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पंजाब कांग्रेस में बड़ा बदलाव!: राजा वडिंग छोड़ेंगे प्रदेश अध्यक्ष पद, इनका प्रधान बनना लगभग तय, नाम सबसे आगे

Thu, 01 Oct 2026 11:31 AM IST
Sharukh Khan अमर उजाला नेटवर्क, चंडीगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, चंडीगढ़ Published by: Sharukh Khan Updated Thu, 01 Oct 2026 11:31 AM IST
सार

पंजाब विधानसभा चुनाव से कुछ महीने पहले कांग्रेस में चल रहा अंदरूनी घमासान अब नेतृत्व परिवर्तन तक पहुंच गया है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वडिंग की जगह नया चेहरा लाने की तैयारी की जा रही है। पंजाब कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष वडिंग ने हाईकमान को अपना इस्तीफा भेज दिया है। पूर्व केंद्रीय व राज्य मंत्री और पार्टी का जाना-माना हिंदू चेहरा विजय इंदर सिंगला का पंजाब कांग्रेस का प्रधान बनना लगभग तय हो गया है।

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Punjab Congress Leadership Raja Warring Resigns, Vijay Inder Singla Emerges as Front-Runner
विजय इंदर सिंगला - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

पंजाब चुनाव से पहले कांग्रेस में बड़े सांगठनिक फेरबदल की सुगबुगाहट तेज हो गई है। कांग्रेस हाई कमान ने पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग को अचानक दिल्ली तलब किया है। 
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सूत्रों के मुताबिक, पार्टी के वरिष्ठ नेता और संगठन महासचिव के.सी. वेणुगोपाल ने उन्हें दिल्ली बुलाया है। माना जा रहा है कि हाई कमान आज राजा वड़िंग से औपचारिक रूप से इस्तीफा ले सकता है। 
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राजा वड़िंग को इस बदलाव की जानकारी पहले ही दे दी गई थी, जिसके चलते उन्होंने बीते दिन ही अपने सभी पूर्व निर्धारित कार्यक्रम सीमित कर दिए थे।

कौन बनेगा नया पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष?
हाई कमान बिना किसी देरी के जल्द ही पंजाब कांग्रेस के नए अध्यक्ष के नाम की घोषणा कर सकता है। नए प्रदेश अध्यक्ष की रेस में तीन प्रमुख नाम सबसे आगे चल रहे हैं
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  • परगट सिंह: पूर्व भारतीय हॉकी कप्तान और जालंधर कैंट से कांग्रेस विधायक।  
  • विजय इंदर सिंगला: पूर्व केंद्रीय व राज्य मंत्री और पार्टी का जाना-माना हिंदू चेहरा।  
  • सुखजिंदर सिंह सुख सरकारिया: वरिष्ठ कांग्रेस नेता और पूर्व कैबिनेट मंत्री।
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पार्टी सूत्रों का कहना है कि आगामी चुनावों और अंदरूनी गुटबाजी को साधने के लिए हाई कमान जल्द ही नए चेहरे के नाम पर अंतिम मुहर लगा सकता है।

पंजाब कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष वडिंग ने हाईकमान को भेजा अपना इस्तीफा
पंजाब कांग्रेस में लंबे समय से चल रही गुटबाजी के बीच प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वडिंग ने पार्टी में एकजुटता बनाए रखने के लिए अपने पद से इस्तीफे की पेशकश की है। पार्टी हाईकमान अब नए प्रदेश अध्यक्ष के चयन की प्रक्रिया आगे बढ़ा सकता है। 

 

राजा वडिंग ने अपना इस्तीफा हाईकमान को भेज दिया है। जल्द हाईकमान इस पर अंतिम फैसला लेगी। माना जा रहा है कि 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले संगठन में खींचतान खत्म कर सभी नेताओं को एक मंच पर लाने की कवायद के तहत यह कदम अहम है। राजा वडिंग ने अप्रैल 2022 में पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष का पद संभाला था।

पंजाब कांग्रेस में बड़ा बदलाव संभव
पंजाब कांग्रेस में एक बार फिर नेतृत्व परिवर्तन की चर्चाओं ने जोर पकड़ लिया है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वडिंग की जगह नया चेहरा लाने की तैयारी की जा रही है। पार्टी सूत्रों के मुताबिक अगले 48 घंटे में इस पर फैसला हो सकता है। 
 

पंजाब कांग्रेस में नेतृत्व परिवर्तन की यह कवायद पिछले कई महीनों से चल रही अंदरूनी खींचतान की अगली कड़ी मानी जा रही है। पार्टी सूत्रों का दावा है कि सचिन पायलट ने पंजाब कांग्रेस की मौजूदा राजनीतिक और संगठनात्मक स्थिति पर विस्तृत रिपोर्ट हाईकमान को सौंप दी है। 

 

इसी रिपोर्ट के बाद प्रदेश संगठन में बदलाव को लेकर गतिविधियां तेज हुई हैं। हाईकमान के स्तर पर नए प्रदेश अध्यक्ष को लेकर मंथन चल रहा है। 

 

विजय इंदर सिंगला, चरणजीत सिंह चन्नी, सुखजिंदर सिंह रंधावा, प्रताप सिंह बाजवा, परगट सिंह, गुरजीत सिंह औजला और सुखबिंदर सिंह सरकारिया के नाम संभावित विकल्पों में बताए जा रहे हैं। राजा वडिंग और पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी के बीच संगठन और नेतृत्व को लेकर मतभेद लगातार चर्चा में रहे हैं।

 

जुलाई में कांग्रेस हाईकमान ने वडिंग को प्रदेश अध्यक्ष पद पर बनाए रखने का फैसला किया था लेकिन इस फैसले के बाद पार्टी के भीतर विरोध के स्वर और तेज हो गए। चन्नी समेत कई वरिष्ठ नेताओं की ओर से संगठन को नए सिरे से मजबूत करने की जरूरत बताई जाती रही। 

 

दोनों खेमों के बीच खींचतान का असर पार्टी की गतिविधियों और 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारियों पर भी पड़ता दिखाई दिया। इसी स्थिति को देखते हुए कांग्रेस हाईकमान ने तत्कालीन पंजाब प्रभारी भूपेश बघेल को संगठन की स्थिति का जायजा लेने की जिम्मेदारी दी थी। 

 

बघेल ने पंजाब के नेताओं से व्यापक स्तर पर बातचीत की और विभिन्न गुटों के नेताओं से फीडबैक लिया। हालांकि इसके बावजूद वडिंग को प्रदेश अध्यक्ष पद पर बरकरार रखने का फैसला हुआ था। 
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