फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Punjab ›   Amritsar News ›   Shri Akal Takht Sahib Jathedar Giani Harpreet Singh said, farmer protests can be resolved only by negotiation

किसान आंदोलन पर बोले श्री अकाल तख्त के जत्थेदार, कहा-किसान और सरकार दोनाें एक-एक कदम पीछे हटे

Fri, 29 Jan 2021 07:22 PM IST
ajay kumar संवाद न्यूज एजेंसी, अमृतसर (पंजाब)
संवाद न्यूज एजेंसी, अमृतसर (पंजाब) Published by: ajay kumar Updated Fri, 29 Jan 2021 07:22 PM IST
विज्ञापन
Shri Akal Takht Sahib Jathedar Giani Harpreet Singh said, farmer protests can be resolved only by negotiation
श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी हरप्रीत सिंह। - फोटो : ANI

श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने कहा है कि कृषि कानूनों पर पैदा विरोध बातचीत से ही हल किया जा सकता है। केंद्र सरकार व किसानों को अपनी-अपनी जिद छोड़कर एक कदम पीछे हटकर इस मुद्दे का हल ढूंढना होगा, ताकि आंदोलन में बैठे किसान-मजदूर अपने-अपने घरों को लौट सकें।

विज्ञापन


वहीं लाल किले पर लहराए गए केसरी झंडे (निशान साहिब) का बचाव करते हुए कहा कि यह झंडा कहीं भी लहराया जा सकता है। केसरी निशान लहराना गलत नहीं है। इसका दुष्प्रचार दुर्भाग्यपूर्ण है। 26 जनवरी पर किसानों के आंदोलन में शामिल हुए कुछ युवाओं ने लाल किले के गुंबद पर केसरी निशान लहराया। इसका दुष्प्रचार इस ढंग से किया गया, जिससे विवाद पैदा हुआ। केसरी निशान सिखों का धार्मिक प्रतीक है। जहां भी केसरी निशान लहराया जाता है, उसकी छत्रछाया में मानवता के कल्याण का संकल्प लिया जाता है। 
विज्ञापन



ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने कहा कि सिख अपनी यात्रा के दौरान केसरी निशान को अपने वाहनों के आगे लगाते हैं। जहां लंगर लगाया जाता है, उस स्थान पर भी केसरी निशान लहराया जाता है। दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी हर वर्ष फतेह दिवस का आयोजन करती है। इस दौरान लाल किले की दीवारों पर निशान साहिब लहराया जाता है। 
विज्ञापन
विज्ञापन


गलवां घाटी में तैनात सिख रेजिमेंट देश के झंडे के साथ-साथ निशान साहिब भी लहराती है। इसे खालिस्तान का निशान कहना ठीक नहीं है। 26 जनवरी के उपलक्ष्य में लाल किले में परेड के दौरान श्री गुरु तेग बहादुर साहिब जी के 400वें प्रकाश पर्व को समर्पित झांकी में जहां गुरुद्वारा साहिब के दर्शन करवाए गए, वहीं गुरुद्वारा साहिब के आगे दो निशान साहिब भी झूल रहे थे। ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने जारी संदेश में कहा कि किसान आंदोलन के दौरान कोई दुर्भाग्यपूर्ण घटना होती है तो उसकी जिम्मेदारी भी किसान नेताओं की है। आंदोलन को अनुशासन में रखना नेताओं की बड़ी जिम्मेदारी होती है। 


पुलिस ने लाठियां भांजीं, विरोध में हुए हमले 
उन्होंने किसान आंदोलन को पटरी से उतारने के लिए साजिशें रची गईं। गणतंत्र दिवस पर पुलिस ने किसान नेताओं और नौजवानों पर लाठियां भांजीं। इसके विरोध में किसानों व नौजवानों ने पुलिस पर हमले किए, ये दोनों घटनाएं दुर्भाग्यपूर्ण हैं। इनसे सहमत नहीं हुआ जा सकता। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed