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Delhi Blast: आरोपी डॉ. उमर के संपर्क में रहे पठानकोट के डॉ. रईस को NIA ने किया रिहा, एजेंसी ने क्या-क्या पूछा?
Sun, 16 Nov 2025 07:33 PM IST
शाहिल शर्मा
संवाद न्यूज एजेंसी, पठानकोट
संवाद न्यूज एजेंसी, पठानकोट
Published by: शाहिल शर्मा
Updated Sun, 16 Nov 2025 07:33 PM IST
सार
डॉ. रईस अहमद भट्ट ने कहा कि पठानकोट आने से पहले वह दिल्ली के हमदर्द नेशनल इंस्टीट्यूट में हेड ऑफ यूनिट और वार्डन काम कर चुके हैं और उससे पहले अल फलाह यूनिवर्सिटी में बतौर प्रोफेसर रहे हैं।
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डॉ. रईस भट्ट
- फोटो : संवाद
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विस्तार
दिल्ली ब्लास्ट मामले के मुख्य आरोपी डॉ. उमर के संपर्क में रहने वाले डॉ. रईस भट्ट को एनआईए की तरफ से बीते कल पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया था और आज उनको एजेंसियों ने पूछताछ के बाद रिहा कर दिया है। पठानकोट में द व्हाइट मेडिकल पहुंच डॉ. रईस अहमद भट्ट (एमबीबीएस, एमएस, एफएमजी और सर्जरी के प्रोफेसर) ने एक प्रेसवार्ता के दौरान कई अहम खुलासे किए हैं। अब तक जांच एजेंसियां तीन हजार के करीब कश्मिरियों को हिरासत में ले चुकी है जो आरोपी डॉ. उमर के संपर्क में थे।
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डॉ. रईस अहमद भट्ट ने कहा कि पठानकोट आने से पहले वह दिल्ली के हमदर्द नेशनल इंस्टीट्यूट में हेड ऑफ यूनिट और वार्डन काम कर चुके हैं और उससे पहले अल फलाह यूनिवर्सिटी में बतौर प्रोफेसर रहे हैं। जबकि दिल्ली जाने से पहले 2022 में अल फलाह यूनिवर्सिटी छोड़ दी। उन्होंने कहा मेरी यूनिवर्सिटी छोड़ने से पहले ब्लास्ट में शामिल लोग यूनिवर्सिटी आए। जिनमें से एक इमरजेंसी में तो दूसरा फिजिशियन रहा। मरीजों के आने-जाने के बाद उक्त लोगों के साथ मेरा मेल-मिलाप बढ़ा।
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एजेंसियों ने डॉक्टर रईस से पूछा कहां-कहां आरोपियों से मिले
जांच एजेंसियां जब शुक्रवार देर रात डॉ. रईस भट्ट को पूछताछ के लिए अपने साथ ले गई तो सबसे पहले यही सवाल पूछा गया कि आरोपी डॉ. उमर मोहम्मद से कहां-कहां मिलना हुआ। क्या कहीं आरोपी से दिल्ली-कश्मीर में मिले? कभी आउट साइड मुलाकत हुई है। कोई फोन मैसेज से संपर्क हुआ क्या? डॉ. रईस ने एजेंसियों को जवाब दिया अल फलाह यूनिवर्सिटी छोड़ने के बाद उनका आरोपियों में से किसी के साथ कोई तालमेल नहीं है। जबकि एजेंसियों ने डॉ. रईस से कहा जिन लोगों का भी आरोपी के साथ तालमेल रहा या फिर हो रहा है। उसी को हम जांच पड़ताल के लिए हिरासत में ले रहे हैं। अल फलाह यूनिवर्सिटी के बहुत से लोग थे। वहां जिनसे पूछताछ हो रही है और डॉ. भट्ट को भी एजेंसियां पहले अंबाला लेकर गईं, फिर दिल्ली पूछताछ के लिए ले गए।
डा. भट्ट बोले जब उन्हें एजेंसी के लोग लेने आए तो बोले तीन चार घंटे की हमारे सीनियर पूछताछ करने के बाद आपको छोड़ दिया जाएगा। जबकि ओपीडी में जब उन्हें लेने आए तब सिविलियन के भेष में आए। रास्ते में खाना पीना भी एजेंसी सदस्यों द्वारा दिया गया। देश की सुरक्षा में सेंध ना लगे इसके संबंधी उनसे सवाल जवाब पूछे गए। जांच पूरी होने के बाद डॉ. रईस भट्ट का मेडिकल करवा उन्हें रिहा कर दिया गया।