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भाजपा कार्यालय ग्रेनेड हमला: एनआईए की अर्जी मंजूर, डीएम निशांत यादव समेत दो अधिकारी बनेंगे गवाह; सुनवाई आज
Fri, 16 Oct 2026 10:10 AM IST
Nivedita
संवाद न्यूज एजेंसी, चंडीगढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, चंडीगढ़
Published by: Nivedita
Updated Fri, 16 Oct 2026 10:10 AM IST
सार
एनआईए ने अदालत से अनुरोध किया था कि मामले में कानूनी प्रक्रिया के तहत मंजूरी आदेश को रिकॉर्ड पर लिया जाए, ताकि अभियोजन पक्ष की ओर से इसे साक्ष्य के रूप में प्रस्तुत किया जा सके।
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पंजाब भाजपा कार्यालय के बाहर धमाका
- फोटो : अमर उजाला/फाइल
विस्तार
चंडीगढ़ सेक्टर-37 स्थित भाजपा कार्यालय पर हुए हैंड ग्रेनेड हमले के मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने विस्फोटक पदार्थ अधिनियम, 1908 के तहत अभियोजन की मंजूरी से संबंधित आदेश अदालत में पेश किया है।
अदालत ने एनआईए की अर्जी स्वीकार करते हुए चंडीगढ़ के जिला मजिस्ट्रेट निशांत यादव, आईएएस और उनके कार्यालय के शाखा प्रभारी विजय कुमार के नाम अभियोजन पक्ष के गवाहों की सूची में शामिल करने का आदेश दिया है। आज इस मामले में सुनवाई होगी।
एनआईए की ओर से विशेष लोक अभियोजक अमितोज सिंह ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 348 के तहत यह अर्जी दाखिल की थी। सुनवाई के दौरान एनआईए चंडीगढ़ के मुख्य जांच अधिकारी एएसपी मुनीर खान भी मौजूद रहे। अर्जी में नौ अक्तूबर 2026 को जारी अभियोजन की मंजूरी के आदेश को अदालत के रिकॉर्ड पर लेने और संबंधित अधिकारियों को गवाह के रूप में शामिल करने की मांग की गई थी।
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यह मंजूरी चंडीगढ़ के जिला मजिस्ट्रेट की ओर से विस्फोटक पदार्थ अधिनियम, 1908 की धारा 7 के तहत दी गई है। एनआईए ने अदालत से अनुरोध किया था कि मामले में कानूनी प्रक्रिया के तहत मंजूरी आदेश को रिकॉर्ड पर लिया जाए, ताकि अभियोजन पक्ष की ओर से इसे साक्ष्य के रूप में प्रस्तुत किया जा सके। साथ ही मंजूरी देने वाले अधिकारी और उनके कार्यालय के संबंधित कर्मचारी को गवाहों की सूची में शामिल किया जाए।
अदालत ने एनआईए की दलीलों और अर्जी पर विचार करने के बाद इसे मंजूर कर लिया। इसके साथ ही जिला मजिस्ट्रेट निशांत यादव और शाखा प्रभारी विजय कुमार के नाम अभियोजन पक्ष के गवाहों की सूची में जोड़ने के निर्देश दिए गए। दोनों अधिकारियों को गवाह बनाए जाने से मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन की मंजूरी से संबंधित आदेश और उसकी प्रक्रिया को रिकॉर्ड पर लाने का रास्ता साफ हो गया है।
सेक्टर-37 स्थित भाजपा कार्यालय पर हैंड ग्रेनेड से हमला होने का मामला सुरक्षा एजेंसियों की जांच के दायरे में है। इस मामले में विस्फोटक पदार्थ अधिनियम के तहत अभियोजन की मंजूरी महत्वपूर्ण कानूनी प्रक्रिया है। अदालत में मंजूरी आदेश पेश किए जाने और संबंधित अधिकारियों के नाम गवाहों की सूची में शामिल होने के बाद अब मामले की सुनवाई आगे बढ़ेगी।
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अदालत ने एनआईए की अर्जी स्वीकार करते हुए चंडीगढ़ के जिला मजिस्ट्रेट निशांत यादव, आईएएस और उनके कार्यालय के शाखा प्रभारी विजय कुमार के नाम अभियोजन पक्ष के गवाहों की सूची में शामिल करने का आदेश दिया है। आज इस मामले में सुनवाई होगी।
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एनआईए की ओर से विशेष लोक अभियोजक अमितोज सिंह ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 348 के तहत यह अर्जी दाखिल की थी। सुनवाई के दौरान एनआईए चंडीगढ़ के मुख्य जांच अधिकारी एएसपी मुनीर खान भी मौजूद रहे। अर्जी में नौ अक्तूबर 2026 को जारी अभियोजन की मंजूरी के आदेश को अदालत के रिकॉर्ड पर लेने और संबंधित अधिकारियों को गवाह के रूप में शामिल करने की मांग की गई थी।
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यह मंजूरी चंडीगढ़ के जिला मजिस्ट्रेट की ओर से विस्फोटक पदार्थ अधिनियम, 1908 की धारा 7 के तहत दी गई है। एनआईए ने अदालत से अनुरोध किया था कि मामले में कानूनी प्रक्रिया के तहत मंजूरी आदेश को रिकॉर्ड पर लिया जाए, ताकि अभियोजन पक्ष की ओर से इसे साक्ष्य के रूप में प्रस्तुत किया जा सके। साथ ही मंजूरी देने वाले अधिकारी और उनके कार्यालय के संबंधित कर्मचारी को गवाहों की सूची में शामिल किया जाए।
अदालत ने एनआईए की दलीलों और अर्जी पर विचार करने के बाद इसे मंजूर कर लिया। इसके साथ ही जिला मजिस्ट्रेट निशांत यादव और शाखा प्रभारी विजय कुमार के नाम अभियोजन पक्ष के गवाहों की सूची में जोड़ने के निर्देश दिए गए। दोनों अधिकारियों को गवाह बनाए जाने से मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन की मंजूरी से संबंधित आदेश और उसकी प्रक्रिया को रिकॉर्ड पर लाने का रास्ता साफ हो गया है।
सेक्टर-37 स्थित भाजपा कार्यालय पर हैंड ग्रेनेड से हमला होने का मामला सुरक्षा एजेंसियों की जांच के दायरे में है। इस मामले में विस्फोटक पदार्थ अधिनियम के तहत अभियोजन की मंजूरी महत्वपूर्ण कानूनी प्रक्रिया है। अदालत में मंजूरी आदेश पेश किए जाने और संबंधित अधिकारियों के नाम गवाहों की सूची में शामिल होने के बाद अब मामले की सुनवाई आगे बढ़ेगी।