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CBDC से राशन की डिजिटल डिलीवरी शुरू: पहला शहर बना चंडीगढ़, केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने किया शुभारंभ
Fri, 14 Aug 2026 12:23 PM IST
Nivedita
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: Nivedita
Updated Fri, 14 Aug 2026 12:23 PM IST
सार
डिजिटल व्यवस्था लागू होने से राशन वितरण में बिचौलियों की भूमिका समाप्त होगी। उन्होंने बताया कि पहले राशन और पेंशन जैसी योजनाओं में मनीऑर्डर के जरिए राशि पहुंचती थी और इसमें 20 से 25 प्रतिशत तक कटौती की शिकायतें सामने आती थीं।
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चंडीगढ़ में सीबीडीसी से राशन की डिजिटल डिलीवरी शुरू
- फोटो : X @JoshiPralhad
विस्तार
चंडीगढ़ देश का पहला शहर बन गया है, जहां प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत लाभार्थियों को सेंट्रल बैंक डिजिटल करेंसी (सीबीडीसी) के माध्यम से डिजिटल डिलीवरी की सुविधा शुरू की गई है।
शुक्रवार को केंद्रीय खाद्य एवं उपभोक्ता मामले मंत्री प्रह्लाद जोशी ने इस सुविधा का शुभारंभ किया। इसी के साथ दादरा एवं नगर हवेली में भी यह सुविधा ऑनलाइन माध्यम से शुरू की गई। केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने कहा कि भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) और पंजाब नेशनल बैंक के सहयोग से देश की खाद्य सुरक्षा व्यवस्था को डिजिटल बनाया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना दुनिया की सबसे बड़ी खाद्य सुरक्षा योजनाओं में शामिल है और इसके लाभार्थियों की संख्या कई यूरोपीय देशों की कुल आबादी से भी अधिक है। डिजिटल व्यवस्था का उद्देश्य योजना में पारदर्शिता बढ़ाने के साथ यह सुनिश्चित करना है कि सरकारी राशन का लाभ केवल पात्र लोगों तक ही पहुंचे।
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शुक्रवार को केंद्रीय खाद्य एवं उपभोक्ता मामले मंत्री प्रह्लाद जोशी ने इस सुविधा का शुभारंभ किया। इसी के साथ दादरा एवं नगर हवेली में भी यह सुविधा ऑनलाइन माध्यम से शुरू की गई। केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने कहा कि भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) और पंजाब नेशनल बैंक के सहयोग से देश की खाद्य सुरक्षा व्यवस्था को डिजिटल बनाया जा रहा है।
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उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना दुनिया की सबसे बड़ी खाद्य सुरक्षा योजनाओं में शामिल है और इसके लाभार्थियों की संख्या कई यूरोपीय देशों की कुल आबादी से भी अधिक है। डिजिटल व्यवस्था का उद्देश्य योजना में पारदर्शिता बढ़ाने के साथ यह सुनिश्चित करना है कि सरकारी राशन का लाभ केवल पात्र लोगों तक ही पहुंचे।
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अपात्र लाभार्थियों की होगी पहचान
मंत्री ने बताया कि पायलट प्रोजेक्ट के दौरान ऐसे कई लोगों की पहचान हुई, जो योजना का लाभ लेने के पात्र नहीं थे। इनमें विदेश जा चुके लोग, आयकरदाता और एक ही परिवार में रहने वाले ऐसे लोग शामिल थे, जो निर्धारित नियमों के अनुसार लाभ के हकदार नहीं थे। ऐसे मामलों की जांच कर व्यवस्था को और प्रभावी बनाया जा रहा है।
बिचौलियों की भूमिका होगी खत्म
प्रह्लाद जोशी ने कहा कि डिजिटल व्यवस्था लागू होने से राशन वितरण में बिचौलियों की भूमिका समाप्त होगी। उन्होंने बताया कि पहले राशन और पेंशन जैसी योजनाओं में मनीऑर्डर के जरिए राशि पहुंचती थी और इसमें 20 से 25 प्रतिशत तक कटौती की शिकायतें सामने आती थीं। डिजिटल माध्यम से सीधे लाभ पहुंचाने से ऐसी गड़बड़ियों पर रोक लगेगी। उनके अनुसार, विभिन्न योजनाओं के डिजिटलीकरण से देश को चार लाख करोड़ रुपये से अधिक की बचत हुई है।
