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जहरीली शराब कांड- पांच लाख की मदद कब मिलेगी, इंतजार में बीत रहे दिन

Thu, 13 Aug 2020 09:42 PM IST
Punjab Bureau पंजाब ब्‍यूरो
Updated Thu, 13 Aug 2020 09:42 PM IST
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जहरीली शराब मामले में आंखों की रोशनी गंवाने वाले लोगों के परिजनों ने पत्रकारों से बात कर पंजाब सर - फोटो : AMRITSAR
पूर्व मंत्री व शिअद (बादल) के महासचिव बिक्रम सिंह मजीठिया ने जहरीली शराब पीने से आंखें गंवा चुके पांच लोगों के परिजनों के साथ अमृतसर में पत्रकारों से बात की। इस दौरान जहरीली शराब पीने से अपनी आंखों की रोशनी गंवा चुके करतार सिंह के बेटे गुरविंदर सिंह ने बताया कि उनके पिता ने जहरीली शराब पी थी। सुबह जब उठे तो उनकी आंखें नहीं खुल रही थी। उन्हें तरनतारन के एक निजी अस्पताल में दाखिल करवाया। इलाज में 20 हजार रुपये खर्च करने के बाद भी बापू की आंखों की रोशनी नहीं लौटी। परिवार मजदूरी करता है। उन्होंने रिश्तेदारों से उधारी मांग कर इलाज के पैसों का जुगाड़ किया था। सरकार से अभी तक फूटी कौड़ी नहीं मिली। कैप्टन तरनतारन दौरे के दौरान उन पीड़ितों से नहीं मिले जिनकी आंखों की रोशनी चली गई थी।
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घरों की सफाई करने वाली अमरजीत कौर के पति सुखदेव सिंह की आंखों की रोशनी भी जहरीली शराब पीने से चली गई। निजी अस्पताल में पति के इलाज में कुल जमा पूंजी 6000 खर्च हो गई। डॉक्टरों ने दवाई लाने के लिए कहा तो उसने पैसों की कमी बताई। डॉक्टर ने उसके बाद कोई पैसा नहीं लिया, लेकिन पति की आंखों की रोशनी नहीं लौटी। अमरजीत कौर ने कहा कि अभी तक उसे इलाज का कोई खर्च नहीं मिला है। न ही प्रशासन का कोई अधिकारी उनके पास पहुंचा है। सरकार के मुफ्त इलाज की घोषणा कागजी है। पांच लाख की सहायता कब मिलेगी प्रशासन ने तो अभी तक फार्म तक नहीं भरवाया।
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सहायता के नाम पर खिलवाड़ कर रही है सरकार : मजीठिया
शिअद (बादल) के महासचिव बिक्रम सिंह मजीठिया ने कहा कि अपनी आंखों की रोशनी गंवा चुके लोगों को अभी तक पंजाब सरकार ने कोई भी मदद उपलब्ध नहीं करवाई है। सरकार इस कांड पर समय निकालो की नीति पर चल रही है। सरकार से मांग की गई थी कि जहरीली शराब बेचने वालों के विरुद्ध धारा 302 का मामला दर्ज किया जाए। आंखों की रोशनी गंवा चुके लोगों के पास आज तक न तो सरकार पहुंची, न ही जिला प्रशासन ने उनकी सुनी।
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