{"_id":"66713bc17513e1a603066f52","slug":"dig-jalandhar-range-reached-tanda-police-station-for-surprise-inspection-2024-06-18","type":"story","status":"publish","title_hn":"Hoshiarpur: औचक निरीक्षण करने टांडा थाने पहुंचे डीआईजी जालंधर रेंज, घर में सो रहे थे एसएचओ, निलंबित","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Hoshiarpur: औचक निरीक्षण करने टांडा थाने पहुंचे डीआईजी जालंधर रेंज, घर में सो रहे थे एसएचओ, निलंबित
Tue, 18 Jun 2024 01:18 PM IST
निवेदिता वर्मा
संवाद न्यूज एजेंसी, होशियारपुर (पंजाब)
संवाद न्यूज एजेंसी, होशियारपुर (पंजाब)
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Tue, 18 Jun 2024 01:18 PM IST
सार
डीआईजी, जालंधर रेंज ने रेंज के सभी जिलों को अवगत कराया कि वे किसी भी समय किसी भी डीएसपी कार्यालय या पुलिस स्टेशन का औचक निरीक्षण कर सकते हैं। उन्होंने आगाह किया कि पूरे बल को जारी आदेशों की जानकारी होनी चाहिए।
विज्ञापन
टांडा थाने पहुंचे डीआईजी
- फोटो : संवाद
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
डीआईजी जालंधर रेंज हरमनबीर सिंह गिल मंगलवार सुबह साढ़े सात बजे टांडा पुलिस स्टेशन का औचक निरीक्षण करने पहुंचे। यह निरीक्षण पंजाब पुलिस के ड्यूटी प्रोटोकॉल का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने के लिए था।
इस दौरान डीआईजी ने पाया कि थाने में केवल एक मुंशी था, वह भी बिना हथियार के। सुबह आठ बजे होने वाली रोल कॉल भी नहीं हुई थी। साथ ही एसएचओ थाने में नहीं थे। पता चला कि वे घर में सो रहे थे जिस पर एसएचओ को निलंबित कर लाइन हाजिर कर दिया गया।
निरीक्षण के दौरान, गिल ने पुलिस स्टेशन के रिकॉर्ड और बल की उपस्थिति की गहनता से जांच की और निरीक्षण के दौरान ध्यान में आया कि पुलिस स्टेशन में केवल एक एमएचसी बिना हथियार के मौजूद थे। साथ ही सुबह 08:00 बजे निर्धारित रोल कॉल को पुलिस स्टेशन द्वारा लागू नहीं किया गया, जो वरिष्ठ अधिकारियों के दिशा-निर्देशों का सीधा उल्लंघन है।
विज्ञापन
एसएचओ टांडा और डीएसपी टांडा भी अपने आवासों में सो रहे थे। मिली जानकारी के मुताबिक डीआईजी के दौरे के एक घंटे 45 मिनट बाद सुबह करीब सवा नौ बजे पुलिस बल थाने पहुंचा। इसे सुरक्षा में कमी और थाने के लिए संभावित खतरे का संकेत माना गया है।
एसएचओ टांडा, एसआई रमन कुमार को ड्यूटी में लापरवाही और पर्यवेक्षण की कमी के कारण निलंबित कर दिया गया और पुलिस लाइन में स्थानांतरित कर दिया गया।
डीआईजी, जालंधर रेंज ने रेंज के सभी जिलों को अवगत कराया कि वे किसी भी समय किसी भी डीएसपी कार्यालय या पुलिस स्टेशन का औचक निरीक्षण कर सकते हैं। उन्होंने आगाह किया कि पूरे बल को जारी आदेशों की जानकारी होनी चाहिए, अच्छा कर्तव्य निभाने वाले कर्मियों को पुरस्कृत किया जाएगा और नियम तोड़ने वालों को दंडित किया जाएगा।
डीआईजी जालंधर रेंज ने पुलिस स्टेशनों के जीओ रिमार्क्स रजिस्टर 13 लिखित निर्देश दिए। इनमें 1 वर्ष और 6 महीने से अधिक समय से चल रहे सभी जांचाधीन मामलों का अधिकतम निपटान सुनिश्चित करना, लंबित रद्दीकरण/अनट्रेस्ड रिपोर्टों को अदालत में पेश किया जाना, धारा 174 सीआरपीसी के तहत जांच रिपोर्ट की कानूनी कार्यवाही पूरी होने के बाद सभी मामलों को संबंधित एसडीएम न्यायालयों में प्रस्तुत करना सुनिश्चित करने को कहा गया।
विज्ञापन
इस दौरान डीआईजी ने पाया कि थाने में केवल एक मुंशी था, वह भी बिना हथियार के। सुबह आठ बजे होने वाली रोल कॉल भी नहीं हुई थी। साथ ही एसएचओ थाने में नहीं थे। पता चला कि वे घर में सो रहे थे जिस पर एसएचओ को निलंबित कर लाइन हाजिर कर दिया गया।
विज्ञापन
निरीक्षण के दौरान, गिल ने पुलिस स्टेशन के रिकॉर्ड और बल की उपस्थिति की गहनता से जांच की और निरीक्षण के दौरान ध्यान में आया कि पुलिस स्टेशन में केवल एक एमएचसी बिना हथियार के मौजूद थे। साथ ही सुबह 08:00 बजे निर्धारित रोल कॉल को पुलिस स्टेशन द्वारा लागू नहीं किया गया, जो वरिष्ठ अधिकारियों के दिशा-निर्देशों का सीधा उल्लंघन है।
विज्ञापन
एसएचओ टांडा और डीएसपी टांडा भी अपने आवासों में सो रहे थे। मिली जानकारी के मुताबिक डीआईजी के दौरे के एक घंटे 45 मिनट बाद सुबह करीब सवा नौ बजे पुलिस बल थाने पहुंचा। इसे सुरक्षा में कमी और थाने के लिए संभावित खतरे का संकेत माना गया है।
एसएचओ टांडा, एसआई रमन कुमार को ड्यूटी में लापरवाही और पर्यवेक्षण की कमी के कारण निलंबित कर दिया गया और पुलिस लाइन में स्थानांतरित कर दिया गया।
डीआईजी, जालंधर रेंज ने रेंज के सभी जिलों को अवगत कराया कि वे किसी भी समय किसी भी डीएसपी कार्यालय या पुलिस स्टेशन का औचक निरीक्षण कर सकते हैं। उन्होंने आगाह किया कि पूरे बल को जारी आदेशों की जानकारी होनी चाहिए, अच्छा कर्तव्य निभाने वाले कर्मियों को पुरस्कृत किया जाएगा और नियम तोड़ने वालों को दंडित किया जाएगा।
डीआईजी जालंधर रेंज ने पुलिस स्टेशनों के जीओ रिमार्क्स रजिस्टर 13 लिखित निर्देश दिए। इनमें 1 वर्ष और 6 महीने से अधिक समय से चल रहे सभी जांचाधीन मामलों का अधिकतम निपटान सुनिश्चित करना, लंबित रद्दीकरण/अनट्रेस्ड रिपोर्टों को अदालत में पेश किया जाना, धारा 174 सीआरपीसी के तहत जांच रिपोर्ट की कानूनी कार्यवाही पूरी होने के बाद सभी मामलों को संबंधित एसडीएम न्यायालयों में प्रस्तुत करना सुनिश्चित करने को कहा गया।