फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Punjab ›   Chandigarh-Punjab News ›   22 percent samples of milk and milk products fail in Punjab

जानलेवा है ये दूध: पंजाब के दूध में मिलावट, कैंसर जैसी बीमारियों का खतरा; रिपोर्ट में चौंकाने वाले खुलासे

Sun, 06 Apr 2025 03:50 PM IST
अंकेश ठाकुर राजिंद्र शर्मा, चंडीगढ़
राजिंद्र शर्मा, चंडीगढ़ Published by: अंकेश ठाकुर Updated Sun, 06 Apr 2025 03:50 PM IST
सार

पंजाब में दूध में खूब मिलावट हो रही है। दूध ही नहीं दूध से बने खाद्य पदार्थों में भी मिलावट हो रही है। इससे कैंसर जैसी कई गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। 

विज्ञापन
22 percent samples of milk and milk products fail in Punjab
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : freepic

विस्तार

पंजाब में पिछले एक साल में दूध, दूध से बने उत्पाद, मिठाइयां, तेल व अन्य खाद्य पदार्थों में 7 प्रतिशत मिलावट बढ़ गई है। 2024-25 में प्रदेश में खाद्य पदार्थों के 22 प्रतिशत सैंपल फेल पाए गए हैं जबकि 2023-24 में 15 फीसदी सैंपल फेल हुए थे। खाद्य पदार्थों में खतरनाक स्तर पर मिलावट डायरिया, एलर्जी, मतली व मधुमेह के अलावा कैंसर, लिवर व किडनी संबंधी रोगों को जन्म दे रही है। फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एफएसएसएआई) की रिपोर्ट में इसका खुलासा हुआ है।

विज्ञापन


रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2023-24 में 6041 सैंपल लिए गए थे, जिसमें से 929 सैंपल फेल हुए थे। यह कुल सैंपल का 15.38% रहा था। इस कारण एक यूनिट का लाइसेंस भी रद्द किया गया था। अगर 2022-23 की बात करें तो 8179 खाद्य पदार्थों के सैंपल लिए गए थे, जिसमें से 1724 सैंपल 21.08 प्रतिशत फेल हुए थे। वहीं 2021-22 में 6768 खाद्य पदार्थों के सैंपल लिए गए, जिसमें 1059 सैंपल तय मानकों पर खरे नहीं उतरे। यह कुल सैंपल का 15.65% था। स्वास्थ्य और परिवार कल्याण राज्य मंत्री प्रतापराव जाधव ने लोकसभा में एक सवाल के जवाब में इस संबंधित रिपोर्ट पेश की है।
विज्ञापन


बढ़ रही मिलावटखोरी, सैंपलिंग हो रही कम 
अगर पिछले चार साल के आंकड़े देखे तो पहले से मिलावटखोरी बढ़ रही है, लेकिन बावजूद इसके विभाग की सैंपलिंग भी कम होती जा रही है। इससे साफ है कि अगर पिछले कुछ वर्षों में सैंपलिंग अधिक होती तो मिलावटखोरी के और भी चौंकाने वाले आंकड़े सामने आ सकते थे।
विज्ञापन
विज्ञापन


इन बीमारियों का भी खतरा
 मिलावटी खाद्य पदार्थों में मौजूद रसायन, जैसे सीसा और आर्सेनिक, कैंसर का कारण बन सकते हैं। इसी तरह ये रसायन गुर्दे को नुकसान पहुंचा सकते हैं। इनके सेवन से हृदय और अन्य अंगों में विकार और विफलता भी हो सकती हैं।

नियमित रूप से जांच कर रहा एफएसएसएआई
एफएसएसएआई क्षेत्रीय कार्यालयों और राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों के माध्यम से खाद्य पदार्थों में मिलावट का पता लगाने के लिए नियमित रूप से निगरानी, निरीक्षण और खाद्य उत्पादों के नमूने लेता है। भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम के तहत अथॉरिटी की तरफ से कार्रवाई की जाती है, जिसमें जुर्माना लगाना और लाइसेंस रद्द करना भी शामिल है।


मिलावटी खाद्य पदार्थों का लगातार सेवन कई तरह की बीमारियों को जन्म दे सकता है। डायरिया, एलर्जी व मधुमेह के अलावा इससे कैंसर, लिवर और किडनी डैमेज का खतरा बढ़ता है। इससे गर्भवती महिलाओं में गंभीर रोग के साथ ही बच्चों का विकास भी रुक सकता है।-डॉ. सोनिया गांधी, पोषण विशेषज्ञ।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed