{"_id":"60507e088ebc3e8d1a153c22","slug":"punjab-farmer-returned-from-singhu-border-consumed-poison-died","type":"story","status":"publish","title_hn":"एक और मौत : अमृतसर में किसान ने निगला जहर, सिंघु बॉर्डर से लौटते ही उठाया खौफनाक कदम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
एक और मौत : अमृतसर में किसान ने निगला जहर, सिंघु बॉर्डर से लौटते ही उठाया खौफनाक कदम
Tue, 16 Mar 2021 03:15 PM IST
निवेदिता वर्मा
संवाद न्यूज एजेंसी, अमृतसर (पंजाब)
संवाद न्यूज एजेंसी, अमृतसर (पंजाब)
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Tue, 16 Mar 2021 03:15 PM IST
सार
- कृषि कानूनों के विरोध में पंजाब के एक और किसान ने दी जान
- कड़ियाल में किसान कुलदीप सिंह ने जहर निगलकर समाप्त कर ली अपनी जीवन लीला
- कुलदीप सिंह सोमवार रात को सिंघु बॉर्डर से लौटा था
विज्ञापन
किसान आंदोलन में शामिल किसान।
- फोटो : फाइल फोटो
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
कृषि कानूनों के विरोध में पंजाब के एक और किसान की जान चली गई। सीमावर्ती पुलिस थाना भिंडी सैदा के अंतर्गत आते गांव कड़ियाल में एक नौजवान किसान ने जहर निगल कर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। किसान की पहचान कुलदीप सिंह के तौर पर हुई है।
विज्ञापन
जानकारी के अनुसार, कुलदीप सिंह सोमवार रात को सिंघु बॉर्डर से लौटा था। वह पिछले एक महीने से किसान आंदोलन में शामिल था। गांव के किसानों के साथ 19 फरवरी को वह किसान आंदोलन में हिस्सा लेने के लिए घर से गया था। इस जत्थे के साथ दिल्ली बॉर्डर गए गांव के बाकी किसान तो कुछ दिन बाद लौट आए लेकिन कुलदीप वहीं रूक गया।
विज्ञापन
परिजनों के अनुसार, सोमवार देर रात गांव के पूर्व सरपंच गुरप्रीत सिंह ने उन्हें फोन कर बताया कि उनका बेटा खेत में बेहोश पड़ा है। वह खेत में पहुंचे और कुलदीप को अमृतसर के गुरु नानक देव अस्पताल में दाखिल करवाया। वहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
विज्ञापन
परिजनों के अनुसार, कुलदीप सिंह ने घर पहुंचने से पहले ही रास्ते में ही जहरीला पदार्थ निगल लिया था। पुलिस थाना भिंडी सैदा ने कुलदीप के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। कुलदीप के पिता जागीर सिंह के अनुसार उनका बेटा बहुत ही संवेदनशील था। एक महीने तक किसानों के साथ रहने के बाद वह दुखी हो गया था। इसलिए उसने यह कदम उठाया है।