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पठानकोट में मांगों की अनदेखी डैम अधिकारी के कार्यालय पर जड़ा ताला
ब्यूरो/अमर उजाला, अमृतसर
Updated Wed, 16 Mar 2016 10:38 PM IST
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पठानकोट में प्रदर्शन करते किसान और कांग्रेसी।
- फोटो : amarujala
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प्रदेश सरकार की ओर से शाहपुरकंडी के किसान बैराज औसती परिवारों की सुध न लिए जाने पर कांग्रेस बैराज औसती परिवारों के समर्थन उतरी है।
कांग्रेस किसान व खेत मजदूर सैल के जिला चेयरमैन ठाकुर अमित मंटू के नेतृत्व में कमेटी ने जुगियाल के गोल मार्केट से रणजीत सागर बांध तक काले झंडे लेकर रोष मार्च निकाला और बांध अधिकारियों का घेराव किया। प्रदर्शन के बाद बैराज औसती संघर्ष कमेटी के प्रधान दयाल सिंह मरणव्रत पर बैठ गए। घेराव के बाद भी जब डैम के चीफ इंजीनियर समस्या सुनने बाहर नहीं आये तो कांग्रेस नेता अमित मंटू ने उनके कार्यालय में ताला लगा दिया।
प्रदेश सरकार ने 1992-93 में लिखित रूप में वादा किया था कि जिस किसान की एक मरला भी भूमि बैराज के क्षेत्र में आएगी, उसके घर के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाएगी। इसके बाद भी अभी तक नौकरी नहीं दी गई है। किसान बैराज औसती संघर्ष कमेटी मांगों को लेकर संघर्ष कर रही है। लमांगों को सरकार गंभीरता से नहीं ले रही है।
इस दौरान अमित मंटू ने कहा कि बैराज औसतियों के इस संघर्ष में वह हर समय उनके साथ खड़े हैं। उन्होंने कहा कि सरकार की वादाखिलाफी से डेढ़ सौ परिवार धक्के खाने को मजबूर हैं। उन्होने कहा कि सरकारी नुमाइंदे अपने चहेतों को नौकरियां दे रहे हैं। इससे किसान परिवारों के सदस्यों को नौकरियां नहीं मिल पाईं हैं।
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संघर्ष कमेटी के प्रधान दयाल सिंह ने कहा कि औसती परिवारों को अधिकार मिलने तक वह मरणव्रत पर बैठे रहेंगे। उन्होंने बताया कि वह अपनी मांग को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिख चुके हैं। प्रधानमंत्री के मामले की जांच के लिए आदेश पत्र भी जारी किया है। अधिकारियों ने उस आदेश पत्र को ही गायब कर दिया है।
उन्होंने कहा कि डीसी को जब समस्या बताई तो उन्होंने कहा कि सरकार ही मामले में कोई निर्णय लेगी। इस मौके पर शिंगारा सिंह, गुरदीप सिंह, त्रिलोक सिंह, कुलदीप सिंह, कुलविंद्र सिंह, स्वर्ण सिंह, सुरिंद्र सिह, दीपक सिंह, जसवीर सिंह, सुभाष सिंह, अमनदीप सिंह, अरुण सिंह, करनैल सिंह, जगजीत सिंह, राजेश पाल, लखविंद्र सिंह मौजूद थे।
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कांग्रेस किसान व खेत मजदूर सैल के जिला चेयरमैन ठाकुर अमित मंटू के नेतृत्व में कमेटी ने जुगियाल के गोल मार्केट से रणजीत सागर बांध तक काले झंडे लेकर रोष मार्च निकाला और बांध अधिकारियों का घेराव किया। प्रदर्शन के बाद बैराज औसती संघर्ष कमेटी के प्रधान दयाल सिंह मरणव्रत पर बैठ गए। घेराव के बाद भी जब डैम के चीफ इंजीनियर समस्या सुनने बाहर नहीं आये तो कांग्रेस नेता अमित मंटू ने उनके कार्यालय में ताला लगा दिया।
प्रदेश सरकार ने 1992-93 में लिखित रूप में वादा किया था कि जिस किसान की एक मरला भी भूमि बैराज के क्षेत्र में आएगी, उसके घर के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाएगी। इसके बाद भी अभी तक नौकरी नहीं दी गई है। किसान बैराज औसती संघर्ष कमेटी मांगों को लेकर संघर्ष कर रही है। लमांगों को सरकार गंभीरता से नहीं ले रही है।
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इस दौरान अमित मंटू ने कहा कि बैराज औसतियों के इस संघर्ष में वह हर समय उनके साथ खड़े हैं। उन्होंने कहा कि सरकार की वादाखिलाफी से डेढ़ सौ परिवार धक्के खाने को मजबूर हैं। उन्होने कहा कि सरकारी नुमाइंदे अपने चहेतों को नौकरियां दे रहे हैं। इससे किसान परिवारों के सदस्यों को नौकरियां नहीं मिल पाईं हैं।
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संघर्ष कमेटी के प्रधान दयाल सिंह ने कहा कि औसती परिवारों को अधिकार मिलने तक वह मरणव्रत पर बैठे रहेंगे। उन्होंने बताया कि वह अपनी मांग को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिख चुके हैं। प्रधानमंत्री के मामले की जांच के लिए आदेश पत्र भी जारी किया है। अधिकारियों ने उस आदेश पत्र को ही गायब कर दिया है।
उन्होंने कहा कि डीसी को जब समस्या बताई तो उन्होंने कहा कि सरकार ही मामले में कोई निर्णय लेगी। इस मौके पर शिंगारा सिंह, गुरदीप सिंह, त्रिलोक सिंह, कुलदीप सिंह, कुलविंद्र सिंह, स्वर्ण सिंह, सुरिंद्र सिह, दीपक सिंह, जसवीर सिंह, सुभाष सिंह, अमनदीप सिंह, अरुण सिंह, करनैल सिंह, जगजीत सिंह, राजेश पाल, लखविंद्र सिंह मौजूद थे।