पंजाब में सख्ती: हेरोइन तस्करी करने वाले किसानों पर कसेगी नकेल, बीएसएफ ने सरहद पर लगाए कैमरे
सर्दी और धुंध के सीजन में सरहद पर तस्करी की वारदातें बढ़ जाती हैं। धुंध में जवानों की नजर से तो तस्कर बच सकते हैं लेकिन कैमरे की नजर से बचना मुश्किल है।
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पंजाब में सरहद पर हेरोइन और असलहा तस्करी की बढ़ रही वारदातों को मद्देनजर बीएसएफ ने फाजिल्का से सटी फेंसिंग पर खुफिया कैमरे स्थापित किए हैं। फेंसिंग पार खेती करने जा रहे किसानों पर अब कैमरे के जरिए बीएसएफ की पैनी नजर होगी। उक्त सभी कैमरों का कंट्रोल एक जगह किया गया है। जो किसान खेती के लिए फेंसिंग पार गए हैं, वे क्या कर रहे हैं और उनकी प्रत्येक गतिविधियों पर अब नजर होगी। उल्लेखनीय है कि फाजिल्का के जलालाबाद से सटे सीमांत गांव धर्मूवाला से टिफिन बम मिल चुका है। कई बार फाजिल्का से सटी सरहद से हेरोइन व हथियारों की बड़ी खेप आ चुकी है।
बीएसएफ अधिकारियों का कहना है कि सरहद पर कैमरे लगाने का मतलब है जो किसान फेंसिंग पार खेती करने गए हैं उन्हें पड़ोसी दुश्मन के लोग नुकसान न पहुंचाएं। दूसरा वो लोग जो किसानी की आड़ में हेरोइन और हथियारों की तस्करी कर रहे हैं, उन पर कैमरों के जरिए नजर रखी जा सके। वैसे तो कैमरों से फेंसिंग पार होने वाली प्रत्येक गतिविधियों पर नजर रहेगी। उक्त कैमरों के लिए एक कंट्रोल रूम बनाया है, जहां सरहद पर जो भी हो रहा है, उसे देखा जा सकता है। सर्दी और धुंध के मौसम को देखते हुए हाल में सरहद पर कैमरे लगाए हैं।
जानकारों का कहना है कि सर्दी और धुंध के सीजन में सरहद पर तस्करी की वारदातें बढ़ जाती हैं। धुंध में जवानों की नजर से तो तस्कर बच सकते हैं लेकिन कैमरे की नजर से बचना मुश्किल है। मालूम हो कि पिछले साल धुंध के सीजन में फाजिल्का से सटी सरहद पर बड़ी क्रेन टाइप बनाकर फेंसिंग के ऊपर से हेरोइन व असलहा की खेप भारतीय क्षेत्र में पहुंचाई जा रही थी। जिसे बीएसएफ ने नाकाम किया था। कई बार तस्कर भारतीय सीमा में घुस कर फेंसिंग में प्लास्टिक की पाइप घुसाकर उसके जरिए हेरोइन के पैकेट इस पार फेंकते हैं।