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पहले प्यार किया अब कत्ल, अब भुगतेगा अंजाम
पठानकोट
Updated Fri, 20 Sep 2013 11:04 PM IST
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प्रेमिका की हत्या के आरोपी को पठानकोट के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश मोहम्मद गुलजार की अदालत ने उम्रकैद की सजा सुनाई है। इसके साथ ही दोषी पर दस हजार रुपये जुर्माना भी लगाया गया है।
जानकारी के अनुसार जिले के गांव भरोली कलां के सरवन सिंह पुत्र बलविंद्र सिंह ने 3 जून, 2011 को शहर के साथ लगते ध्रुव पार्क के पास सरेआम तेजधार हथियार से अपनी प्रेमिका पूजा की हत्या कर दी थी।
आरोप था कि सरवन ने पूजा को पार्क में मिलने के बहाने बुलाया और फिर उसकी हत्या कर दी। सुजानपुर पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया।
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इसके बाद पिछले दो साल से आरोपी पठानकोट सब जेल में बंद था। अप्रैल, 2013 को आरोपी को होशियारपुर जेल में शिफ्ट किया गया।
16 जून, 2013 को होशियारपुर से हत्या के उक्त मामले में कोर्ट में पेशी के लिए जाते समय पठानकोट के न्यू चक्की पुल पर प्राइवेट बस से सरवन हथकड़ी से हाथ निकालकर पुलिस मुलाजिमों को चकमा देकर फरार हो गया था। बाद में पुलिस ने उसे मोहाली से गिरफ्तार कर लिया था।
पुलिस के मुताबिक सरवन विदेश भागने की फिराक में था और उसने विदेश जाने के लिए एजेंटों से सांठगांठ भी कर ली थी।
उक्त मामले की सुनवाई करते हुए पठानकोट के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश मोहम्मद गुलजार की अदालत ने हत्या के आरोप में सरवन को दोषी ठहराते हुए उम्रकैद और दस हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।
जानकारी के अनुसार जिले के गांव भरोली कलां के सरवन सिंह पुत्र बलविंद्र सिंह ने 3 जून, 2011 को शहर के साथ लगते ध्रुव पार्क के पास सरेआम तेजधार हथियार से अपनी प्रेमिका पूजा की हत्या कर दी थी।
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आरोप था कि सरवन ने पूजा को पार्क में मिलने के बहाने बुलाया और फिर उसकी हत्या कर दी। सुजानपुर पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया।
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इसके बाद पिछले दो साल से आरोपी पठानकोट सब जेल में बंद था। अप्रैल, 2013 को आरोपी को होशियारपुर जेल में शिफ्ट किया गया।
16 जून, 2013 को होशियारपुर से हत्या के उक्त मामले में कोर्ट में पेशी के लिए जाते समय पठानकोट के न्यू चक्की पुल पर प्राइवेट बस से सरवन हथकड़ी से हाथ निकालकर पुलिस मुलाजिमों को चकमा देकर फरार हो गया था। बाद में पुलिस ने उसे मोहाली से गिरफ्तार कर लिया था।
पुलिस के मुताबिक सरवन विदेश भागने की फिराक में था और उसने विदेश जाने के लिए एजेंटों से सांठगांठ भी कर ली थी।
उक्त मामले की सुनवाई करते हुए पठानकोट के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश मोहम्मद गुलजार की अदालत ने हत्या के आरोप में सरवन को दोषी ठहराते हुए उम्रकैद और दस हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।