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उपलब्धि: PILBS मोहाली ने रचा इतिहास, सरकारी अस्पताल में पहला सफल लिवर ट्रांसप्लांट, गरीब परिवारों को फायदा
Fri, 12 Dec 2025 07:09 PM IST
अंकेश ठाकुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: अंकेश ठाकुर
Updated Fri, 12 Dec 2025 07:09 PM IST
सार
पंजाब इंस्टीट्यूट ऑफ लिवर एंड बिलियरी साइंसेज (पीआईएलबीएस) मोहाली ने सफलतापूर्वक अपनी पहली लिवर ट्रांसप्लांट सर्जरी करके ऐतिहासिक मील का पत्थर स्थापित किया है।
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पीआईएलबीएस मोहाली।
- फोटो : संवाद
विस्तार
पंजाब के स्वास्थ्य इतिहास में नया सूर्योदय हुआ है। भगवंत मान सरकार के संकल्प और दूरदर्शिता का परिणाम है कि पंजाब इंस्टीट्यूट ऑफ लिवर एंड बिलियरी साइंसेज (पीआईएलबीएस) मोहाली ने सफलतापूर्वक अपनी पहली लिवर ट्रांसप्लांट सर्जरी करके ऐतिहासिक मील का पत्थर स्थापित किया है। यह उपलब्धि केवल चिकित्सा के क्षेत्र में एक कदम नहीं है; यह उन हजारों गरीब और मध्यम-वर्गीय परिवारों के लिए आंसू पोंछने वाला एक चमत्कारी वरदान है, जो अब तक इस जीवन-रक्षक इलाज को केवल एक सपना मानते थे। यह पंजाब के सरकारी स्वास्थ्य सिस्टम की शक्ति और क्षमता का सबसे बड़ा प्रमाण है। यह केवल "पहली लिवर ट्रांसप्लांट सर्जरी" नहीं है। यह है, एक पिता को मिला जीवनदान: जिसने सोचा था कि वह अपने बच्चों को खेलते हुए नहीं देख पाएगा। एक बेटे का वापस मुस्कुराना, जिसने अपनी मां की आंखों में निराशा देखी थी।
प्राइवेट सेक्टर में जहां यह ऑपरेशन लाखों-करोड़ों की कीमत रखता है, वहीं मान सरकार के नेतृत्व में पीआईएलबीएस ने यह सुविधा राज्य के नागरिकों के लिए किफायती दरों पर उपलब्ध कराकर सच्ची लोक कल्याणकारी भावना का परिचय दिया है। इस सफलता के पीछे संस्थान के समर्पित डॉक्टरों, नर्सों और पैरा-मेडिकल स्टाफ की वर्षों की अथक मेहनत, त्याग और अटूट समर्पण छिपा है। उन्होंने यह साबित कर दिया है कि अगर सरकारी संस्थानों को सही संसाधन, नेतृत्व और प्रोत्साहन मिले, तो वे विश्व के किसी भी श्रेष्ठतम अस्पताल से मुकाबला कर सकते हैं।
लिवर फेलियर से जूझ रहे मरीजों के लिए यह इलाज जीवन और मृत्यु के बीच का अंतर है। ट्रांसप्लांट की जरूरत वाले परिवारों के लिए, पीआईएलबीएस अब केवल एक अस्पताल नहीं, बल्कि आशा का मंदिर है। यह सफलता पंजाब के हर उस नागरिक के लिए गर्व का विषय है, जिसने अब तक महंगी स्वास्थ्य सेवाओं के कारण हार मान ली थी। यह स्पष्ट करता है कि मान सरकार का ध्यान केवल विकास पर नहीं, बल्कि हर नागरिक के जीवन और कल्याण पर केंद्रित है। पीआईएलबीएस की यह उपलब्धि पंजाब में स्वास्थ्य क्रांति की एक मजबूत नींव रखती है। यह ऐतिहासिक कदम पंजाब के स्वास्थ्य क्षेत्र में एक क्रांति की शुरुआत है। भगवंत मान सरकार ने साबित कर दिया है कि वे पंजाब के हर नागरिक के स्वास्थ्य और कल्याण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं।
