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दो बर्खास्त पंज प्यारों ने लापता पावन स्परूप की जांच रिपोर्ट पर उठाए सवाल

Thu, 03 Sep 2020 09:36 PM IST
Punjab Bureau पंजाब ब्‍यूरो
Updated Thu, 03 Sep 2020 09:36 PM IST
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questions over the investigation of missing sacred forms
श्री अकाल तख्त साहिब के बर्खास्त पंज प्यारों में से दो भाई सतनाम सिंह झंझिया व भाई तरलोक सिंह ने कहा कि लापता 328 पावन स्वरूपों की जांच कमेटी की रिपोर्ट अधूरी और एक तरफा है। ऐसा कह कर बर्खास्त पंज प्यारों ने श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी हरप्रीत सिंह की जांच को पंथक कटघरे में कड़ा कर दिया है। इन पंज प्यारों को शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के तत्कालीन अध्यक्ष जत्थेदार अवतार सिंह मक्कड़ द्वारा बर्खास्त किया गया था।
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अपनी बर्खास्तगी से पहले भी इन पंज प्यारों ने श्री अकाल तख्त साहिब के तत्कालीन जत्थेदार ज्ञानी गुरबचन सिंह का गुरमत्ता (धार्मिक प्रस्ताव) पारित कर पंज प्यारों के सामने पेश होने के आदेश दिए थे। डेरा मुखी को माफी देने के बाद पैदा हुए विवाद के बीच इन पंज प्यारों ने तत्कालीन जत्थेदार को कटघरे में खड़ा कर दिया था। इसके बाद ही जत्थेदार मक्कड़ ने इनको बर्खास्त कर दिया था।
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मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि एसजीपीसी में एक परिवार का कब्जा है जिस कारण धार्मिक संस्था में अधर्म गतिविधियां बड़े स्तर पर हो रही है। एसजीपीसी सदस्य, ग्रंथी साहिब और पदाधिकारी गुरु साहिबान के स्थान पर बादल परिवार की चापलूसी करने को ही अपना धर्म समझते हैं। लापता पावन स्वरूपों की जांच अधूरी है। इस जांच में असली आरोपी एसजीपीसी के वर्तमान व पूर्व अध्यक्षों व प्रबंधकों को जांच के घेरे से बाहर रखा गया है। ज्ञानी हरप्रीत सिंह भी पूर्व जत्थेदार ज्ञानी गुबचन सिंह की तरह धड़ेबंदी से ऊपर नहीं उठ सके हैं। लापता स्वरूपों की हुई जांच में जत्थेदार कौम का दिल जीतने में असमर्थ रहे हैं। सिख कौम जत्थेदार से सवाल पूछ रही है कि 328 पावन स्वरूप आखिर कहां गए, जांच कमेटी ने इस मामले में कमेटी के प्रबंधकों व उनके सियासी आकाओं से पूछताछ क्यों नहीं की।
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पंज प्यारों ने सिख संगठनों से अपील की कि वह एकजुट होकर इस मामले में एक सांझी रणनीति तैयार करें। दु:ख का विषय है कि पांच सिंह साहिबान की बैठक में ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा गोबिंद रामायण के दिए व्यक्त के बारे में कोई बयान नहीं दिया। न ही जत्थेदार ने ज्ञानी इकबाल सिंह के उस बयान का नोटिस लिया, जिसमें उन्होंने कहा था कि सिख लव-कुश के वंशज है।
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