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Punjab: पूर्व डिप्टी सीएम ओपी सोनी की मुश्किलें बढ़ीं, विजिलेंस अब वर्दी, सैनिटाइजर घोटाले की फाइलें खोलेगी
Tue, 11 Jul 2023 08:17 AM IST
निवेदिता वर्मा
पंकज शर्मा, संवाद, अमृतसर (पंजाब)
पंकज शर्मा, संवाद, अमृतसर (पंजाब)
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Tue, 11 Jul 2023 08:17 AM IST
सार
पंजाब के पूर्व डिप्टी सीएम ओपी सोनी वर्ष 1991 में अमृतसर शहर के पहले मेयर बने थे। 1997 में पहली बार विधायक बने। वर्ष 2002, 2007, 2012, 2017 तक लगातार पांच बार जीते थे। सितंबर 2021 में उन्हें डिप्टी सीएम बनाया गया था। 2022 में वह चुनाव हारे।
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पूर्व डिप्टी सीएम ओपी सोनी
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विस्तार
आय से अधिक संपत्ति इकट्ठा करने के आरोपों में विजिलेंस ब्यूरो की ओर से गिरफ्तार पंजाब के पूर्व उप मुख्यमंत्री ओम प्रकाश सोनी की मुश्किलें बढ़ गई हैं। कैबिनेट मंत्री रहते हुए सोनी के कार्यकाल में सरकारी स्कूलों में वर्दी घोटाला, सैनिटाइजर खरीद घोटाला, पीपीटी किट खरीद घोटाला और सर्किट हाउस अमृतसर की भूमि बेचने का घोटाला भी चर्चा में रहा था।
दो दिनों के पुलिस रिमांड के दौरान विजिलेंस ब्यूरो विजिलेंस उनसे इन मामलों के बारे में पूछताछ कर सकती है। संभावना है कि विजिलेंस इन सब मामलों की फाइल भी खोलेगी। विजिलेंस ने करीब नौ माह बाद सोनी की आय से अधिक संपत्ति मामले में गिरफ्तारी की है।
यह भी पढ़ें: फरीदकोट में मुठभेड़ के बाद बंबीहा गैंग के दो बदमाश गिरफ्तार, गोली लगने से एक घायल
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सोनी के वकील प्रदीप सैनी ने कहा कि ओपी सोनी को अदालत में पेश किए जाने पर एक घंटे तक बहस चली और दो दिन का पुलिस रिमांड दिया गया। उन्होंने कहा कि आठ महीने की जांच के दौरान विजिलेंस ब्यूरो को कुछ नहीं मिला तो पुलिस रिमांड के दौरान क्या मिलता है, 12 जुलाई को सामने आ जाएगा। हालांकि इस मौके उन्होंने राजनीतिक तौर पर कुछ भी कहने से इनकार कर दिया।
अमृतसर के पहले मेयर रह चुके हैं सोनी
सोनी वर्ष 1991 में अमृतसर शहर के पहले मेयर बने थे। 1997 में पहली बार विधायक बने। वर्ष 2002, 2007, 2012, 2017 तक लगातार पांच बार जीते थे। सितंबर 2021 में उन्हें डिप्टी सीएम बनाया गया था। 2022 में वह चुनाव हारे। घर पर रात में लोगों का आना-जाना लगा रहा।
सोनी अमृतसर के नगर निगम के पहले मेयर भी रह चुके है। 20 जून 1991 को सोनी अमृतसर के पहले मेयर बने। वह ऑल इंडिया मेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष भी बने। पेशे से ठेकेदार रहे सोनी वर्ष 2022 तक कई कारोबारों के मालिक बन चुके थे। 20 सितंबर 2021 को वह पंजाब के उप मुख्यमंत्री बने, जब चरणजीत सिंह चन्नी पंजाब के मुख्यमंत्री थे। इस से पहले मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के कार्यकाल में भी ओपी सोनी कैबिनेट मंत्री रहे।
शिअद में जाने की थी चर्चा
