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भाखड़ा-पौंग बांधों में पानी की कमी: पंजाब-हरियाणा और राजस्थान की बढ़ी चिंता, गेहूं की सिंचाई पर संकट के बादल

Tue, 27 Oct 2026 09:29 AM IST
Nivedita राजिंद्र शर्मा, अमर उजाला, चंडीगढ़
राजिंद्र शर्मा, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: Nivedita Updated Tue, 27 Oct 2026 09:29 AM IST
सार

पंजाब में पहले ही मानसून के दौरान सामान्य से 41 फीसदी कम बारिश हुई है। इससे कृषि क्षेत्र पर दबाव बढ़ा है। अब बांधों में पानी की कमी बनी रही तो रबी की फसलों की सिंचाई प्रभावित हो सकती है। वहीं, पेयजल की जरूरत पूरी करने और बिजली उत्पादन बनाए रखने को लेकर भी चुनौती बढ़ सकती है।

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Water shortage in Bhakra Pong dams Concerns mount for Punjab Haryana Rajasthan wheat irrigation
भाखड़ा और पाैंग डैम में पानी घटा - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

भाखड़ा और पौंग बांधों में पिछले साल के मुकाबले पानी का स्तर काफी नीचे चला गया है। भाखड़ा में 38 फीट और पौंग में 22 फीट कम पानी होने से पंजाब, हरियाणा और राजस्थान की चिंता बढ़ गई है। 
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दोनों बांधों में पानी की आवक भी घट रही है। ऐसे में आगामी रबी सीजन के दौरान सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध कराना बड़ी चुनौती बन सकता है। जलस्तर में गिरावट का असर पेयजल आपूर्ति और बिजली उत्पादन पर भी पड़ने की आशंका है।
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रबी सीजन में गेहूं और दूसरी फसलों की बुआई एक नवंबर से शुरू होकर दिसंबर तक चलेगी। इस दौरान सिंचाई के लिए पानी की मांग बढ़ेगी। तीनों राज्यों ने अपनी मांग भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड (बीबीएमबी) को भेज दी है। कम जलस्तर और घटते इनफ्लो के बीच राज्यों की मांग पूरी करना बोर्ड के लिए चुनौतीपूर्ण होगा। बोर्ड ने राज्यों से पानी की मांग कम रखने की अपील की है, ताकि रबी सीजन में सिंचाई के लिए परेशानी न हो।
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पंजाब में पहले ही मानसून के दौरान सामान्य से 41 फीसदी कम बारिश हुई है। इससे कृषि क्षेत्र पर दबाव बढ़ा है। अब बांधों में पानी की कमी बनी रही तो रबी की फसलों की सिंचाई प्रभावित हो सकती है। वहीं, पेयजल की जरूरत पूरी करने और बिजली उत्पादन बनाए रखने को लेकर भी चुनौती बढ़ सकती है। पानी की उपलब्धता में कमी से पंजाब और हरियाणा के बीच जल बंटवारे का मुद्दा फिर गर्माने की आशंका है।
 
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भाखड़ा का जलस्तर 1632 फीट, इनफ्लो भी घटा
भाखड़ा बांध का जलस्तर फिलहाल 1632 फीट है, जबकि पिछले साल इसी अवधि में यह करीब 1670 फीट था। बांध में पानी की आवक भी कम हुई है। पिछले साल इनफ्लो 12,759 क्यूसेक था, जो अब करीब 8,500 क्यूसेक रह गया है। इससे बांध में पानी की उपलब्धता पर दबाव बढ़ने की आशंका है। अधिकारियों के अनुसार, आम तौर पर भाखड़ा का जलस्तर 1505 फीट से नीचे नहीं ले जाया जाता। पौंग बांध के लिए यह स्तर 1300 फीट रखा जाता है।

तीनों राज्यों ने मांगा पानी
पंजाब ने करीब 30,000 क्यूसेक पानी की मांग की है। इसमें भाखड़ा से 20,000 और रावी-ब्यास से 10,000 क्यूसेक पानी शामिल है। हरियाणा ने करीब 7,800 क्यूसेक और राजस्थान ने 10,000 क्यूसेक पानी मांगा है। रबी सीजन में मांग और बढ़ने की संभावना है। ऐसे में उपलब्ध पानी के बीच सभी राज्यों की जरूरतें पूरी करना बीबीएमबी के लिए चुनौती होगी।

पंजाब में 41 फीसदी कम बारिश
इस साल मानसून के दौरान पंजाब में सामान्य से 41 फीसदी कम बारिश दर्ज की गई। कम बारिश का असर पहले ही कृषि क्षेत्र पर पड़ने की आशंका है। अब बांधों में घटते जलस्तर और कम इनफ्लो के कारण रबी सीजन में सिंचाई की चिंता बढ़ गई है। यदि पर्याप्त पानी नहीं मिला तो गेहूं समेत दूसरी फसलों की पैदावार प्रभावित होने का खतरा रहेगा।
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