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मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में आप सरकार ने स्वास्थ्य सेवा को प्राथमिकता दी है, जिसका प्रत्यक्ष परिणाम हम देख रहे हैं। इस संस्थान की स्थापना का मूल उद्देश्य पंजाब को लिवर और पित्त संबंधी बीमारियों के इलाज के लिए एक अग्रणी केंद्र बनाना था। पहली सफल ट्रांसप्लांट सर्जरी उस विजन की पहली और सबसे महत्वपूर्ण सफलता है। सरकार का संकल्प स्पष्ट है: स्वास्थ्य सुविधाओं में भौगोलिक और आर्थिक असमानता को खत्म करना, ताकि राज्य का कोई भी नागरिक गुणवत्तापूर्ण इलाज से वंचित न रहे।
यह ऐतिहासिक सफलता न केवल पंजाब के लिए, बल्कि पूरे भारत के सरकारी स्वास्थ्य सिस्टम के लिए एक प्रेरणा है। पीआईएलबीएस मोहाली ने राष्ट्रीय मानचित्र पर अपनी जगह बनाई है और अब यह संस्थान देश के अन्य राज्यों के लिए एक रोल मॉडल बन सकता है। हालाँकि, यह सफलता एक शुरुआत मात्र है। भविष्य की चुनौतियाँ जटिल हैं, जिनमें अंगदान की दर बढ़ाना, उन्नत अनुसंधान और विशेषज्ञ डॉक्टरों का निरंतर प्रशिक्षण शामिल है। सरकार को अब इस उपलब्धि को एक स्थायी और सतत सेवा में बदलने के लिए अपनी प्रतिबद्धता बनाए रखनी होगी।
पीआईएलबीएस की यह सफलता एक उज्ज्वल और मानवीय भविष्य का संकेत है। यह उस सरकार की कहानी है जो अपने लोगों के प्रति जवाबदेह और संवेदनशील है। यह जीत केवल चिकित्सा की नहीं, बल्कि मानवीय दृढ़ता और लोक-कल्याण की है। पंजाब सरकार का यह कदम साबित करता है कि "उत्कृष्ट स्वास्थ्य सेवा अब सबका अधिकार है, सिर्फ़ विशेषाधिकार नहीं।" यह ऐतिहासिक क्षण पंजाब के हर कोने में खुशहाली और बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं के आने वाले युग की गहरी और भावनात्मक घोषणा है। यह सर्जरी पंजाब के उन हर कोने में बैठे लोगों की जीत है, जो हमेशा से मानते थे कि बेहतरीन इलाज सिर्फ अमीरों के लिए है। आज, हमारी अपनी सरकारी छत के नीचे, पंजाब के डॉक्टरों ने अपनी मेहनत से यह साबित कर दिया कि इंसानियत और बेहतरीन इलाज अब अमीरी की मोहताज नहीं है।
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प्राइवेट सेक्टर में जहां यह ऑपरेशन लाखों-करोड़ों की कीमत रखता है, वहीं मान सरकार के नेतृत्व में पीआईएलबीएस ने यह सुविधा राज्य के नागरिकों के लिए किफायती दरों पर उपलब्ध कराकर सच्ची लोक कल्याणकारी भावना का परिचय दिया है। इस सफलता के पीछे संस्थान के समर्पित डॉक्टरों, नर्सों और पैरा-मेडिकल स्टाफ की वर्षों की अथक मेहनत, त्याग और अटूट समर्पण छिपा है। उन्होंने यह साबित कर दिया है कि अगर सरकारी संस्थानों को सही संसाधन, नेतृत्व और प्रोत्साहन मिले, तो वे विश्व के किसी भी श्रेष्ठतम अस्पताल से मुकाबला कर सकते हैं।
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लिवर फेलियर से जूझ रहे मरीजों के लिए यह इलाज जीवन और मृत्यु के बीच का अंतर है। ट्रांसप्लांट की जरूरत वाले परिवारों के लिए, पीआईएलबीएस अब केवल एक अस्पताल नहीं, बल्कि आशा का मंदिर है। यह सफलता पंजाब के हर उस नागरिक के लिए गर्व का विषय है, जिसने अब तक महंगी स्वास्थ्य सेवाओं के कारण हार मान ली थी। यह स्पष्ट करता है कि मान सरकार का ध्यान केवल विकास पर नहीं, बल्कि हर नागरिक के जीवन और कल्याण पर केंद्रित है। पीआईएलबीएस की यह उपलब्धि पंजाब में स्वास्थ्य क्रांति की एक मजबूत नींव रखती है। यह ऐतिहासिक कदम पंजाब के स्वास्थ्य क्षेत्र में एक क्रांति की शुरुआत है। भगवंत मान सरकार ने साबित कर दिया है कि वे पंजाब के हर नागरिक के स्वास्थ्य और कल्याण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं।
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मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में आप सरकार ने स्वास्थ्य सेवा को प्राथमिकता दी है, जिसका प्रत्यक्ष परिणाम हम देख रहे हैं। इस संस्थान की स्थापना का मूल उद्देश्य पंजाब को लिवर और पित्त संबंधी बीमारियों के इलाज के लिए एक अग्रणी केंद्र बनाना था। पहली सफल ट्रांसप्लांट सर्जरी उस विजन की पहली और सबसे महत्वपूर्ण सफलता है। सरकार का संकल्प स्पष्ट है: स्वास्थ्य सुविधाओं में भौगोलिक और आर्थिक असमानता को खत्म करना, ताकि राज्य का कोई भी नागरिक गुणवत्तापूर्ण इलाज से वंचित न रहे।
यह ऐतिहासिक सफलता न केवल पंजाब के लिए, बल्कि पूरे भारत के सरकारी स्वास्थ्य सिस्टम के लिए एक प्रेरणा है। पीआईएलबीएस मोहाली ने राष्ट्रीय मानचित्र पर अपनी जगह बनाई है और अब यह संस्थान देश के अन्य राज्यों के लिए एक रोल मॉडल बन सकता है। हालाँकि, यह सफलता एक शुरुआत मात्र है। भविष्य की चुनौतियाँ जटिल हैं, जिनमें अंगदान की दर बढ़ाना, उन्नत अनुसंधान और विशेषज्ञ डॉक्टरों का निरंतर प्रशिक्षण शामिल है। सरकार को अब इस उपलब्धि को एक स्थायी और सतत सेवा में बदलने के लिए अपनी प्रतिबद्धता बनाए रखनी होगी।
पीआईएलबीएस की यह सफलता एक उज्ज्वल और मानवीय भविष्य का संकेत है। यह उस सरकार की कहानी है जो अपने लोगों के प्रति जवाबदेह और संवेदनशील है। यह जीत केवल चिकित्सा की नहीं, बल्कि मानवीय दृढ़ता और लोक-कल्याण की है। पंजाब सरकार का यह कदम साबित करता है कि "उत्कृष्ट स्वास्थ्य सेवा अब सबका अधिकार है, सिर्फ़ विशेषाधिकार नहीं।" यह ऐतिहासिक क्षण पंजाब के हर कोने में खुशहाली और बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं के आने वाले युग की गहरी और भावनात्मक घोषणा है। यह सर्जरी पंजाब के उन हर कोने में बैठे लोगों की जीत है, जो हमेशा से मानते थे कि बेहतरीन इलाज सिर्फ अमीरों के लिए है। आज, हमारी अपनी सरकारी छत के नीचे, पंजाब के डॉक्टरों ने अपनी मेहनत से यह साबित कर दिया कि इंसानियत और बेहतरीन इलाज अब अमीरी की मोहताज नहीं है।