{"_id":"681314aa58f2ec7caf00f60b","slug":"pakistan-allows-150-afghan-trucks-to-cross-wagah-border-2025-05-01","type":"story","status":"publish","title_hn":"मान गया पड़ोसी मुल्क: पाकिस्तान में फंसे 150 ट्रक आएंगे वाघा बॉर्डर... लेकिन भारत से नहीं मिली मंजूरी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मान गया पड़ोसी मुल्क: पाकिस्तान में फंसे 150 ट्रक आएंगे वाघा बॉर्डर... लेकिन भारत से नहीं मिली मंजूरी
Thu, 01 May 2025 11:59 AM IST
अंकेश ठाकुर
संवाद न्यूज एजेंसी, अमृतसर (पंजाब)
संवाद न्यूज एजेंसी, अमृतसर (पंजाब)
Published by: अंकेश ठाकुर
Updated Thu, 01 May 2025 11:59 AM IST
सार
पाकिस्तान और भारत के बीच चल रहे तनाव के बीच पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान ने अफगानिस्तान के ट्रकों को भारत जाने के लिए बॉर्डर खोलने की मंजूरी दे दी है। अफगानीस्तान के 150 ट्रक पाकिस्तान में हैं।
विज्ञापन
अटारी चेकपोस्ट
- फोटो : ANI
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच सभी तरह की बोलचाल बंद है। यहां तक कि भारत में रह रहे पाकिस्तानी नागरिक भी अपने वतन लौट गए हैं। दोनों देशों में तनाव के बीच व्यापार भी पूरी तरह बंद है। ऐसे में पाकिस्तान ने बैकफुट पर आते हुए अफगानिस्तान से आने वाले सामान से भरे ट्रकों को वाघा बार्डर से भारत के लिए जाने की मंजूरी दे दी है। हालांकि अभी तक इस मसले पर भारत सरकार की तरफ से कोई भी प्रतिक्रिया नहीं आई है।
विज्ञापन
अफगानिस्तान से आने वाले ड्राई फ्रूट व अन्य सामान के 150 ट्रक को वाघा बॉर्डर क्रॉस करने की परमिशन मिल गई है। लेकिन भारत सरकार की ओर से बॉर्डर बंद किए जाने की वजह से फिलहाल अटारी की तरफ से रिसीव किए जाने की मंजूरी नहीं दी है।
विज्ञापन
पहलगाम आतंकी हमले के बाद से ही भारत सरकार की ओर से आईसीपी बंद करने की घोषणा कर दी थी। इसके बाद अफगानिस्तान से आने वाले सभी ट्रकों को पाकिस्तान में ही रोक लिया गया था। लेकिन अब अफगानिस्तान दूतावास की ओर से निवेदन किए जाने पर वाघा क्रॉस करने की इजाजत मिल गई है। इन ट्रकों में आने वाला ज्यादातर माल दिल्ली और मुंबई के व्यापारियों का है।
विज्ञापन
वहीं ड्राई फ्रूट करियाणा मर्चेंट एसोसिएशन के प्रधान अनिल मेहर ने कहा कि देश सर्वोत्तम है, व्यापार का आदान-प्रदान होता रहता है। भारत सरकार व्यापार को प्रभावित नहीं होने देगी। इसलिए किसी अन्य रूट के जरिए अफगानिस्तान के साथ व्यापार जारी रहेगा।