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शिरोमणि कमेटी ने दिल्ली कमेटी के लिए सदस्य चुनने के अधिकार एडवोकेट धामी को दिए
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अमृतसर। एसजीपीसी की कार्यकारिणी दिल्ली सिख गुरुद्वारा मैनेजमेंट कमेटी में शिरोमणि कमेटी की तरफ से नया सदस्य नामजद करने के अधिकार शिरोमणि कमेटी के अध्यक्ष एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी को दिए हैं। धामी को अधिकार दिए जाने का फैसला मंगलवार को कार्यकारिणी की बैठक में लिया गया। एडवोकेट धामी की अध्यक्षता में एसजीपीसी की यह बैठक विशेष तौर पर बुलाई गई थी।
एसजीपीसी अध्यक्ष एडवोकेट धामी ने कार्यकारिणी की बैठक के बाद पत्रकारों के साथ बातचीत में कहा कि दिल्ली सिख गुरुद्वारा मैनेजमेंट कमेटी में शिरोमणि कमेटी की तरफ से एक सदस्य मनोनीत किया जाता है। इसके अलावा तख्त श्री पटना साहिब तथा तख्त श्री हजूर साहिब में भी एसजीपीसी की तरफ से नियमों मुताबिक सदस्यों को मनोनीत किया जाता है। उन्होंने कहा कि दिल्ली कमेटी में बीते 23 अगस्त को शिरोमणि कमेटी की तरफ से मनजिंदर सिंह सिरका का नाम सदस्य के तौर पर भेजा गया था पर डायरेक्टर गुरुद्वारा चुनाव की ओर से उनकी सदस्यता रद्द किए जाने के चलते नए सदस्य का नाम भेजा जाएगा। उन्होंने बताया कि इस संबंधी कार्यकारिणी कमेटी ने अधिकार उन्हें सौंप दिए हैं। उन्होंने कहा कि दिल्ली सिख कत्लेआम में दोषी सजन कुमार और जगदीश टाइटलर के साथ ही कई अन्य कांग्रेसी नेता शामिल हैं और सिख कत्लेआम की हर दोषी को सजा मिलनी चाहिए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस जमात सिखों की दुश्मन जमात है और बड़े दुख की बात है कि सिख कत्लेआम के दोषियों को कांग्रेस की ओर से बड़े पद देकर नवाजा जा रहा है।
एसजीपीसी के प्रधान एडवोकेट धामी ने सचखंड श्री हरमंदिर साहिब के रास्ते में विरासती मार्ग पर लगी विशाल स्क्रीनों पर चलने वाली सरकार की मशहूरियों की सख्त शब्दों में आलोचना की। अकाली सरकार के दौरान स्क्रीन गुरुबानी के प्रसारण के लिए लगाई गईं थी। जिन्हें कांग्रेस सरकार निजी हितों के लिए प्रयोग कर रही है। उन्होंने पंजाब सरकार से इन स्क्रीनों पर अपना प्रचार बंद कर तुरंत गुरुबानी कीर्तन चलाने की मांग की। इस मौके पर एसजीपीसी सीनियर उप प्रधान रघुबीर सिंह विर्क, जूनियर उप प्रधान प्रिंसिपल सुरिंदर सिंह, महासचिव करनैल सिंह पंजौली, कार्यकारिणी सदस्य र्स्वण सिंह कुलार, सुरजीत सिंह गढ़ी, जरनैल सिंह डोगरांवाला, बीबी गुरप्रीत कौर, सचिव महिंदर सिंह आाहली, अतिरिक्त सचिव सुखदेव सिंह भूराकोहना और उप सचिव कुलविंदर सिंह रमदास के अलावा ओएसडी सतबीर सिंह धामी और सुपरिंटेंडेंट मलकीत सिंह बहड़वाल भी मौजूद थे।
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एसजीपीसी अध्यक्ष एडवोकेट धामी ने कार्यकारिणी की बैठक के बाद पत्रकारों के साथ बातचीत में कहा कि दिल्ली सिख गुरुद्वारा मैनेजमेंट कमेटी में शिरोमणि कमेटी की तरफ से एक सदस्य मनोनीत किया जाता है। इसके अलावा तख्त श्री पटना साहिब तथा तख्त श्री हजूर साहिब में भी एसजीपीसी की तरफ से नियमों मुताबिक सदस्यों को मनोनीत किया जाता है। उन्होंने कहा कि दिल्ली कमेटी में बीते 23 अगस्त को शिरोमणि कमेटी की तरफ से मनजिंदर सिंह सिरका का नाम सदस्य के तौर पर भेजा गया था पर डायरेक्टर गुरुद्वारा चुनाव की ओर से उनकी सदस्यता रद्द किए जाने के चलते नए सदस्य का नाम भेजा जाएगा। उन्होंने बताया कि इस संबंधी कार्यकारिणी कमेटी ने अधिकार उन्हें सौंप दिए हैं। उन्होंने कहा कि दिल्ली सिख कत्लेआम में दोषी सजन कुमार और जगदीश टाइटलर के साथ ही कई अन्य कांग्रेसी नेता शामिल हैं और सिख कत्लेआम की हर दोषी को सजा मिलनी चाहिए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस जमात सिखों की दुश्मन जमात है और बड़े दुख की बात है कि सिख कत्लेआम के दोषियों को कांग्रेस की ओर से बड़े पद देकर नवाजा जा रहा है।
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एसजीपीसी के प्रधान एडवोकेट धामी ने सचखंड श्री हरमंदिर साहिब के रास्ते में विरासती मार्ग पर लगी विशाल स्क्रीनों पर चलने वाली सरकार की मशहूरियों की सख्त शब्दों में आलोचना की। अकाली सरकार के दौरान स्क्रीन गुरुबानी के प्रसारण के लिए लगाई गईं थी। जिन्हें कांग्रेस सरकार निजी हितों के लिए प्रयोग कर रही है। उन्होंने पंजाब सरकार से इन स्क्रीनों पर अपना प्रचार बंद कर तुरंत गुरुबानी कीर्तन चलाने की मांग की। इस मौके पर एसजीपीसी सीनियर उप प्रधान रघुबीर सिंह विर्क, जूनियर उप प्रधान प्रिंसिपल सुरिंदर सिंह, महासचिव करनैल सिंह पंजौली, कार्यकारिणी सदस्य र्स्वण सिंह कुलार, सुरजीत सिंह गढ़ी, जरनैल सिंह डोगरांवाला, बीबी गुरप्रीत कौर, सचिव महिंदर सिंह आाहली, अतिरिक्त सचिव सुखदेव सिंह भूराकोहना और उप सचिव कुलविंदर सिंह रमदास के अलावा ओएसडी सतबीर सिंह धामी और सुपरिंटेंडेंट मलकीत सिंह बहड़वाल भी मौजूद थे।
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