मंत्री ने बताया कि पायलट प्रोजेक्ट के दौरान ऐसे कई लोगों की पहचान हुई, जो योजना का लाभ लेने के पात्र नहीं थे। इनमें विदेश जा चुके लोग, आयकरदाता और एक ही परिवार में रहने वाले ऐसे लोग शामिल थे, जो निर्धारित नियमों के अनुसार लाभ के हकदार नहीं थे। ऐसे मामलों की जांच कर व्यवस्था को और प्रभावी बनाया जा रहा है।
बिचौलियों की भूमिका होगी खत्म
प्रह्लाद जोशी ने कहा कि डिजिटल व्यवस्था लागू होने से राशन वितरण में बिचौलियों की भूमिका समाप्त होगी। उन्होंने बताया कि पहले राशन और पेंशन जैसी योजनाओं में मनीऑर्डर के जरिए राशि पहुंचती थी और इसमें 20 से 25 प्रतिशत तक कटौती की शिकायतें सामने आती थीं। डिजिटल माध्यम से सीधे लाभ पहुंचाने से ऐसी गड़बड़ियों पर रोक लगेगी। उनके अनुसार, विभिन्न योजनाओं के डिजिटलीकरण से देश को चार लाख करोड़ रुपये से अधिक की बचत हुई है।
मोबाइल स्कैन या ओटीपी से होगी पहचान
नई व्यवस्था में लाभार्थी की पहचान मोबाइल स्कैन या ओटीपी के माध्यम से की जा सकेगी। राशन वितरण की पूरी प्रक्रिया डिजिटल रिकॉर्ड में दर्ज होगी। इससे यह पता लगाना आसान होगा कि किस लाभार्थी को राशन दिया गया है और वितरण में किसी तरह की अनियमितता तो नहीं हुई।
पात्र लोगों को राशन कार्ड भी मिलेगा
मंत्री ने कहा कि खाद्य सुरक्षा योजना के तहत शहरी आबादी के 50 प्रतिशत और ग्रामीण आबादी के 75 प्रतिशत हिस्से को लाभ मिलता रहेगा। पात्र व्यक्ति के पास राशन कार्ड नहीं है तो उसका राशन कार्ड बनाया जाएगा। सरकार का लक्ष्य सभी पात्र गरीब परिवारों को योजना से जोड़ना है।
एआई से 20 लाख लोगों से लिया जा रहा फीडबैक
योजना में सुधार के लिए एआई आधारित समाधान के जरिए करीब 20 लाख लोगों से बातचीत कर फीडबैक लिया जा रहा है। लोगों की शिकायतों और सुझावों को संबंधित राज्य सरकारों के साथ साझा किया जाएगा। अब तक करीब 99,422 लोगों को नोटिस जारी कर डिजिटल व्यवस्था में शामिल होने के लिए कहा गया है। सरकार का दावा है कि इससे अपात्र लोगों को बाहर करने और पात्र लाभार्थियों को निर्बाध राशन उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी। मंत्री ने इसे देश की खाद्य वितरण व्यवस्था में बड़े डिजिटल बदलाव की शुरुआत बताया।
नई व्यवस्था में लाभार्थी की पहचान मोबाइल स्कैन या ओटीपी के माध्यम से की जा सकेगी। राशन वितरण की पूरी प्रक्रिया डिजिटल रिकॉर्ड में दर्ज होगी। इससे यह पता लगाना आसान होगा कि किस लाभार्थी को राशन दिया गया है और वितरण में किसी तरह की अनियमितता तो नहीं हुई।
पात्र लोगों को राशन कार्ड भी मिलेगा
मंत्री ने कहा कि खाद्य सुरक्षा योजना के तहत शहरी आबादी के 50 प्रतिशत और ग्रामीण आबादी के 75 प्रतिशत हिस्से को लाभ मिलता रहेगा। पात्र व्यक्ति के पास राशन कार्ड नहीं है तो उसका राशन कार्ड बनाया जाएगा। सरकार का लक्ष्य सभी पात्र गरीब परिवारों को योजना से जोड़ना है।
एआई से 20 लाख लोगों से लिया जा रहा फीडबैक
योजना में सुधार के लिए एआई आधारित समाधान के जरिए करीब 20 लाख लोगों से बातचीत कर फीडबैक लिया जा रहा है। लोगों की शिकायतों और सुझावों को संबंधित राज्य सरकारों के साथ साझा किया जाएगा। अब तक करीब 99,422 लोगों को नोटिस जारी कर डिजिटल व्यवस्था में शामिल होने के लिए कहा गया है। सरकार का दावा है कि इससे अपात्र लोगों को बाहर करने और पात्र लाभार्थियों को निर्बाध राशन उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी। मंत्री ने इसे देश की खाद्य वितरण व्यवस्था में बड़े डिजिटल बदलाव की शुरुआत बताया।