वर्ष 1997 में वह पहली बाद आजाद उम्मीदवार के रूप में अमृतसर वेस्ट विधान सभा से विधायक बने जब उनको कांग्रेस पार्टी ने टिकट नहीं दिया था। 2002 में वह दोबार विधायक चुने गए। वर्ष 2007 में वह दोबारा कांग्रेस की टिकट पर विधायक चुने गए। 2012 में वह अमृतसर सेंट्रल विधान सभा क्षेत्र से कांग्रेस पार्टी की टिकट से विधायक चुने गए। वर्ष 2017 में वह दोबारा अमृतसर सेंट्रल विधानसभा क्षेत्र से विधायक चुने गए।
वर्ष 2018 में सोनी को कैबिनेट मंत्री बनाया गया। सोनी के बारे में चर्चा थी कि वह अकाली दल ज्वाइन करेंगे। जब प्रकाश सिंह बादल मुख्यमंत्री थी। चन्नी सरकार का कार्यकाल खत्म होने के बाद सोनी के भाजपा में भी जाने की चचाएं रही है। पंजाब कांग्रेस में सोनी का राजनीतिक कद काफी ऊंचा था। इस समय सोनी करोड़ों की जायदाद के मालिक हैं।
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दो दिनों के पुलिस रिमांड के दौरान विजिलेंस ब्यूरो विजिलेंस उनसे इन मामलों के बारे में पूछताछ कर सकती है। संभावना है कि विजिलेंस इन सब मामलों की फाइल भी खोलेगी। विजिलेंस ने करीब नौ माह बाद सोनी की आय से अधिक संपत्ति मामले में गिरफ्तारी की है।
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सोनी के वकील प्रदीप सैनी ने कहा कि ओपी सोनी को अदालत में पेश किए जाने पर एक घंटे तक बहस चली और दो दिन का पुलिस रिमांड दिया गया। उन्होंने कहा कि आठ महीने की जांच के दौरान विजिलेंस ब्यूरो को कुछ नहीं मिला तो पुलिस रिमांड के दौरान क्या मिलता है, 12 जुलाई को सामने आ जाएगा। हालांकि इस मौके उन्होंने राजनीतिक तौर पर कुछ भी कहने से इनकार कर दिया।
अमृतसर के पहले मेयर रह चुके हैं सोनी
सोनी वर्ष 1991 में अमृतसर शहर के पहले मेयर बने थे। 1997 में पहली बार विधायक बने। वर्ष 2002, 2007, 2012, 2017 तक लगातार पांच बार जीते थे। सितंबर 2021 में उन्हें डिप्टी सीएम बनाया गया था। 2022 में वह चुनाव हारे। घर पर रात में लोगों का आना-जाना लगा रहा।
सोनी अमृतसर के नगर निगम के पहले मेयर भी रह चुके है। 20 जून 1991 को सोनी अमृतसर के पहले मेयर बने। वह ऑल इंडिया मेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष भी बने। पेशे से ठेकेदार रहे सोनी वर्ष 2022 तक कई कारोबारों के मालिक बन चुके थे। 20 सितंबर 2021 को वह पंजाब के उप मुख्यमंत्री बने, जब चरणजीत सिंह चन्नी पंजाब के मुख्यमंत्री थे। इस से पहले मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के कार्यकाल में भी ओपी सोनी कैबिनेट मंत्री रहे।
शिअद में जाने की थी चर्चा
वर्ष 1997 में वह पहली बाद आजाद उम्मीदवार के रूप में अमृतसर वेस्ट विधान सभा से विधायक बने जब उनको कांग्रेस पार्टी ने टिकट नहीं दिया था। 2002 में वह दोबार विधायक चुने गए। वर्ष 2007 में वह दोबारा कांग्रेस की टिकट पर विधायक चुने गए। 2012 में वह अमृतसर सेंट्रल विधान सभा क्षेत्र से कांग्रेस पार्टी की टिकट से विधायक चुने गए। वर्ष 2017 में वह दोबारा अमृतसर सेंट्रल विधानसभा क्षेत्र से विधायक चुने गए।
वर्ष 2018 में सोनी को कैबिनेट मंत्री बनाया गया। सोनी के बारे में चर्चा थी कि वह अकाली दल ज्वाइन करेंगे। जब प्रकाश सिंह बादल मुख्यमंत्री थी। चन्नी सरकार का कार्यकाल खत्म होने के बाद सोनी के भाजपा में भी जाने की चचाएं रही है। पंजाब कांग्रेस में सोनी का राजनीतिक कद काफी ऊंचा था। इस समय सोनी करोड़ों की जायदाद के मालिक हैं।