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दो साल बाद बैठक : सात सदस्यीय पाकिस्तानी प्रतिनिधिमंडल पहुंचा भारत, सिंधु जल समझौतै पर होगी बात

Mon, 22 Mar 2021 07:57 PM IST
ajay kumar संवाद न्यूज एजेंसी, अमृतसर (पंजाब)
संवाद न्यूज एजेंसी, अमृतसर (पंजाब) Published by: ajay kumar Updated Mon, 22 Mar 2021 07:57 PM IST
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Pakistani delegation reached India via Attari wagah Border for talk on Indus Waters Treaty
अटारी-वाघा बॉर्डर। - फोटो : फाइल फोटो।

पुलवामा आतंकी हमले के बाद भारत-पाकिस्तान के रिश्तों में तल्खी आई थी। द्विपक्षीय समझौता टूटने के बाद पहली बार पाकिस्तान से सात सदस्यों का प्रतिनिधिमंडल अटारी सीमा के रास्ते भारत पहुंचा है। यह प्रतिनिधिमंडल सिंधु जल समझौते पर भारतीय अधिकारियों से बातचीत करेगा। 

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यह बातचीत 23 व 24 मार्च को दिल्ली में होगी। अटारी सड़क सीमा पर कस्टम व इमिग्रेशन विभाग की औपचारिकता पूरी होने के बाद पाकिस्तानी प्रतिनिधिमंडल कड़ी सुरक्षा के बीच श्री गुरु रामदास जी इंटरनेशनल हवाई अड्डे पर पहुंचा और वहां से दिल्ली के लिए रवाना हो गया। दोनों देशों के बीच हुए समझौते के अनुसार यह बैठक हर वर्ष आयोजित की जाती है लेकिन इस बार यह बैठक दो वर्ष के बाद दिल्ली में हो रही है। 
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इससे पहले 2018 में बैठक लाहौर में संपन्न हुई थी। पुलवामा में आतंकी हमले के बाद भारत ने इस बैठक को रद्द कर दिया था। पाकिस्तान से पहुंचे प्रतिनिधिमंडल की अगुवाई वहां के जल मंत्रालय के उच्च अधिकारी मोहम्मद आफताब चौधरी कर रहे हैं। प्रतिनिधिमंडल में सईद मोहम्मद मेहर अली, सैफ अंजुम, उस्मान इ घानी, मोहम्मद रिआज, अब्दुल जाहिर खान व मिर्जा आसिफ बेग शामिल हैं।
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छह नदियों के जल बंटवारे पर होती है बातचीत 
भारत-पाकिस्तान के बीच पानी के बंटवारे के मामले में पैदा हुए विवाद पर दोनों देशों के बीच नौ वर्ष तक बातचीत चली थी। बाद में विश्व बैंक की मदद से सिंधु जल समझौता हुआ था। 19 सितंबर, 1960 को तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू और पाकिस्तान के राष्ट्रपति अयूब खान के बीच कराची में इस समझौते पर दस्तखत हुए थे। इस समझौते के तहत छह नदियों ब्यास, रावी, सतलुज, सिंधु, चिनाब और झेलम के पानी के बंटवारे के दोनों देशों के अधिकार शामिल हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कई बार घोषणा की है कि वह पंजाब की नदियों का पानी पाकिस्तान में नहीं जाने देंगे।

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