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भारत बंद: दस घंटे थमा रहा पंजाब, 40 से ज्यादा ट्रेनें प्रभावित, 370 से अधिक स्थानों पर किसानों ने दिया धरना

Mon, 27 Sep 2021 08:03 AM IST
निवेदिता वर्मा अमर उजाला नेटवर्क, पंजाब
अमर उजाला नेटवर्क, पंजाब Published by: निवेदिता वर्मा Updated Mon, 27 Sep 2021 08:03 AM IST
सार

भारत बंद से पेप्सू रोड ट्रांसपोर्ट कारपोरेशन (पीआरटीसी) को एक ही दिन में करीब डेढ़ करोड़ का नुकसान हुआ है। सभी बसें डिपो पर खड़ी रहीं। पीआरटीसी के बेड़े में इस समय करीब 1100 बसें हैं। इन बसों को चलाने से पीआरटीसी को रोजाना करीब डेढ़ करोड़ की आय होती है। पीआरटीसी के कांट्रैक्ट मुलाजिमों जिनमें ड्राइवर, कंडक्टर, वर्कशाप स्टाफ व एडवांस टिकट बुकिंग कर्मचारियों ने किसानों का समर्थन करते हुए पटियाला में बस स्टैंड के मेन गेट को बंद रखा। 

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Bharat Bandh: Farmers Block Highway and Railway Track in Punjab
पठानकोट में रेल ट्रैक पर बैठे किसान। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

कृषि कानूनों के विरोध में संयुक्त किसान मोर्चा के भारत बंद का पंजाब में सबसे ज्यादा असर देखने को मिला। पूरे दस घंटे राष्ट्रीय राजमार्ग सहित लगभग सभी सड़कों पर आवागमन ठप रहा। फिरोजपुर मंडल की करीब 40 से ज्यादा ट्रेनें प्रभावित रहीं। सड़क व रेल यातायात बाधित रहने से जनता को भारी परेशानी झेलनी पड़ी। 

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पंजाब की 32 किसान जत्थेबंदियों ने दिल्ली-जम्मू नेशनल हाईवे के साथ ही प्रदेश के अन्य मार्गों पर जगह-जगह जाम लगाया। सोमवार सुबह 6 बजे से लेकर शाम 4 बजे तक रैलियों, नाकों, बाजारों, सभाओं, धरनों पर किसान उग्र प्रदर्शन करते नजर आए। किसान संगठनों के सदस्यों ने अमृतसर, फिरोजपुर, राजपुरा, अबोहर में ट्रेनें रोकीं। 
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वहीं संगरूर, पठानकोट, मोगा में भी ट्रैक पर बैठकर धरना दिया। इसके अलावा सड़क मार्गों से होने वाली दूध, फल-सब्जी की सप्लाई बाधित की गई। इस दौरान जहां लोगों को रोजमर्रा की वस्तुओं से वंचित रहना पड़ा, वहीं व्यापारियों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा। बंद के चलते पंजाब के कारोबारियों को लगभग 500 करोड़ रुपये झटका लगा है। 
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सूबे की लगभग सभी जिलों के कारखाने बंद रहे। भारत बंद को कांग्रेस, आप, बसपा और शिअद ने समर्थन दिया। फरीदकोट में किसान संगठनों की तरफ से कोटकपूरा व जैतो सब डिवीजनों में 10 स्थानों पर नेशनल व स्टेट हाईवे पर चक्का जाम करके धरने दिए गए। बठिंडा, बटाला, मुक्तसर में प्रदर्शनकारी संगठनों को भारत बंद पूरा समर्थन मिला। 

खन्ना में रेलवे ट्रैक जाम करने से यात्री परेशान रहे। शंभू बार्डर के पास करीब सात किमी का लंबा वाहनों का जाम लगा रहा। भारत बंद के दौरान कोई अप्रिय घटना न हो इसके लिए सरकार की ओर से सूबे के 11 जिलों में विशेष सतर्कता रखी गई। इन जिलों में सरकार की ओर से विशेष पुलिस बल की तैनाती के साथ ही आरपीएफ भी तैनात की गई थी। राज्य से कोई अप्रिय घटना की सूचना नहीं प्राप्त हुई। शाम चार बजे आंदोलनकारी ट्रैक व रास्ते से हट गए। इससे लोगों को राहत मिली। 

किसानों के समर्थन में आया पंजाब मंत्रिमंडल
पंजाब के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने तीन कृषि कानूनों के खिलाफ संयुक्त किसान मोर्चा के भारत बंद के आह्वान पर सोमवार को अपने मंत्रिमंडल की आपात बैठक बुलाई। इस बैठक में प्रस्ताव पास करके किसानों और उनकी मांगों के प्रति एकजुटता प्रकट की। चन्नी ने कहा कि यह कानून किसानों की रोजी-रोटी और उनकी भावी पीढ़ियों के लिए खतरा है। 

ये ट्रेने हुईं रद्द

  • अमृतसर से हरिद्वार 2054
  • अमृतसर से पठानकोट 4489
  • अमृतसर से नंगल डैम 4537
  • अमृतसर से नई दिल्ली 2030
  • पठानकोट से अमृतसर 4490
  • मोगा से नई दिल्ली 4082
  • अमृतसर से नई दिल्ली 4068
  • पठानकोट से नई दिल्ली 4078

आठ ट्रेनें 10 घंटे की गईं लेट
पंजाब से जाने वाले 8 प्रमुख ट्रेनों के समय को रि-शेड्यूल किया गया। जिसके कारण ट्रेन 10 से 12 घंटे लेट हुईं। ट्रेनों के समय में परिवर्तन के कारण माता वैष्णो देवी कटड़ा से अंबेडकर नगर एमपी 12 घंटे, अमृतसर से मुंबई जाने वाली ट्रेन 12.30 घंटे, जम्मूतवी से अहमदाबाद 12 घंटे तक लेट कर दी गईं। वहीं फिरोजपुर मंडल ने 18 ट्रेनों के संचालन में बदलाव किया। पटरियों पर किसानों के होने के कारण 14 ट्रेनों का संचालन ही रद्द करना पड़ा।

दिल्ली, अंबाला और फिरोजपुर डिवीजन में 20 स्थानों पर किसानों ने रेलवे यातायात प्रभावित किया। इसके कारण ट्रेनों के संचालन में परेशानी आई। हालांकि देर शाम को किसानों ने पटरियों से धरना हटा दिया है, जिसके बाद सभी स्थानों पर संचालन रोज की तरह सामान्य हो गया है। शशिकृष्ण मुख्य जनसंपर्क अधिकारी, उत्तरी रेलवे।

 

केंद्र का रवैया बदल नहीं रहा है। इसके कारण किसानों को बार-बार सड़कों पर उतरना पड़ रहा है। यही हाल रहा तो आंदोलन अभी और भी उग्र होगा। सुखदेव सिंह उगराहां, महासचिव भारतीय किसान यूनियन उगराहां।

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