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IIT रोपड़ की पीएचडी छात्रा का इस्तीफा रद्द: HC ने कहा-उत्पीड़न और प्रतिकूल परिस्थितियों में दिया गया
Fri, 26 Jun 2026 11:46 AM IST
Nivedita
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: Nivedita
Updated Fri, 26 Jun 2026 11:46 AM IST
सार
जस्टिस कुलदीप तिवारी ने फातिमा मकसूद की याचिका स्वीकार करते हुए यह फैसला सुनाया। छात्रा ने 22 नवंबर 2025 को स्वीकार किए गए अपने इस्तीफे को चुनौती दी थी। उसने 21 नवंबर 2025 को आईआईटी रोपड़ के निदेशक को शिकायत भेजी थी।
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पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने आईआईटी रोपड़ की एक पीएचडी छात्रा का इस्तीफा रद्द कर दिया है। अदालत ने स्पष्ट किया कि उत्पीड़न और प्रतिकूल परिस्थितियों के आरोपों के बीच दिया गया यह इस्तीफा स्वैच्छिक नहीं था। हाईकोर्ट ने छात्रा को पीएचडी कार्यक्रम में दोबारा शामिल करने का आदेश दिया है।
जस्टिस कुलदीप तिवारी ने फातिमा मकसूद की याचिका स्वीकार करते हुए यह फैसला सुनाया। छात्रा ने 22 नवंबर 2025 को स्वीकार किए गए अपने इस्तीफे को चुनौती दी थी। उसने 21 नवंबर 2025 को आईआईटी रोपड़ के निदेशक को शिकायत भेजी थी। छात्रा ने रसायन विभाग के फैकल्टी सदस्यों पर उत्पीड़न और दुर्व्यवहार का आरोप लगाया था। उसने बताया कि प्रताड़ना से उसकी मानसिक स्थिति प्रभावित हुई थी।
अदालत ने पाया कि शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बजाय अगले ही दिन उसका इस्तीफा स्वीकार कर लिया गया। इस्तीफे में भी छात्रा ने उत्पीड़न के कारण संस्थान छोड़ने की बात लिखी थी।
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जस्टिस कुलदीप तिवारी ने फातिमा मकसूद की याचिका स्वीकार करते हुए यह फैसला सुनाया। छात्रा ने 22 नवंबर 2025 को स्वीकार किए गए अपने इस्तीफे को चुनौती दी थी। उसने 21 नवंबर 2025 को आईआईटी रोपड़ के निदेशक को शिकायत भेजी थी। छात्रा ने रसायन विभाग के फैकल्टी सदस्यों पर उत्पीड़न और दुर्व्यवहार का आरोप लगाया था। उसने बताया कि प्रताड़ना से उसकी मानसिक स्थिति प्रभावित हुई थी।
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अदालत ने पाया कि शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बजाय अगले ही दिन उसका इस्तीफा स्वीकार कर लिया गया। इस्तीफे में भी छात्रा ने उत्पीड़न के कारण संस्थान छोड़ने की बात लिखी थी।
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