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Patiala: अब NIS में तैयार किए जाएंगे परफॉर्मेंस एनालिस्ट, एक साल के कोर्स के लिए रखी गईं 30 सीटें
Mon, 12 Dec 2022 10:49 AM IST
निवेदिता वर्मा
रिंपी गुप्ता, अमर उजाला, पटियाला (पंजाब)
रिंपी गुप्ता, अमर उजाला, पटियाला (पंजाब)
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Mon, 12 Dec 2022 10:49 AM IST
सार
किसी भी गेम में कोच के लिए अपने हर खिलाड़ी की गेम की हर बारीकी जैसे उसके पिछले सक्सेस रेट, कहां कमी रह रही है आदि बारे जानकारी रखना बड़ा मुश्किल होता है, क्योंकि कोच ने खिलाड़ी की गेम में सुधार व टीम की सिलेक्शन पर भी काम करना होता है। ऐसे में परफॉर्मेंस एनालिस्ट का काम काफी महत्वपूर्ण हो जाता है।
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एनआईएस, पटियाला
- फोटो : https://nsnis.org/
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विस्तार
स्पोर्ट्स अथॉरिटी आफ इंडिया (साई) को अब विदेशी परफॉर्मेंस एनालिस्ट हायर नहीं करने पड़ेंगे। साई की ओर से देश में पहली बार पटियाला स्थित नेता जी सुभाष राष्ट्रीय खेल संस्थान (एनआईएस) में डिप्लोमा इन स्पोर्ट्स परफॉर्मेंस एनालिसिस की शुरुआत की गई है। एक साल के इस कोर्स के लिए 30 सीटें रखी गई हैं।
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खिलाड़ियों की गेम की हर बारीकी को तकनीकी रूप से देख-परख कर यह परफॉर्मेंस एनालिस्ट आगे संबंधित कोच को इसकी जानकारी देंगे। जिसके आधार पर कोच के लिए खिलाड़ियों के चयन में आसानी हो सकेगी। इससे कोच को सही फैसला लेने में मदद होगी। एनआईएस की डायरेक्टर एकेडमिक डा. कल्पना शर्मा ने इसकी पुष्टि की। उन्होंने बताया कि देश में एनआईएस के एकेडमिक विंग की ओर से ही फिलहाल इस कोर्स की शुरुआत की गई है।
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डायरेक्टर एकेडमिक्स ने बताया कि परफॉर्मेंस एनालिस्ट का काम रहता है कि वह खिलाड़ियों के लाइव मैच के साथ उनके ट्रेनिंग सेशन को देखकर उनकी गेम में कहां कमी रह रही है या फिर पिछले कितनी गेम्स में उनका प्रदर्शन का स्तर कैसा रहा, इन सबकी जानकारी इकट्ठा करके कोच को देता है। जिसके आधार पर कोच के लिए खिलाड़ियों की सिलेक्शन में मदद होती है। इससे कोच सही फैसला ले पाता है और साथ ही इस जानकारी से आगे चलकर खिलाड़ियों की गेम में भी सुधार हो पाता है। डा. कल्पना शर्मा के मुताबिक अब तक ज्यादातर परफार्मेंस एनालिस्ट यूके और आस्ट्रेलिया से ही निकले हैं। लेकिन अब भारत में भी इस कोर्स के शुरू होने से जहां कोचों व खिलाड़ियों को फायदा होगा, वहीं नौजवानों के लिए रोजगार के साधन भी पैदा होंगे।
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एनआईएस में शुरू किए डिप्लोमा इन स्पोर्ट्स परफॉर्मेंस एनालिसिस में बीए में 50 फीसदी अंकों के साथ पास हुआ कोई भी उम्मीदवार दाखिला हासिल कर सकता है। डिमांड होने के कारण डिप्लोमा करने वाले स्टूडेंट्स की आसानी से प्लेसमेंट हो सकेगी।