{"_id":"5da0b7e98ebc3e017b4c0525","slug":"there-should-be-no-rhetoric-against-pak-to-go-to-kirtan-jathedar-amritsar-news-pkl3535083137","type":"story","status":"publish","title_hn":"अकाल तख्त के जत्थेदार का फरमान- पाकिस्तान जाने वाले नगर कीर्तन के खिलाफ बयानबाजी न हो","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अकाल तख्त के जत्थेदार का फरमान- पाकिस्तान जाने वाले नगर कीर्तन के खिलाफ बयानबाजी न हो
Sat, 12 Oct 2019 10:15 AM IST
पंचकुला ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अमृतसर(पंजाब)
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अमृतसर(पंजाब)
Published by: पंचकुला ब्यूरो
Updated Sat, 12 Oct 2019 10:15 AM IST
विज्ञापन
Akal Takht
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष मनजिंदर सिंह सिरसा व शिअद (दिल्ली) के अध्यक्ष परमजीत सिंह सरना को निर्देश दिए हैं कि 28 अक्टूबर को दिल्ली स्थित गुरुद्वारा पियाऊ साहिब से गुरुद्वारा श्री ननकाना साहिब तक निकाले जाने वाले नगर कीर्तन पर कोई भी अंतर्विरोधी बयानबाजी न करें। संगत व दिल्ली की सभी राजनितिक पार्टियां सोने की पालकी साहिब के बारे में भी एक दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगाना बंद कर दें।
इस तरह की बयानबाजी माहौल को खराब बना रही है। जत्थेदार अकाल तख्त साहिब ने कहा की सभी गुट व संगत श्री गुरु नानक देव जी के 550वें प्रकाश पर्व के संदर्भ में बनाये कार्यक्रम के सफल आयोजन पर ध्यान केंद्रित करें। सभी सकारात्मक रहकर तुरंत बयानबाजी का सिलसिला खत्म करें।
बता दें कि ज्ञानी हरजीत सिंह ने दिल्ली कमेटी की ओर से 13 अक्टूबर को गुरुद्वारा ननकाना साहिब तक निकाले जाने वाले नगर कीर्तन को स्थगित करने के दिए आदेश के बाद सरना बंधुओं व सिरसा के बीच वाकयुद्ध शुरू हो गया था। सिरसा ने सरना बंधुओं पर आरोप लगाए कि पालकी साहिब के निर्माण के संगत से मिली सोना व धनराशि में घोटाला हुआ है। सरना ने सिरसा पर आरोप लगाए थे की वह नगर कीर्तन को लेकर संगत के न तो पासपोर्ट वापस कर रहा है, न ही उनके पैसे वापस किए जा रहे हैं।
विज्ञापन
आरएसएस पर पाबंदी लगाने की मांग
इसी बीच, जत्थेदार ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने कहा है की आरएसएस के मुखिया मोहन भागवत ने भारत को हिंदू राष्ट्र व देश के सभी नागरिकों को हिंदू कहने से सिखों में रोष है। यह पहली बार है कि जत्थेदार अकाल तख्त साहिब ने अपनी नियुक्ति के बाद आरएसएस के खिलाफ कड़े शब्दों का प्रयोग किया है। जत्थेदार के अनुसार आरएसएस केवल सिखों के लिए नहीं बल्कि देश में बसे अल्पसंख्यकों के लिए बड़ा खतरा है। मोहन भागवत के देश को हिंदू राष्ट्र बनाने के विचार रखने एक घटक कदम है। जत्थेदार ने कहा की आरएसएस जैसी संस्थाओं पर तुरंत पाबंदी लगानी चाहिए।
विज्ञापन
इस तरह की बयानबाजी माहौल को खराब बना रही है। जत्थेदार अकाल तख्त साहिब ने कहा की सभी गुट व संगत श्री गुरु नानक देव जी के 550वें प्रकाश पर्व के संदर्भ में बनाये कार्यक्रम के सफल आयोजन पर ध्यान केंद्रित करें। सभी सकारात्मक रहकर तुरंत बयानबाजी का सिलसिला खत्म करें।
विज्ञापन
बता दें कि ज्ञानी हरजीत सिंह ने दिल्ली कमेटी की ओर से 13 अक्टूबर को गुरुद्वारा ननकाना साहिब तक निकाले जाने वाले नगर कीर्तन को स्थगित करने के दिए आदेश के बाद सरना बंधुओं व सिरसा के बीच वाकयुद्ध शुरू हो गया था। सिरसा ने सरना बंधुओं पर आरोप लगाए कि पालकी साहिब के निर्माण के संगत से मिली सोना व धनराशि में घोटाला हुआ है। सरना ने सिरसा पर आरोप लगाए थे की वह नगर कीर्तन को लेकर संगत के न तो पासपोर्ट वापस कर रहा है, न ही उनके पैसे वापस किए जा रहे हैं।
विज्ञापन
आरएसएस पर पाबंदी लगाने की मांग
इसी बीच, जत्थेदार ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने कहा है की आरएसएस के मुखिया मोहन भागवत ने भारत को हिंदू राष्ट्र व देश के सभी नागरिकों को हिंदू कहने से सिखों में रोष है। यह पहली बार है कि जत्थेदार अकाल तख्त साहिब ने अपनी नियुक्ति के बाद आरएसएस के खिलाफ कड़े शब्दों का प्रयोग किया है। जत्थेदार के अनुसार आरएसएस केवल सिखों के लिए नहीं बल्कि देश में बसे अल्पसंख्यकों के लिए बड़ा खतरा है। मोहन भागवत के देश को हिंदू राष्ट्र बनाने के विचार रखने एक घटक कदम है। जत्थेदार ने कहा की आरएसएस जैसी संस्थाओं पर तुरंत पाबंदी लगानी चाहिए।