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'मरते दम तक कांग्रेसी रहूंगा': राणा गुरजीत ने अटकलों पर लगाया विराम, कहा-पार्टी छोड़ने का सवाल ही नहीं उठता
Tue, 27 Oct 2026 01:37 PM IST
Nivedita
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: Nivedita
Updated Tue, 27 Oct 2026 01:37 PM IST
सार
राणा गुरजीत सिंह का यह बयान ऐसे समय आया है, जब दोआबा क्षेत्र के एक वरिष्ठ कांग्रेस नेता के पार्टी छोड़ने की अटकलें लगाई जा रही थीं। हाल ही में पूर्व कांग्रेस विधायक रामिंदर सिंह आवला शिरोमणि अकाली दल में शामिल हुए हैं। इसके बाद से ही दोआबा के एक अन्य प्रभावशाली कांग्रेस नेता के पार्टी छोड़ने की चर्चाएं शुरू हो गई थीं।
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राणा गुरजीत सिंह
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
पंजाब के वरिष्ठ विधायक और पूर्व मंत्री राणा गुरजीत सिंह ने कांग्रेस छोड़ने की अटकलों को खारिज किया है। राणा ने कहा कि वह आखिरी सांस तक कांग्रेस में ही रहेंगे। उन्होंने कहा कि उनका परिवार लंबे समय से कांग्रेस से जुड़ा है और पार्टी छोड़ने का सवाल ही नहीं उठता।
राणा गुरजीत सिंह ने इन अटकलों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, 'मैं जन्म से कांग्रेसी हूं और कांग्रेसी के रूप में ही मरूंगा। उन्होंने मीडिया से बिना पुष्टि के खबरें प्रसारित न करने की अपील भी की। उन्होंने कहा कि उनके पिता कांग्रेसी थे, वह स्वयं कांग्रेसी हैं और उनके बेटे की विचारधारा भी कांग्रेस से जुड़ी है।
बेटे के लिए छोड़ सकते हैं टिकट का दावा
राणा गुरजीत सिंह ने 2027 के विधानसभा चुनाव में अपने बेटे राणा इंदर प्रताप सिंह की राजनीतिक संभावनाओं पर भी बात की। उनका बेटा फिलहाल सुल्तानपुर लोधी से निर्दलीय विधायक हैं। राणा गुरजीत सिंह ने अपने बेटे की चुनावी जीत की संभावनाओं पर भरोसा जताते हुए कहा कि टिकट आवंटन में उम्मीदवार की जीतने की क्षमता को भी ध्यान में रखा जाना चाहिए।
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कांग्रेस में एक परिवार से एक ही उम्मीदवार को टिकट देने के प्रस्ताव पर उन्होंने संकेत दिया कि यदि पार्टी इस नियम को सख्ती से लागू करती है तो वह अपने बेटे के लिए रास्ता छोड़ सकते हैं। ऐसी स्थिति में वह कपूरथला विधानसभा सीट से अपनी दावेदारी छोड़कर बेटे को सुल्तानपुर लोधी से टिकट देने की पैरवी कर सकते हैं।
कपूरथला सीट पर भी जताया भरोसा
यह पूछे जाने पर कि यदि वह कपूरथला से चुनाव नहीं लड़ते तो वहां से कांग्रेस का उम्मीदवार कौन होगा, राणा गुरजीत सिंह ने भरोसा जताया कि पार्टी का उम्मीदवार जीत हासिल करेगा। हालांकि, उन्होंने किसी संभावित उम्मीदवार का नाम नहीं बताया।
राणा गुरजीत सिंह फिलहाल कपूरथला से विधायक हैं जबकि उनके बेटे राणा इंदर प्रताप सिंह ने 2022 के विधानसभा चुनाव में सुल्तानपुर लोधी सीट से निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में जीत दर्ज की थी।
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राणा गुरजीत सिंह ने इन अटकलों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, 'मैं जन्म से कांग्रेसी हूं और कांग्रेसी के रूप में ही मरूंगा। उन्होंने मीडिया से बिना पुष्टि के खबरें प्रसारित न करने की अपील भी की। उन्होंने कहा कि उनके पिता कांग्रेसी थे, वह स्वयं कांग्रेसी हैं और उनके बेटे की विचारधारा भी कांग्रेस से जुड़ी है।
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बेटे के लिए छोड़ सकते हैं टिकट का दावा
राणा गुरजीत सिंह ने 2027 के विधानसभा चुनाव में अपने बेटे राणा इंदर प्रताप सिंह की राजनीतिक संभावनाओं पर भी बात की। उनका बेटा फिलहाल सुल्तानपुर लोधी से निर्दलीय विधायक हैं। राणा गुरजीत सिंह ने अपने बेटे की चुनावी जीत की संभावनाओं पर भरोसा जताते हुए कहा कि टिकट आवंटन में उम्मीदवार की जीतने की क्षमता को भी ध्यान में रखा जाना चाहिए।
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कांग्रेस में एक परिवार से एक ही उम्मीदवार को टिकट देने के प्रस्ताव पर उन्होंने संकेत दिया कि यदि पार्टी इस नियम को सख्ती से लागू करती है तो वह अपने बेटे के लिए रास्ता छोड़ सकते हैं। ऐसी स्थिति में वह कपूरथला विधानसभा सीट से अपनी दावेदारी छोड़कर बेटे को सुल्तानपुर लोधी से टिकट देने की पैरवी कर सकते हैं।
कपूरथला सीट पर भी जताया भरोसा
यह पूछे जाने पर कि यदि वह कपूरथला से चुनाव नहीं लड़ते तो वहां से कांग्रेस का उम्मीदवार कौन होगा, राणा गुरजीत सिंह ने भरोसा जताया कि पार्टी का उम्मीदवार जीत हासिल करेगा। हालांकि, उन्होंने किसी संभावित उम्मीदवार का नाम नहीं बताया।
राणा गुरजीत सिंह फिलहाल कपूरथला से विधायक हैं जबकि उनके बेटे राणा इंदर प्रताप सिंह ने 2022 के विधानसभा चुनाव में सुल्तानपुर लोधी सीट से निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में जीत दर्ज की थी।