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Amritsar News: बजट में बाॅर्डर इंडस्ट्री के लिए बड़ी घोषणा नहीं, ट्रेडर्स-उद्योगपति मायूस
Thu, 27 Mar 2025 01:33 AM IST
चंडीगढ़ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमृतसर
संवाद न्यूज एजेंसी, अमृतसर
Updated Thu, 27 Mar 2025 01:33 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
अमृतसर। पंजाब सरकार की तरफ से पेश किए गए बजट से कारोबार के चेहरों पर मयूसी छाई है। बजट में उद्योगों के प्रोत्साहन के लिए 250 करोड़ और उद्योग के लिए बिजली सब्सिडी सहित 3426 करोड़ रुपये का प्रावधान रखा है। इसे उद्योगपतियों और ट्रेडर्स ने कारोबार जगत के लिए नाकाफी बताया है। उद्योगपतियों के मुताबिक बाॅर्डर इंडस्ट्री होने के कारण दूसरे राज्यों से कच्चा माल मंगवा कर माल तैयार कर भेजा जाता है। ऐसे में दूसरे राज्यों के साथ प्रतिस्पर्धा के लिए पहाड़ी राज्यों की तर्ज पर स्पेशल इंसेटिव मिलना चाहिए था।
टेक्सटाइल मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन के दफ्तर में उद्योगपतियों ने बजट भाषण सुना। इसमें महासचिव राजीव खन्ना ने कहा कि इंडस्ट्री के लिए 3426 करोड़ अलाॅट किया है। वहीं यह कहां खर्च होना है, इसके बारे में अभी स्थिति स्पष्ट नहीं है। बजट के बाद औद्योगिक नीति की घोषणा किए जाने की बात कही गई है। उद्योगपतियों को इसमें उद्योगों के लिए विशेष रियायतें दी जानी चाहिए। उद्योगपतियों को उम्मीद थी कि इस बजट में सरकार ट्रेड व इंडस्ट्री को बड़ी राहत देगी। वहीं बजट में सिर्फ 250 करोड़ ही प्रोत्साहन के लिए रखा गया है। वहीं बाकी की घोषणा तो सब्सिडी में निकल जाती है। एग्रो बेस्ड और टूरिज्म इंडस्ट्री को प्रफुल्लित करने के लिए इन्सेटिव दिए जाने चाहिए थे। प्रोफेशनल टैक्स भी नहीं हटाया गया। इसके अलावा उद्योगों के लिए 5 रुपए प्रति यूनिट बिजली दर फिक्स होनी चाहिए। उद्योपतियों ने बजट को लेकर सरकार को कई पत्र भेजे थे, जिनपर अमल नहीं किया गया है।
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अमृतसर। पंजाब सरकार की तरफ से पेश किए गए बजट से कारोबार के चेहरों पर मयूसी छाई है। बजट में उद्योगों के प्रोत्साहन के लिए 250 करोड़ और उद्योग के लिए बिजली सब्सिडी सहित 3426 करोड़ रुपये का प्रावधान रखा है। इसे उद्योगपतियों और ट्रेडर्स ने कारोबार जगत के लिए नाकाफी बताया है। उद्योगपतियों के मुताबिक बाॅर्डर इंडस्ट्री होने के कारण दूसरे राज्यों से कच्चा माल मंगवा कर माल तैयार कर भेजा जाता है। ऐसे में दूसरे राज्यों के साथ प्रतिस्पर्धा के लिए पहाड़ी राज्यों की तर्ज पर स्पेशल इंसेटिव मिलना चाहिए था।
टेक्सटाइल मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन के दफ्तर में उद्योगपतियों ने बजट भाषण सुना। इसमें महासचिव राजीव खन्ना ने कहा कि इंडस्ट्री के लिए 3426 करोड़ अलाॅट किया है। वहीं यह कहां खर्च होना है, इसके बारे में अभी स्थिति स्पष्ट नहीं है। बजट के बाद औद्योगिक नीति की घोषणा किए जाने की बात कही गई है। उद्योगपतियों को इसमें उद्योगों के लिए विशेष रियायतें दी जानी चाहिए। उद्योगपतियों को उम्मीद थी कि इस बजट में सरकार ट्रेड व इंडस्ट्री को बड़ी राहत देगी। वहीं बजट में सिर्फ 250 करोड़ ही प्रोत्साहन के लिए रखा गया है। वहीं बाकी की घोषणा तो सब्सिडी में निकल जाती है। एग्रो बेस्ड और टूरिज्म इंडस्ट्री को प्रफुल्लित करने के लिए इन्सेटिव दिए जाने चाहिए थे। प्रोफेशनल टैक्स भी नहीं हटाया गया। इसके अलावा उद्योगों के लिए 5 रुपए प्रति यूनिट बिजली दर फिक्स होनी चाहिए। उद्योपतियों ने बजट को लेकर सरकार को कई पत्र भेजे थे, जिनपर अमल नहीं किया गया है।
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