{"_id":"0e2ccab49d89743c04f9e8ab52d7543c","slug":"decrease-in-real-estate-registries","type":"story","status":"publish","title_hn":"जमीन जायदाद की रजिस्ट्रियों में भारी कमी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जमीन जायदाद की रजिस्ट्रियों में भारी कमी
अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Sat, 28 Dec 2013 12:59 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अकाली-भाजपा सरकार के कार्यकाल में प्रापर्टी में आई गिरावट के चलते राज्य को इस साल अब तक 1500 करोड़ रुपये के राजस्व का घाटा हुआ है।
मंदी के चलते नवंबर माह में 13 फीसदी गिरावट दर्ज की गई है। राज्य में जमीन के भाव लगातार कम हो रहे हैं। रियल इस्टेट कारोबार में निवेश करने वाले कारोबारी परेशान हैं क्योंकि रियल इस्टेट सेक्टर में बूम नहीं है।
राज्य सरकार ने जब से प्रापर्टी टैक्स के लिए अधिसूचना जारी कर कालोनियों को नियमित करने की प्रक्रिया शुरू की है तब से मार्केट में मंदी बढ़ी है।
राजस्व विभाग के एक आला अधिकारी ने बताया कि नवंबर माह में 13 फीसदी गिरावट दर्ज की गई। नवंबर माह में 1669 करोड़ का राजस्व प्राप्त हुआ जबकि पिछले साल इस समय के दौरान 1920 करोड़ रुपये प्राप्त हुए थे।
राज्य सरकार ने चालू वर्ष में 20 फीसदी राजस्व बढ़ोतरी का लक्ष्य निर्धारित किया था। मंदी के चलते लक्ष्य तक पहुंचने की बजाय राजस्व में 13 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई।
विज्ञापन
इससे साफ है कि कुल लक्ष्य का 30 फीसदी गिरावट दर्ज की गई है। राजस्व विभाग ने नवंबर तक 22,250 करोड़ रुपये का राजस्व इकट्ठा किया जबकि 23,771 करोड़ रुपये खर्च किए गए।
विभागीय अधिकारियों को उम्मीद है कि अगली खरीफ फसल के बाद राजस्व में बढ़ोतरी की संभावना है।
अवैध कालोनियों से वसूले 360 करोड़
प्रापर्टी टैक्स और अवैध कालोनियों को नियमित करने के लिए सरकार ने जो नीति बनाई है उसका आर्थिक लाभ तो मिल रहा है लेकिन राजस्व विभाग को इसका नुकसान हुआ है।
अवैध कालोनियों को नियमित करने के मामले में सरकार को अब तक 360 करोड़ रुपये का राजस्व मिला है। राजस्व विभाग के अधिकारियों का कहना है यह रकम निकाय विभाग के पास जा रही है।
इसका उपयोग भी इन कालोनियों में सुविधाएं दिए जाने के काम में होगा। इसका उनके विभाग को कोई लाभ नहीं है।
विज्ञापन
मंदी के चलते नवंबर माह में 13 फीसदी गिरावट दर्ज की गई है। राज्य में जमीन के भाव लगातार कम हो रहे हैं। रियल इस्टेट कारोबार में निवेश करने वाले कारोबारी परेशान हैं क्योंकि रियल इस्टेट सेक्टर में बूम नहीं है।
राज्य सरकार ने जब से प्रापर्टी टैक्स के लिए अधिसूचना जारी कर कालोनियों को नियमित करने की प्रक्रिया शुरू की है तब से मार्केट में मंदी बढ़ी है।
राजस्व विभाग के एक आला अधिकारी ने बताया कि नवंबर माह में 13 फीसदी गिरावट दर्ज की गई। नवंबर माह में 1669 करोड़ का राजस्व प्राप्त हुआ जबकि पिछले साल इस समय के दौरान 1920 करोड़ रुपये प्राप्त हुए थे।
विज्ञापन
राज्य सरकार ने चालू वर्ष में 20 फीसदी राजस्व बढ़ोतरी का लक्ष्य निर्धारित किया था। मंदी के चलते लक्ष्य तक पहुंचने की बजाय राजस्व में 13 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई।
विज्ञापन
इससे साफ है कि कुल लक्ष्य का 30 फीसदी गिरावट दर्ज की गई है। राजस्व विभाग ने नवंबर तक 22,250 करोड़ रुपये का राजस्व इकट्ठा किया जबकि 23,771 करोड़ रुपये खर्च किए गए।
विभागीय अधिकारियों को उम्मीद है कि अगली खरीफ फसल के बाद राजस्व में बढ़ोतरी की संभावना है।
अवैध कालोनियों से वसूले 360 करोड़
प्रापर्टी टैक्स और अवैध कालोनियों को नियमित करने के लिए सरकार ने जो नीति बनाई है उसका आर्थिक लाभ तो मिल रहा है लेकिन राजस्व विभाग को इसका नुकसान हुआ है।
अवैध कालोनियों को नियमित करने के मामले में सरकार को अब तक 360 करोड़ रुपये का राजस्व मिला है। राजस्व विभाग के अधिकारियों का कहना है यह रकम निकाय विभाग के पास जा रही है।
इसका उपयोग भी इन कालोनियों में सुविधाएं दिए जाने के काम में होगा। इसका उनके विभाग को कोई लाभ नहीं है।