पंजाब: चन्नी के लिए सभी को साधना बड़ी चुनौती, भाजपा बोली- चरणजीत को 2022 चुनाव का चेहरा घोषित करके दिखाए कांग्रेस
आम आदमी पार्टी नेता हरपाल सिंह चीमा ने अमर उजाला से कहा कि वे चरणजीत सिंह चन्नी को पंजाब का मुख्यमंत्री बनाने पर उन्हें शुभकामनाएं देते हैं। लेकिन यह स्पष्ट है कि कांग्रेस ने चन्नी को मजबूरी में मुख्यमंत्री पद की जिम्मेदारी सौंपी है, जिससे कांग्रेस की मंशाओं पर सवाल खड़े होते हैं। अगर कांग्रेस ने पहले ही मजबूती के साथ चन्नी को आगे बढ़ाया होता तो आज पंजाब में दलित राजनीति की स्थिति कुछ और होती...
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चरणजीत सिंह चन्नी पंजाब के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ले चुके हैं। लेकिन माना जा रहा है कि कांग्रेस ने उनके सिर पर कांटों भरा ताज रखा है। उनके सामने पिछले 4.5 साल की कैप्टन सरकार के कामकाज के बोझ तले पार्टी को आगामी विधानसभा चुनाव में जीत दिलाने की बड़ी जिम्मेदारी होगी। इसके साथ ही कैप्टन अमरिंदर सिंह और नवजोत सिंह सिद्धू को साध कर आसानी से सरकार चला पाना उनके लिए कड़ी अग्नि परीक्षा साबित होने वाली है। कैप्टन अमरिंदर सिंह ने चन्नी के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल न होकर अपनी नाराजगी अभी से स्पष्ट कर दी है।
माना जा रहा है कि अगले पांच महीनों में चरणजीत सिंह चन्नी को समाज का विश्वास जीतना बड़ी चुनौती होगी। पार्टी नेताओं के आपसी मतभेद के अलावा कई नेताओं पर भ्रष्टाचार के आरोप से उन्हें निबटना होगा। आगामी चुनाव में टिकट बंटवारे के दौरान होने वाली संभावित खेमेबाजी से निपटकर पार्टी के लिए जिताऊ उम्मीदवार लेकर आना और पार्टी को जीत दिलाना उनकी सबसे बड़ी चुनौती साबित होने वाली है।
उन्होंने किसानों और सरकारी कर्मचारियों को साथ लाने की बात कहकर अपनी राजनीतिक चतुराई दिखा भी दी है। लेकिन अपने शपथ ग्रहण के बाद मीडिया को संबोधित करते हुए चरणजीत सिंह चन्नी ने जिस खूबसूरती से कैप्टन अमरिंदर सिंह को साथ लाने की कोशिश की है, उससे लगता है कि कैप्टन से अपनी पुरानी अदावत को किनारे रख वे एक नई पहल करने के लिए तैयार हैं।
पार्टी आलाकमान से मिला साथ उन्हें सभी को साधने में ताकत दे सकता है। राहुल गांधी ने शपथ ग्रहण के बाद जिस गर्मजोशी से चन्नी को शुभकामनाएं दी हैं, उससे इस बात का इशारा साफ हो गया है कि उन्हें अपने कामकाज में केंद्रीय नेतृत्व से पूरा साथ मिलने वाला है।
आप ने दी बधाई
आम आदमी पार्टी नेता हरपाल सिंह चीमा ने अमर उजाला से कहा कि वे चरणजीत सिंह चन्नी को पंजाब का मुख्यमंत्री बनाने पर उन्हें शुभकामनाएं देते हैं। लेकिन यह स्पष्ट है कि कांग्रेस ने चन्नी को मजबूरी में मुख्यमंत्री पद की जिम्मेदारी सौंपी है, जिससे कांग्रेस की मंशाओं पर सवाल खड़े होते हैं। अगर कांग्रेस ने पहले ही मजबूती के साथ चन्नी को आगे बढ़ाया होता तो आज पंजाब में दलित राजनीति की स्थिति कुछ और होती।
हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि आम आदमी पार्टी ने शुरुआत से ही दलितों को महत्व देने की राजनीति की है। वर्तमान में भी विधानसभा नेता प्रतिपक्ष और उपनेता की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दलित समुदाय को दी गई है। पंजाब में आम आदमी पार्टी की रणनीति को आगे बढ़ाने वाली पार्टी की 22 सदस्यों वाली कमेटी टीम में आठ से ज्यादा दलित सदस्य शामिल किए गए थे (अब यह कमेटी भंग कर दी गई है)। इसके अलावा पंजाब के दलित नेताओं को पार्टी ने अपनी केंद्रीय भूमिका में भी महत्त्वपूर्ण स्थान दिया है।
चीमा ने कहा कि उनकी पार्टी दलितों को पर्याप्त भागीदारी देने के लिए संकल्पित है। आने वाले विधानसभा चुनाव में भी दलित समुदाय से युवाओं को टिकट दिये जाएंगे। पिछले विधानसभा चुनाव में भी पार्टी के आठ से ज्यादा दलित विधायक चुनकर आए थे। यह साबित करता है कि दलित समाज भी पूरे विश्वास के साथ आम आदमी पार्टी पर ही अपना भरोसा जताता है। उन्होंने उम्मीद जाहिर की कि दलित समुदाय का यह विश्वास बरकरार रहेगा।
मुख्यमंत्री पद का चेहरा घोषित करे कांग्रेस
भाजपा नेता सरदार आरपी सिंह ने चरणजीत सिंह चन्नी के मुख्यमंत्री बनने पर उन्हें शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि अगर कांग्रेस ने खुशी से किसी दलित नेता को पंजाब का मुख्यमंत्री बनाया होता, तो उन्हें इसकी सबसे ज्यादा खुशी होती, लेकिन राजनीतिक घटनाक्रम देखने के बाद यह स्पष्ट हो रहा है कि कांग्रेस ने चन्नी को मजबूरी में मुख्यमंत्री बनाया है। यह चुनाव में अपनी हार देखते हुए दलित वोटों को साधने की कोशिश है।
आरपी सिंह ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने चरणजीत सिंह चन्नी को मुख्यमंत्री अवश्य बनाया है, लेकिन वे केवल दिखावे के मुख्यमंत्री साबित होंगे। उनके नाम पर बैकडोर से सत्ता की कमान किसी दूसरे व्यक्ति के हाथ में होगी। इससे पंजाब का भारी नुकसान होगा। कांग्रेस ने अभी तक यह भी साफ नहीं किया है कि अगले विधानसभा चुनाव में चरणजीत सिंह चन्नी ही उसके मुख्यमंत्री पद के चेहरा होंगे। उन्होंने कहा कि जनता इस बात को ध्यान से देख रही है और कांग्रेस की सारी चाल समझ रही है।
भाजपा नेता ने कहा कि यदि कांग्रेस सच में दलितों को राजनीति में आगे बढ़ाना चाहती है, तो उसे अभी से चरणजीत सिंह चन्नी को अगले विधानसभा चुनाव का चेहरा घोषित कर देना चाहिए। पिछले चुनाव में पार्टी ने कैप्टन अमरिंदर सिंह को चेहरा घोषित कर उन्हीं के नाम पर वोट मांगे थे। पार्टी को इस चुनाव में भी इस तरह की कोशिश करके दिखाना चाहिए।
भाजपा भी दलित चेहरा देकर पंजाब में अपनी राजनीतिक जमीन तलाशने की कोशिश कर रही है। क्या चरणजीत सिंह चन्नी को मुख्यमंत्री बनाने से भाजपा के दांव पर ग्रहण लग सकता है? अमर उजाला के इस सवाल पर सरदार आरपी सिंह ने कहा कि कांग्रेस का दलित प्रेम दिखावा है। उसने दलित समुदाय को केवल इस्तेमाल किया है। जबकि भाजपा ने दलितों को सबसे बड़ी जिम्मेदारी देने में भी अपनी मजूबत भूमिका निभाई है।
सरदार आरपी सिंह ने कहा कि दलित राष्ट्रपति देकर भाजपा ने दलित समुदाय के विकास के प्रति अपनी प्रतिबद्धता स्पष्ट कर दी है। इसके अलावा पार्टी के केंद्रीय संगठन से लेकर केंद्रीय मंत्रिमंडल में भी उनकी भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि देश का दलित समुदाय इस बात को देख रहा है। भाजपा दलित चेहरा देकर चुनाव में उतरेगी और मजबूत स्थान हासिल करेगी।