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Punjab: आंधी के साथ बना जलस्तंभ, हवा के तेज घुमाव में टूटी दीवारें
Sat, 02 Mar 2024 10:11 PM IST
भूपेंद्र सिंह
संवाद न्यूज एजेंसी, बठिंडा (पंजाब)
संवाद न्यूज एजेंसी, बठिंडा (पंजाब)
Published by: भूपेंद्र सिंह
Updated Sat, 02 Mar 2024 10:11 PM IST
सार
हरियाणा-पंजाब के कई क्षेत्रों में बारिश और ओलावृष्टि हुई है। पश्चिमी विक्षोभ के कारण तेज मौसम बदला है। तीन मार्च को भी बारिश और ओलावृष्टि की संभावना रहेगी। पंजाब में जलस्तंभ बनने का मामला सामने आया है।
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पंजाब में बना जलस्तंभ
- फोटो : संवाद
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विस्तार
पंजाब के बठिंडा में शनिवार को दोपहर के समय जिले के विभिन्न गांव में गिरे भारी ओलों के अलावा गांव कोठा गुरू का में बारिश से पहले तेज आंधी के साथ जलस्तंभ देखने को मिला। जो एक पाइप जैसे रूप में बनकर बादलों तक पहुंचा। वहीं तेज आंधी ने गांव कोठा गुरू का के एक शैलर की दीवारों को तोड़ दिया और वहीं टीन वाली छत रखी चादरों को तोड़ दिया।
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गांव कोठा गुरू का के एक सूत्र से प्राप्त हुए जलस्तंभ के वीडियो के बारे में लोग बता रहे हैं कि उक्त जलस्तंभ बनकर गोलचक्कर बनाते हुए आसमान में चला गया था। इस से पहले भयंकर तुफान की तरह आंधी आई और वृक्षों को तोड़ने के अलावा दीवारों तक को गिरा दिया। बठिंडा में इस तरह का जलस्तंभ पहली बार देखने को मिला है।
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जिस को लेकर लोग अलग-अलग तरह की चर्चा कर रहे थे। गांव वासियों के अनुसार गांव कोठा गुरू का में बड़ी मात्रा में लोगों का नुकसान हुआ है, वहीं फसलों पर भी असर पड़ा है। जिसका पता जांच करने पर चलेगा कि उक्त जलस्तंभ एवं तेज आंधी और बारिश के साथ कितनी फसल खराब हुई है।
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बतातें चलें कि जलस्तंभ में ऐसा दिखता है कि बादल धरती से पानी उठा रहे हैं, यह पानी भांप के रुप में बादलों में जाकर मिल जाता हैं। जैसे बादल बनते हैं वैसे ही कुछ यह प्रक्रिया होती है। जलस्तंभ हवा की वजह से बनता है। जब आसमान में सक्रिय बादलों का निर्माण होता है तो उसी समय यह क्रिया होती है। बादल जिस तरफ से आ रहे हैं उससे विपरीत की हवा आने पर यह बनते हैं।
जब हवा एक गोलाई में ऊपर उड़ती है। ज्यादातर जलस्तंभ ताकतवर नहीं होते, लेकिन कई बार एक तुफान का रूप ले लेते हैं। यह 15 से 20 मिनट तक ही रहते हैं। भारत में यह कम ही देखने को मिलते हैं, लेकिन यह प्राकृतिक क्रिया है और अधिक नमी होने पर देखने को मिल सकती है।