फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Punjab ›   Faridkot: Court adjourned hearing of Behbal Firing case till November 26

बहिबल गोलीकांड केस: फरीदकोट अदालत में आरोपियों पर नहीं तय हो सके आरोप, सुनवाई 26 नवंबर तक स्थगित

Fri, 12 Nov 2021 05:04 PM IST
निवेदिता वर्मा संवाद न्यूज एजेंसी, फरीदकोट (पंजाब)
संवाद न्यूज एजेंसी, फरीदकोट (पंजाब) Published by: निवेदिता वर्मा Updated Fri, 12 Nov 2021 05:04 PM IST
सार

बहिबल गोलीकांड केस में पंजाब पुलिस की एसआईटी की तरफ से आरोपियों के खिलाफ जेएमआईसी की अदालत में चार्जशीट दाखिल की जा चुकी है और जेएमआईसी की अदालत इस चार्जशीट को अगली सुनवाई के लिए जिला अदालत के पास भेज चुकी है।

विज्ञापन
Faridkot: Court adjourned hearing of Behbal Firing case till November 26
कोर्ट - फोटो : Social Media

विस्तार

2015 के बरगाड़ी बेअदबी मामले से संबंधित बहिबल गोलीकांड केस की शुक्रवार को फरीदकोट के अतिरिक्त जिला व सेशन जज हरबंस सिंह लेखी की अदालत में सुनवाई हुई। इस दौरान पूर्व एसएसपी चरणजीत सिंह शर्मा, निलंबित आईजी परमराज सिंह उमरानंगल, एसपी बिक्रमजीत सिंह, तत्कालीन एचएचओ अमरजीत सिंह कुलार, पंकज बांसल, सुहेल सिंह बराड़ आदि सभी आरोपी हाजिर रहे। दोनों पक्षों की दलीलों सुनने के बाद अदालत ने केस की सुनवाई 26 नवंबर तक स्थगित कर दी। संभावना जताई जा रही थी कि अदालत आरोपियों पर आरोप तय कर सकती है लेकिन बचाव पक्ष की एक याचिका के कारण सुनवाई को स्थगित कर दिया गया। 

विज्ञापन


यह भी पढ़ें - आजादी पर टिप्पणी: लुधियाना में कांग्रेसी नेता ने कंगना रणौत के खिलाफ दी शिकायत, मामला दर्ज करने की मांग 
विज्ञापन


जानकारी के अनुसार बहिबल गोलीकांड केस में पंजाब पुलिस की एसआईटी की तरफ से आरोपियों के खिलाफ जेएमआईसी की अदालत में चार्जशीट दाखिल की जा चुकी है और जेएमआईसी की अदालत इस चार्जशीट को अगली सुनवाई के लिए जिला अदालत के पास भेज चुकी है। बचाव पक्ष की एक के बाद एक याचिकाओं के कारण आरोप तय करने की प्रक्रिया लंबी खींचती जा रही है। 
विज्ञापन
विज्ञापन


पिछली सुनवाई के समय भी बचाव पक्ष ने दो याचिकाएं दायर की थी जिसमें एक याचिका के माध्यम से पंजाब सरकार की तरफ से इस केस के लिए स्पेशल सरकारी वकील की ड्यूटी पर लगाने पर एतराज जताया गया था। हालांकि इस मामले के उच्च न्यायालय में चले जाने के चलते बचाव पक्ष ने इस याचिका को वापिस ले लिया। एक याचिका के माध्यम से बचाव पक्ष ने एसआईटी पर एक तरफा जांच का आरोप लगाया है। बचाव पक्ष का कहना है कि चार्जशीट में घटना के समय घायल होने वाले पुलिस अधिकारियों और सरकारी मशीनरी के हुए नुकसान का कोई जिक्र नहीं किया गया है। इस पर दोनों पक्षों की दलीलों के बाद अदालत ने सुनवाई को स्थगित कर दिया।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed