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यात्रियों ने हवाई अड्डे पर किया रोष प्रदर्शन, कोरोना टेस्ट की रिपोर्ट नामंजूर कर यात्रा की मंजूरी नहीं देने पर भड़के
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श्री गुरु रामदास जी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर तैनात इंडिगो एयरलाइंस के कर्मचारियों ने अमृतसर-दुबई की यात्रा करने वाले वाले यात्रियों की कोरोना वायरस रिपोर्ट को नकारते हुए उन्हें यात्रा करने से वंचित रखा। इसके विरोध में यात्रियों ने हवाई अड्डे में प्रदर्शन किया। घटना रविवार देर रात की है। यात्रियों ने जब टिकट के पैसे वापस मांगे तो कर्मचारियों ने देने से इंकार कर दिया।
लुधियाना के मनदीप सिंह के अनुसार उसने लुधियाना के सिविल अस्पताल से तीन बार कोरोना टेस्ट करवाया। तीनों बार उसकी रिपोर्ट निगेटिव आई। सिविल अस्पताल से कोरोना वायरस का टेस्ट करवाने के लिए इंडिगो एयरलाइंस के कर्मचारियों ने उससे कहा था। उन्हीं के निर्देश के बाद उसने तीन बार टेस्ट करवाया। कर्मचारियों ने तीनों बार कोई न कोई बहाना बना कर उसे यात्रा से रोका। रविवार को फिर दुबई की उड़ान भरने के लिए वह कोरोना वायरस की टेस्ट रिपोर्ट व अन्य दस्तावेजों के साथ हवाई अड्डे पहुंचा। उसकी रिपोर्ट फिर रद्द कर दी गई।
मंजीत ने बताया की दुबई जाने के लिए उसने पहली बार 12 हजार, दूसरी बार 18 व तीसरी बार 23 हजार की टिकट खरीदी। इंडिगो ने तीनों बार न तो उसे सफर की अनुमति दी और न ही टिकटों के पैसे लौटाए। श्री आनंदपुर साहिब के निवासी गुरु लाल सिंह ने बताया की इंडिगो एयरलाइंस के कर्मचारियों ने सरकारी अस्पतालों की कोरोना वायरस रिपोर्ट इसलिए नामंजूर कर दी कि इन रिपोर्ट पर पंजाबी भाषा की मोहर लगी हुई है। यात्रियों से कहा गया है कि वह इस मोहर को अंग्रेजी भाषा में लगवाकर आएं।
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लुधियाना के मनदीप सिंह के अनुसार उसने लुधियाना के सिविल अस्पताल से तीन बार कोरोना टेस्ट करवाया। तीनों बार उसकी रिपोर्ट निगेटिव आई। सिविल अस्पताल से कोरोना वायरस का टेस्ट करवाने के लिए इंडिगो एयरलाइंस के कर्मचारियों ने उससे कहा था। उन्हीं के निर्देश के बाद उसने तीन बार टेस्ट करवाया। कर्मचारियों ने तीनों बार कोई न कोई बहाना बना कर उसे यात्रा से रोका। रविवार को फिर दुबई की उड़ान भरने के लिए वह कोरोना वायरस की टेस्ट रिपोर्ट व अन्य दस्तावेजों के साथ हवाई अड्डे पहुंचा। उसकी रिपोर्ट फिर रद्द कर दी गई।
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मंजीत ने बताया की दुबई जाने के लिए उसने पहली बार 12 हजार, दूसरी बार 18 व तीसरी बार 23 हजार की टिकट खरीदी। इंडिगो ने तीनों बार न तो उसे सफर की अनुमति दी और न ही टिकटों के पैसे लौटाए। श्री आनंदपुर साहिब के निवासी गुरु लाल सिंह ने बताया की इंडिगो एयरलाइंस के कर्मचारियों ने सरकारी अस्पतालों की कोरोना वायरस रिपोर्ट इसलिए नामंजूर कर दी कि इन रिपोर्ट पर पंजाबी भाषा की मोहर लगी हुई है। यात्रियों से कहा गया है कि वह इस मोहर को अंग्रेजी भाषा में लगवाकर आएं।
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