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भारी बारिश से पंजाब में हालात खराब: रणजीत सागर डैम से हजारों क्यूसेक पानी छोड़ा; सतलुज, ब्यास और रावी में उफान

Tue, 26 Aug 2025 01:13 AM IST
विजय पुंडीर अमर उजाला नेटवर्क, पठानकोट
अमर उजाला नेटवर्क, पठानकोट Published by: विजय पुंडीर Updated Tue, 26 Aug 2025 01:13 AM IST
सार

भाखड़ा, पौंग, रणजीत सागर डैम से हजारों क्यूसेक पानी रोजाना सतलुज, ब्यास और रावी में छोड़ा जा रहा है। पंजाब के आठ जिलों पठानकोट, कपूरथला, मोगा, तरनतारन, फाजिल्का, फिरोजपुर, अमृतसर और होशियारपुर में हालात खराब होते जा रहे हैं।

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Situation worsens in Punjab due to heavy rains, thousands of cusecs of water released from Ranjit Sagar Dam
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : FreePik

विस्तार

मूसलाधार बारिश के कारण बांधों का जलस्तर खतरे के निशान की तरफ बढ़ता जा रहा है। इस वजह से भाखड़ा, पौंग, रणजीत सागर डैम से हजारों क्यूसेक पानी रोजाना सतलुज, ब्यास और रावी में छोड़ा जा रहा है। इस वजह से पंजाब के आठ जिलों पठानकोट, कपूरथला, मोगा, तरनतारन, फाजिल्का, फिरोजपुर, अमृतसर और होशियारपुर में हालात खराब होते जा रहे हैं। सोमवार को ब्यास में करीब एक लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया। बॉर्डर एरिया के सैकड़ों गांव और घरों में पानी घुस गया है। हजारों एकड़ भूमि जलमग्न हो गई है। फसलों का काफी नुकसान हुआ है। सड़कें बह जाने की वजह से यातायात प्रभावित हुआ है। पठानकोट के शाहपुरकंडी क्षेत्र स्थित रणजीत सागर झील में सोमवार को जलस्तर 526 मीटर पर पहुंच गया। भारी बारिश के अलर्ट की वजह से डैम प्रशासन ने सोमवार सुबह 9:30 बजे डैम के सातों गेट एक मीटर तक खोल रावी दरिया में 80 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा। पानी छोड़ने की वजह से आसपास के इलाके डूब गए। एक परिवार के चार लोग जंगल क्षेत्र में फंस गए जिन्हें बचाव दल ने रेस्क्यू किया।

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एक छह साल का बच्चा साहिल पैर फिसलने की वजह खड्ड में गिरकर तेज बहाव में बह गया, जिससे उसकी मौत हो गई। उसका शव कुछ दूरी पर झाड़ियों में फंसा मिला। सड़कें जलमग्न होेने और कटाव की वजह से यातायात प्रभावित हो रहा है। बाढ़ की वजह से ट्रैफिक जाम हो गया है जिससे नेशनल हाइवे पर वाहनों की लंबी कतारें लग गई हैं। जम्मू-कश्मीर-पठानकोट का कुछ हिस्सा बंद होने के चलते पठानकोट जिला पुलिस ने अन्य रूटों से वाहनों को निकाला है। पठानकोट के रंजीत सागर डैम रोड धार कलां की तरफ भूस्खलन से रास्ता बंद हो गया है जिससे जनता को परेशानी हो रही है। सोमवार को कई जगह भारी बारिश दर्ज की गई। बसोहली में 166.5 मिमी, शाहपुरकंडी में 88.5, डैम साइड 147.0, महानपुर 83.0, भूड 46.0, बनी 136.2, पट्टी 146.2, खेरी 142.02, सारटी 163.4, सुरंगानी 46.0 एवं चंबा 84.2 मिमी बारिश दर्ज की गई। मौसम विभाग ने आगामी तीन दिनों के लिए भी भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। जिला प्रशासन ने लोगों को नदियों और खड्डों से दूर रहने की सलाह दी है।

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पठानकोट-होशियारपुर के स्कूलों में छुट्टी
बाढ़ के कहर को देखते हुए डीसी आदित्य उप्पल ने पठानकोट के सभी स्कूलों और कॉलेजों समेत अन्य शिक्षक संस्थाओं में मंगलवार की छुट्टी घोषित की है। जिन स्कूलों में बोर्ड की परीक्षाएं और प्रेक्टीकल जारी हैं, उन पर यह आदेश लागू नहीं होंगे। होशियारपुर की डीसी आशिका जैन ने भी बारिश से बिगड़े हालातों को देखते हुए जिले के सभी सरकारी और निजी स्कूलों में दो दिन मंगलवार और बुधवार को अवकाश की घोषणा की है।

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परिवार के चार सदस्य रेस्क्यू किए
पुलिस थाना शाहपुरकंडी की प्रभारी अमनदीप कौर ने बताया कि उन्हें सुबह 10 बजे सूचना मिली थी कि डैम के पास स्थित गांव अदियाल में परिवार के चार लोग जंगल में फंस गए हैं। इनमें दो साल का बच्चा, एक पुरुष मोहम्मद शफी और दो महिलाएं बीनू व रेशमा शामिल है। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने बताया कि बचाव दल ने सभी को सुरक्षित निकाल लिया है।

बॉर्डर क्षेत्र में लोगों के घर डूबे
पठानकोट के बॉर्डर क्षेत्र गांव पम्मा और ताश में कई लोगों के घरों में रावी दरिया का पानी आ गया जिससे घर का सामान बह गया है। पम्मा गांव के लोगों ने कहा कि बड़ी मुश्किल से उनके परिवार के सदस्याें की जान बची है। प्रशासन उनकी कोई मदद नहीं कर रहा। लोग भूख-प्यास से तड़प रहे हैं। दूसरी तरफ, धारकलां में हो रही लैंड स्लाइडिंग सरकारी स्कूलों और लोगों के घरों तक पहुंच चुकी है। चक्की खड्ड भी उफान पर होने के चलते रेल पुल खतरे में पहुंच चुका है।

पाकिस्तान की तरफ छोड़ा 1.40 हजार क्यूसेक पानी
हुसैनीवाला बैराज से 1,40,000 क्यूसेक पानी पाकिस्तान की तरफ छोड़ा गया है। अगर पाकिस्तान इस पानी को आगे जाने से रोकता है तो इसके वापस आने का खतरा है जिससे बाढ़ विकराल रूप धारण कर सकती है। ब्यास भी डेंजर मार्क तक पहुंच गई है, जिसमें 100,161 क्यूसिक पानी छोड़ा गया है। इस कारण सुल्तानपुर लोधी के 25 गांवों को भी अलर्ट पर रखा गया है।

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