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Amritsar News: जिला गुरदासपुर की अदालतों में नौ को लगेगी राष्ट्रीय लोक अदालत
Mon, 04 Sep 2023 06:56 PM IST
चंडीगढ़ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमृतसर
संवाद न्यूज एजेंसी, अमृतसर
Updated Mon, 04 Sep 2023 06:56 PM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
गुरदासपुर। राष्ट्रीय कानूनी सेवाएं अथारिटी और कार्यकारी चेयरमैन व पंजाब राज कानूनी सेवाएं अथारिटी एसएएस नगर की हिदायतों पर गुरदासपुर में राष्ट्रीय लोक अदालत नौ सितंबर को लगाई जा रही है।
जानकारी देेते हुए जिला व सेशन जज-कम-चेयरमैन जिला कानूनी सेवाएं अथाॅरिटी गुरदासपुर रजिंदर अग्रवाल ने बताया कि इस राष्ट्रीय लोक अदालत में 138 एनआई एक्ट, बैंक रिकवरी केस, लेबर केस, बिजली, पानी और कमेटी घर के अन्य केसों जैसे सीवरेज, वाटर सप्लाई, हाऊस टैक्स, साइट प्लेन आदि, सभी तरह के सिविल केस, छोटे कम सजा वाले अपराध, विवाहित विवाद, एमएसीटी (मोटर एक्सीटेंड) के केस, इंश्योरेंस क्लेम के केसों का भी निपटारा आपसी रजामंदी से किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि यदि कोई व्यक्ति अपने झगड़े का निपटारा आपसी रजामंदी से इस राष्ट्रीय लोक अदालत के माध्यम से हल करना चाहता है तो वह अपने पत्र अपने संबंधित कोर्ट में या सचिव जिला कानूनी सेवाएं अथारिटी के कार्यालय में दे सकते है। नेशनल लोक अदालत के माध्यम से समाधान किए जाते मुद्दों की आगे किसी भी अदालत में अपील नहीं की जा सकती है और लोक अदालत के माध्यम से किए गए मामले का फैसला अंतिम होता है।
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गुरदासपुर। राष्ट्रीय कानूनी सेवाएं अथारिटी और कार्यकारी चेयरमैन व पंजाब राज कानूनी सेवाएं अथारिटी एसएएस नगर की हिदायतों पर गुरदासपुर में राष्ट्रीय लोक अदालत नौ सितंबर को लगाई जा रही है।
जानकारी देेते हुए जिला व सेशन जज-कम-चेयरमैन जिला कानूनी सेवाएं अथाॅरिटी गुरदासपुर रजिंदर अग्रवाल ने बताया कि इस राष्ट्रीय लोक अदालत में 138 एनआई एक्ट, बैंक रिकवरी केस, लेबर केस, बिजली, पानी और कमेटी घर के अन्य केसों जैसे सीवरेज, वाटर सप्लाई, हाऊस टैक्स, साइट प्लेन आदि, सभी तरह के सिविल केस, छोटे कम सजा वाले अपराध, विवाहित विवाद, एमएसीटी (मोटर एक्सीटेंड) के केस, इंश्योरेंस क्लेम के केसों का भी निपटारा आपसी रजामंदी से किया जाएगा।
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उन्होंने कहा कि यदि कोई व्यक्ति अपने झगड़े का निपटारा आपसी रजामंदी से इस राष्ट्रीय लोक अदालत के माध्यम से हल करना चाहता है तो वह अपने पत्र अपने संबंधित कोर्ट में या सचिव जिला कानूनी सेवाएं अथारिटी के कार्यालय में दे सकते है। नेशनल लोक अदालत के माध्यम से समाधान किए जाते मुद्दों की आगे किसी भी अदालत में अपील नहीं की जा सकती है और लोक अदालत के माध्यम से किए गए मामले का फैसला अंतिम होता है।
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