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पंजाब में पाक से आए लोगों को लगा झटका, नागरिकता मिलने की उम्मीद मायूसी में बदली

Fri, 13 Dec 2019 01:23 AM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जालंधर (पंजाब)
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जालंधर (पंजाब) Published by: ajay kumar Updated Fri, 13 Dec 2019 01:23 AM IST
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People Who Come India From Pak sad in Punjab, Know why
पाक से भारत आई महिलाएं।

सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह की नागरिकता संशोधन बिल को पंजाब में लागू न करने की घोषणा के बाद पाकिस्तान से आकर भारत में नागरिकता पाने की इंतजार में बैठे लोगों के चेहरे पर आई खुशी एकदम से मायूसी में बदल गई है। पाकिस्तान से आए शरणार्थियों का एक सुर में कहना है कि कैप्टन साहब, कृपा करके लाखों लोगों की आशा पर पानी मत फेरो। 

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लंबे संघर्ष के बाद नागरिकता मिलने जा रही है। भार्गव कैंप के साईं दास का कहना है कि वह 1980 में पंजाब में बसे थे। आज तक नागरिकता के लिए दिल्ली से लेकर कई जगह चक्कर लगाकर खुशी नसीब हुई, उसको मत छीनो। साईं दास बताते हैं कि अमृतसर, खन्ना, लुधियाना और जालंधर में बड़ी संख्या में ऐसे परिवार हैं, जो नागरिकता के लिए संघर्ष कर रहे हैं।
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पाक से मिले जुल्मों पर मरहम लगाना चाहिए न कि दोबारा जख्म बना देना चाहिए। दर्शना, जिनके परिवार के सात सदस्य बिना नागरिकता लिए दुनिया से रुखस्त हो गए। उसका कहना है कि कैप्टन की यह घोषणा उनके लिए काफी दर्दनाक है। यह कैसा इंसाफ है कि हरियाणा में आए शरणार्थियों को नागरिकता मिल जाएगी और पंजाब में बसे परिवार को नहीं। भारत एक देश है और एक धागे में पिरोया हुआ है, सबको हक मिलना चाहिए। 

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कैप्टन को समस्या क्या है: कीमती भगत

पंजाब गो सेवा आयोग के पूर्व चेयरमैन कीमती भगत, जिन्होंने पाक से आए हिंदुओं को नागरिकता दिलाने के लिए पंजाब से लेकर दिल्ली तक संघर्ष किया है, का कहना है कि कैप्टन के अंदर पाक प्रेम है, इसलिए वह ऐसे बयान दे रहे हैं। लंबे समय बाद केंद्र सरकार ने भारत में 30-30 साल से बसे पाक के शरणार्थियों को अगर नागरिकता देने का फैसला किया है तो कैप्टन को समस्या क्या है।

मुसलमानों के पक्ष में उतरे सुखबीर
नागरिकता संशोधन बिल पर शिरोमणि अकाली दल (शिअद) सुप्रीमो सुखबीर मुसलमानों के पक्ष में आ गए हैं। वह किसी भी कीमत पर अल्पसंख्यकों की नाराजगी मोल लेना नहीं चाहते। सुखबीर का कहना है कि शिरोमणि अकाली दल ने बिल में मुस्लिम शब्द को शामिल करने की मांग की थी। सुखबीर के अनुसार भारत एक धर्मनिरपेक्ष देश है। पूरे विश्व को ध्यान में रखते हुए मुस्लिम शब्द का जिक्र बिल में होना चाहिए था। जो लोग बरसों पहले अपना घर छोड़कर भारत में आए हैं, उनका घर जरूर भारत में होना चाहिए।

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