बहिबल गोलीकांड केस: फरीदकोट अदालत में आरोपियों पर नहीं तय हो सके आरोप, सुनवाई 26 नवंबर तक स्थगित
बहिबल गोलीकांड केस में पंजाब पुलिस की एसआईटी की तरफ से आरोपियों के खिलाफ जेएमआईसी की अदालत में चार्जशीट दाखिल की जा चुकी है और जेएमआईसी की अदालत इस चार्जशीट को अगली सुनवाई के लिए जिला अदालत के पास भेज चुकी है।
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2015 के बरगाड़ी बेअदबी मामले से संबंधित बहिबल गोलीकांड केस की शुक्रवार को फरीदकोट के अतिरिक्त जिला व सेशन जज हरबंस सिंह लेखी की अदालत में सुनवाई हुई। इस दौरान पूर्व एसएसपी चरणजीत सिंह शर्मा, निलंबित आईजी परमराज सिंह उमरानंगल, एसपी बिक्रमजीत सिंह, तत्कालीन एचएचओ अमरजीत सिंह कुलार, पंकज बांसल, सुहेल सिंह बराड़ आदि सभी आरोपी हाजिर रहे। दोनों पक्षों की दलीलों सुनने के बाद अदालत ने केस की सुनवाई 26 नवंबर तक स्थगित कर दी। संभावना जताई जा रही थी कि अदालत आरोपियों पर आरोप तय कर सकती है लेकिन बचाव पक्ष की एक याचिका के कारण सुनवाई को स्थगित कर दिया गया।
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जानकारी के अनुसार बहिबल गोलीकांड केस में पंजाब पुलिस की एसआईटी की तरफ से आरोपियों के खिलाफ जेएमआईसी की अदालत में चार्जशीट दाखिल की जा चुकी है और जेएमआईसी की अदालत इस चार्जशीट को अगली सुनवाई के लिए जिला अदालत के पास भेज चुकी है। बचाव पक्ष की एक के बाद एक याचिकाओं के कारण आरोप तय करने की प्रक्रिया लंबी खींचती जा रही है।
पिछली सुनवाई के समय भी बचाव पक्ष ने दो याचिकाएं दायर की थी जिसमें एक याचिका के माध्यम से पंजाब सरकार की तरफ से इस केस के लिए स्पेशल सरकारी वकील की ड्यूटी पर लगाने पर एतराज जताया गया था। हालांकि इस मामले के उच्च न्यायालय में चले जाने के चलते बचाव पक्ष ने इस याचिका को वापिस ले लिया। एक याचिका के माध्यम से बचाव पक्ष ने एसआईटी पर एक तरफा जांच का आरोप लगाया है। बचाव पक्ष का कहना है कि चार्जशीट में घटना के समय घायल होने वाले पुलिस अधिकारियों और सरकारी मशीनरी के हुए नुकसान का कोई जिक्र नहीं किया गया है। इस पर दोनों पक्षों की दलीलों के बाद अदालत ने सुनवाई को स्थगित कर दिया।