{"_id":"578279e44f1c1b4f677fa1e1","slug":"protest-batala-protest-protest-against-police-batala-amritsar","type":"story","status":"publish","title_hn":"बटाला में पुलिस की लापरवाही के खिलाफ प्रदर्शन ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बटाला में पुलिस की लापरवाही के खिलाफ प्रदर्शन
ब्यूरो, अमर उजाला/अमृतसर
Updated Sun, 10 Jul 2016 10:07 PM IST
विज्ञापन
बटाला में पुलिस चौकी सिंबल बटाला के आगे प्रदर्शन करते प्रदर्शनकारी।
- फोटो : amarujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मारपीट मामले में पिता-पुत्र पर केस दर्ज करने के खिलाफ सब दा भला ह्यूमैनेटी क्लब और अन्य लोगों ने पुलिस चौकी सिंबल का घेराव करके प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस की कार्यशैली के खिलाफ नारेबाजी की।
प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार करने के बजाय पीड़ित परिवार के पिता-पुत्र पर गलत मामला दर्ज किया है।
उन्होंने इस मामले में राजनीतिक शह का भी आरोप लगाया। प्रदर्शनकारियों की मांग थी कि आरोपियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाए। एसएचओ सिविल लाइन बटाला इंस्पेक्टर वेद प्रकाश द्वारा दिए गए आश्वासन के बाद प्रदर्शनकारी शांत हुए।
पीड़िता राजविंदर कौर वासी करतार नगर बटाला ने बताया कि तीन जुलाई को वह घर में अकेली थी। उसका पति और बेटा किसी काम से बाहर गए थे। इसी दौरान पड़ोसी सर्वजीत सिंह की दो गाय उनके घर में घुस आईं। जब उसने गायों को घर से बाहर निकाला, तो सर्वजीत सिंह और उसका साथी सतनाम सिंह गुस्से में आ गए और उसके घर आकर उसके साथ मारपीट की।
विज्ञापन
इससे उसकी बाजू टूट गई। पड़ोसियों ने उसे अस्पताल में दाखिल करवाया। पांच जुलाई को उसके बयान पर हमला करने के आरोप में सर्वजीत सिंह सब्बा और सतनाम सिंह समेत चार लोगों पर मामला दर्ज कर लिया लेकिन पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार नहीं किया। आठ जुलाई को सुबह पुलिस ने उसके पति भूपिंदर सिंह और बेटे कर्णदीप सिंह को आरोपियों के घर में तोड़ फोड़ करने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया।
राजविंदर कौर ने आरोप लगाया कि पुलिस ने चौकी में उसके बेटे कर्णदीप सिंह को पीटा। राजविंदर कौर ने कहा कि एक बड़े नेता के दबाव के कारण उसके पति और बेटे पर केस दर्ज किया गया है। पुलिस ने उसके पति और बेटे को जेल भेज दिया है।
इस मौके पर सब दा भला ह्यूमेनिटी क्लब के प्रधान नवतेज सिंह गुग्गु ने कहा कि पुलिस गरीबों के खिलाफ गुंडागर्दी करने पर उतर आई है। राजनीतिक नेता की शह पर निर्दोष पिता-पुत्र को जेल भेज दिया गया। अदालत में उन्होंने पिता-पुत्र की मेडिकल जांच की याचिका दायर की थी, लेकिन अदालत के आदेश के बावजूद पुलिस उनका मेडिकल नहीं करवा रही।
गुग्गु ने चेतावनी दी कि अगर पुलिस ने न्याय न किया, तो संघर्ष तेज किया जाएगा। वार्ड 1 के शिअद प्रधान बलविंदर सिंह ने कहा कि हमलावर आपराधिक छवि के हैं और उन्हें राजनीतिक संरक्षण मिला हुआ है।
इस संबंध में थाना सिविल लाइन के एसएचओ वेद प्रकाश ने कहा कि उन्होंने कुछ समय पहले ही चार्ज संभाला है, उन्हें मामले की पूरी जानकारी नहीं है। वह मामले की जांच पूरी गहनता से कर रहे हैं। परिवार चाहता है तो दोबारा मेडिकल करवा ले। पीड़ित परिवार पर हमला करने वालों को भी जल्दी गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
विज्ञापन
प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार करने के बजाय पीड़ित परिवार के पिता-पुत्र पर गलत मामला दर्ज किया है।
उन्होंने इस मामले में राजनीतिक शह का भी आरोप लगाया। प्रदर्शनकारियों की मांग थी कि आरोपियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाए। एसएचओ सिविल लाइन बटाला इंस्पेक्टर वेद प्रकाश द्वारा दिए गए आश्वासन के बाद प्रदर्शनकारी शांत हुए।
विज्ञापन
पीड़िता राजविंदर कौर वासी करतार नगर बटाला ने बताया कि तीन जुलाई को वह घर में अकेली थी। उसका पति और बेटा किसी काम से बाहर गए थे। इसी दौरान पड़ोसी सर्वजीत सिंह की दो गाय उनके घर में घुस आईं। जब उसने गायों को घर से बाहर निकाला, तो सर्वजीत सिंह और उसका साथी सतनाम सिंह गुस्से में आ गए और उसके घर आकर उसके साथ मारपीट की।
विज्ञापन
इससे उसकी बाजू टूट गई। पड़ोसियों ने उसे अस्पताल में दाखिल करवाया। पांच जुलाई को उसके बयान पर हमला करने के आरोप में सर्वजीत सिंह सब्बा और सतनाम सिंह समेत चार लोगों पर मामला दर्ज कर लिया लेकिन पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार नहीं किया। आठ जुलाई को सुबह पुलिस ने उसके पति भूपिंदर सिंह और बेटे कर्णदीप सिंह को आरोपियों के घर में तोड़ फोड़ करने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया।
राजविंदर कौर ने आरोप लगाया कि पुलिस ने चौकी में उसके बेटे कर्णदीप सिंह को पीटा। राजविंदर कौर ने कहा कि एक बड़े नेता के दबाव के कारण उसके पति और बेटे पर केस दर्ज किया गया है। पुलिस ने उसके पति और बेटे को जेल भेज दिया है।
इस मौके पर सब दा भला ह्यूमेनिटी क्लब के प्रधान नवतेज सिंह गुग्गु ने कहा कि पुलिस गरीबों के खिलाफ गुंडागर्दी करने पर उतर आई है। राजनीतिक नेता की शह पर निर्दोष पिता-पुत्र को जेल भेज दिया गया। अदालत में उन्होंने पिता-पुत्र की मेडिकल जांच की याचिका दायर की थी, लेकिन अदालत के आदेश के बावजूद पुलिस उनका मेडिकल नहीं करवा रही।
गुग्गु ने चेतावनी दी कि अगर पुलिस ने न्याय न किया, तो संघर्ष तेज किया जाएगा। वार्ड 1 के शिअद प्रधान बलविंदर सिंह ने कहा कि हमलावर आपराधिक छवि के हैं और उन्हें राजनीतिक संरक्षण मिला हुआ है।
इस संबंध में थाना सिविल लाइन के एसएचओ वेद प्रकाश ने कहा कि उन्होंने कुछ समय पहले ही चार्ज संभाला है, उन्हें मामले की पूरी जानकारी नहीं है। वह मामले की जांच पूरी गहनता से कर रहे हैं। परिवार चाहता है तो दोबारा मेडिकल करवा ले। पीड़ित परिवार पर हमला करने वालों को भी जल्दी गिरफ्तार कर लिया जाएगा।