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सहारनपुर मामले की जांच को एसजीपीसी ने बनाई टीम

Sat, 26 Jul 2014 10:28 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, अमृतसर
ब्यूरो/अमर उजाला, अमृतसर Updated Sat, 26 Jul 2014 10:28 PM IST
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एसजीपीसी के अध्यक्ष अवतार सिंह मक्कड़ ने बताया कि सहारनपुर मामले की जांच के लिए एसजीपीसी की ओर से तीन सदस्यीय कमेटी गठित की गई है। इस कमेटी को सहारनपुर रवाना कर दिया गया है।
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कमेटी में एसजीपीसी के सचिव सुखदेव सिंह भौर, रजिंदर सिंह मेहता और करनैल सिंह पंजौली को शामिल किया गया है। एसजीपीसी के उप सचिव सुखदेव सिंह भूरा कोहना को कमेटी का कोआर्डिनेटर नियुक्त किया गया है। यह कमेटी घटना स्थल पर पहुंच कर सारी रिपोर्ट एसजीपीसी को सौंपेगी। वहीं उन्होंने इस घटना की सख्त शब्दों में निंदा की है। एसजीपीसी ने सहारनपुर के पुलिस मुखी और यूपी के डीजीपी से आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है।
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मक्कड़ ने कहा कि सारी स्थिति के बारे में सहारनपुर के एसएसपी और यूपी के डीजीपी के साथ फोन पर उनकी बात हो गई है। सारे हालातों की जानकारी पुलिस अधिकारियों से ली जा रही है। फोन पर ही उनको सहारनपुर के गुरुद्वारा सिंह सभा के अध्यक्ष और समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष गुरप्रीत सिंह ने बताया कि कुछ शरारती तत्वों ने पहले गुरुद्वारा साहिब के प्रबंधकों के साथ झगड़ा किया। इसके बाद गुरुद्वारे में आई संगतों पर पत्थर फेंकने शुरू कर दिए। देखते ही देखते तनाव पैदा करने के लिए शरारती तत्वों की ओर से सिख भाईचारे की दुकानों को आग लगाना शुरू कर दिया। जिससे शहर में तनाव बढ़ गया और सरकार को कर्फ्यू तक लगाना पड़ा।
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एक सवाल के जवाब में मक्कड़ ने कहा कि श्री अकाल तख्त साहिब के आदेशों को मुख्य रखते हुए हरियाणा की अलग से बनी गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के खिलाफ शुरू किए जाने वाले मोर्चे के लिए अमृतसर में आयोजित की जाने वाली 27 जुलाई की कांफ्रेंस को रद्द कर दिया है।




उन्होंने फिर दोहराया कि एसजीपीसी को किसी भी कीमत पर विभाजित नहीं होने दिया जाएगा और न ही कांग्रेेस की सिख विरोधी नीतियों को सफल होने दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि एसजीपीसी के कानून में संशोधन या अन्य किसी भी तरह के फैसले का अधिकारी राज्य सरकार के पास नहीं बल्कि केंद्र सरकार के पास है। सिखों को विभाजित करने वाली नीतियों को सफल नहीं होने देंगे।
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