों की पहली किश्त दलजीत को दे दी। दिल्ली रेलवे अस्पताल में दोनों बेटों का 525-525 रुपये की रसीद काट कर मेडिकल करवाया गया। इंक्वायरी की लेटर आने पर दूसरी किश्त दलजीत को दे दी।
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उसके बाद दलजीत उन्हें दिल्ली ले गया, वहां डीआरएम दफ्तर में कार्यरत हेड क्लर्क रवि मल्होत्रा व जोगिंदर सिंह से मिलवाया। उन्होंने कहा कि तुम्हारा काम हो चुका है, घर पर ट्रेनिंग का पत्र आ जाएगा। फिर उनके घर ट्रेनिंग के लिए पत्र पहुंचा है।
दोनों बेटों को वाराणासी में तीन माह ट्रेनिंग दी गई और ट्रेनिंग के दौरान का वेतन भी दिया गया। ट्रेनिंग खत्म होने पर कहा कि अब 45 दिन बाद एक पत्र घर पहुंचेगा उसके बाद उन्हें नौकरी मिल जाएगी। मंगल ने कहा कि अभी तक उनके घर पत्र नहीं पहुंचा है। नौ लाख रुपये उनसे वसूले जा चुके हैं। दलजीत इसी कार्य को करवाने के लिए अब बीस हजार रुपये और मांग रहा है। विजिलेंस टीम ने मंगलवार को बीस हजार रुपये लेते हुए रंगेहाथों दलजीत को काबू किया है। थाना विजिलेंस ने दलजीत सिंह, हेड क्लर्क रवि मल्होत्रा व क्लर्क जोगिंदर सिंह के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।
कई नौजवानों को बनाया अपना शिकार
पुलिस सूत्रों के मुताबिक दलजीत सिंह ने कई नौजवानों को रेलवे में नौकरी दिलवाने का झांसा देकर ठगी मारी है। इसके खिलाफ कई मामले भी दर्ज हैं। इस घोटाले में कई राजनीतिक नेताओं पर भी गाज गिर सकती है। ये घोटाला लगभग 65 करोड़ रुपये का बताया जा रहा है।
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पीड़ित मंगल सिंह वासी गांव अलीके ने विजिलेंस अधिकारियों को दी शिकायत में कहा कि उसके दो बेटे नसीब सिंह व गुरप्रीत सिंह हैं। उसका भाई मेजर सिंह उनके साथ रहता है। मेजर ने उससे कहा कि उसके दोस्त दलजीत सिंह निवासी दुलचीके जिला फिरोजपुर की रेलवे के वरिष्ठ अधिकारियों से जान-पहचान है। वह मेरे दोनों बेटे की रेलवे में नौकरी लगवा देगा।
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इस संबंध में दलजीत से बातचीत की तो उसने कहा कि रेलवे में टिकट निरीक्षक लगाने के छह लाख रुपये और गैंगमैन भर्ती करवाने के चार लाख रुपये लगेंगे। मंगल ने दलजीत से अपने दोनों बेटे टीसी लगाने के लिए साढ़े चार-चार लाख में सौदा तय कर लिया। दलजीत ने कहा कि धनराशि तीन किश्तों में डेढ़-डेढ़ लाख रुपये करके देनी होगी। मेडिकल का लेटर डाकघर के माध्यम से आने पर दोनों बेटों की पहली किश्त दलजीत को दे दी। दिल्ली रेलवे अस्पताल में दोनों बेटों का 525-525 रुपये की रसीद काट कर मेडिकल करवाया गया। इंक्वायरी की लेटर आने पर दूसरी किश्त दलजीत को दे दी।
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उसके बाद दलजीत उन्हें दिल्ली ले गया, वहां डीआरएम दफ्तर में कार्यरत हेड क्लर्क रवि मल्होत्रा व जोगिंदर सिंह से मिलवाया। उन्होंने कहा कि तुम्हारा काम हो चुका है, घर पर ट्रेनिंग का पत्र आ जाएगा। फिर उनके घर ट्रेनिंग के लिए पत्र पहुंचा है।
दोनों बेटों को वाराणासी में तीन माह ट्रेनिंग दी गई और ट्रेनिंग के दौरान का वेतन भी दिया गया। ट्रेनिंग खत्म होने पर कहा कि अब 45 दिन बाद एक पत्र घर पहुंचेगा उसके बाद उन्हें नौकरी मिल जाएगी। मंगल ने कहा कि अभी तक उनके घर पत्र नहीं पहुंचा है। नौ लाख रुपये उनसे वसूले जा चुके हैं। दलजीत इसी कार्य को करवाने के लिए अब बीस हजार रुपये और मांग रहा है। विजिलेंस टीम ने मंगलवार को बीस हजार रुपये लेते हुए रंगेहाथों दलजीत को काबू किया है। थाना विजिलेंस ने दलजीत सिंह, हेड क्लर्क रवि मल्होत्रा व क्लर्क जोगिंदर सिंह के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।
कई नौजवानों को बनाया अपना शिकार
पुलिस सूत्रों के मुताबिक दलजीत सिंह ने कई नौजवानों को रेलवे में नौकरी दिलवाने का झांसा देकर ठगी मारी है। इसके खिलाफ कई मामले भी दर्ज हैं। इस घोटाले में कई राजनीतिक नेताओं पर भी गाज गिर सकती है। ये घोटाला लगभग 65 करोड़ रुपये का बताया जा रहा है।