{"_id":"630d025dd7fb2919117aad88","slug":"jathedar-of-takht-shri-harmandir-ji-patna-sahib-removed-from-all-posts-facilities-withdrawn-amritsar-news-pkl4607872186","type":"story","status":"publish","title_hn":"तख्त श्री हरमंदिर जी पटना साहिब के जत्थेदार को सभी पदों से हटाया, सुविधाएं वापस लीं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
तख्त श्री हरमंदिर जी पटना साहिब के जत्थेदार को सभी पदों से हटाया, सुविधाएं वापस लीं
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अमृतसर। भ्रष्टाचार के कथित विवादों में घिरे तख्त श्री पटना साहिब के जत्थेदार ज्ञानी रणजीत सिंह गौहर की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। तख्त साहिब के पंज प्यारों में से तीन प्यारों की ओर से जत्थेदार रणजीत सिंह की सेवाओं पर रोक लगाए जाने के बाद अब तख्त श्री पटना साहिब प्रबंधकीय बोर्ड ने भी जत्थेदार के खिलाफ सख्त कार्रवाई की है। संगत में जत्थेदार के खिलाफ बढ़ रहे रोष को मुख्य रख तख्त श्री पटना साहिब प्रबंधकीय बोर्ड के अध्यक्ष अवतार सिंह हित ने आदेश जारी कर जत्थेदार ज्ञानी रणजीत सिंह गौहर को सभी पदों की जिम्मेदारी से हटा दिया है। वहीं जत्थेदार को प्रोटोकोल के अनुसार तख्त साहिब की मर्यादा के अनुसार जारी सभी सुविधाएं भी वापस ले ली हैं।
जत्थेदार सिंह साहिब ज्ञानी रणजीत सिंह गौहर और तख्त श्री हरमंदिर जी पटना साहिब के डॉ. गुरविंदर सिंह सामरा के बीच काफी समय से विवाद चल रह है। विवाद जत्थेदार की ओर से कुछ समय पहले अपनाई गई कथित भ्रष्टाचार की नीतियों को लेकर है। इसके चलते बोर्ड के अध्यक्ष ने जत्थेदार गौहर की सेवाएं समाप्त करने का आदेश जारी किया है। प्रबंधकीय बोर्ड से जारी आदेश में अध्यक्ष अवतार सिंह हित ने कहा कि जत्थेदार रणजीत सिंह गौहर और डॉ. सामरा के बीच चल रहे विवाद से तख्त साहिब की गरिमा और श्रद्धालुओं की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंची है।
तख्त साहिब के आदरणीय पंज प्यारे सिंह ने भी जत्थेदार रणजीत सिंह को तख्त साहिब पर हाजिर होने का निर्देश दिया है। परंतु जत्थेदार रणजीत सिंह तख्त साहिब पर अपना स्पष्टीकरण देने के लिए हाजिर नहीं हुए। अब पंज प्यारों की ओर से दोबारा ज्ञानी रणजीत सिंह को 11 सितंबर को तख्त साहिब पर पेश होने का आदेश दिया है और पंज प्यारों की ओर से पहले ही ज्ञानी रणजीत सिंह की धार्मिक सेवाओं पर रोक लगाई हुई है। इसलिए सिख संगत की भावनाओं को ध्यान में रखते हुए ज्ञानी रणजीत सिंह गौहर को तख्त साहिब की हर तरह की सेवाओं और पदों से हटाया जाता है।
विज्ञापन
बोर्ड की ओर से उनको प्रदान की गई सभी सुविधाओं को भी वापस ले लिया जाता है। जब तक ज्ञानी रणजीत सिंह निर्दोष साबित नहीं हो जाते तब तक वह जत्थेदार के तौर पर न तो कोई जिम्मेारी निभाएंगे और न ही उनको तख्त साहिब की ओर से कोई सुविधा प्रदान की जाएगी। सिख धर्म, इतिहास, सिख आंदोलनों और सिख सिद्धांतों से अच्छी तरह वाकिफ जत्थेदार रणजीत सिंह ने पहली बार इतिहास में नया अध्याय जोड़ा और जत्थेदार को निर्देश दिया कि जब तक वह निर्दोष साबित नहीं हो जाते, तख्त साहिब पर आप किसी भी पद का इस्तेमाल नहीं कर पाएंगे।
विज्ञापन
जत्थेदार सिंह साहिब ज्ञानी रणजीत सिंह गौहर और तख्त श्री हरमंदिर जी पटना साहिब के डॉ. गुरविंदर सिंह सामरा के बीच काफी समय से विवाद चल रह है। विवाद जत्थेदार की ओर से कुछ समय पहले अपनाई गई कथित भ्रष्टाचार की नीतियों को लेकर है। इसके चलते बोर्ड के अध्यक्ष ने जत्थेदार गौहर की सेवाएं समाप्त करने का आदेश जारी किया है। प्रबंधकीय बोर्ड से जारी आदेश में अध्यक्ष अवतार सिंह हित ने कहा कि जत्थेदार रणजीत सिंह गौहर और डॉ. सामरा के बीच चल रहे विवाद से तख्त साहिब की गरिमा और श्रद्धालुओं की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंची है।
विज्ञापन
तख्त साहिब के आदरणीय पंज प्यारे सिंह ने भी जत्थेदार रणजीत सिंह को तख्त साहिब पर हाजिर होने का निर्देश दिया है। परंतु जत्थेदार रणजीत सिंह तख्त साहिब पर अपना स्पष्टीकरण देने के लिए हाजिर नहीं हुए। अब पंज प्यारों की ओर से दोबारा ज्ञानी रणजीत सिंह को 11 सितंबर को तख्त साहिब पर पेश होने का आदेश दिया है और पंज प्यारों की ओर से पहले ही ज्ञानी रणजीत सिंह की धार्मिक सेवाओं पर रोक लगाई हुई है। इसलिए सिख संगत की भावनाओं को ध्यान में रखते हुए ज्ञानी रणजीत सिंह गौहर को तख्त साहिब की हर तरह की सेवाओं और पदों से हटाया जाता है।
विज्ञापन
बोर्ड की ओर से उनको प्रदान की गई सभी सुविधाओं को भी वापस ले लिया जाता है। जब तक ज्ञानी रणजीत सिंह निर्दोष साबित नहीं हो जाते तब तक वह जत्थेदार के तौर पर न तो कोई जिम्मेारी निभाएंगे और न ही उनको तख्त साहिब की ओर से कोई सुविधा प्रदान की जाएगी। सिख धर्म, इतिहास, सिख आंदोलनों और सिख सिद्धांतों से अच्छी तरह वाकिफ जत्थेदार रणजीत सिंह ने पहली बार इतिहास में नया अध्याय जोड़ा और जत्थेदार को निर्देश दिया कि जब तक वह निर्दोष साबित नहीं हो जाते, तख्त साहिब पर आप किसी भी पद का इस्तेमाल नहीं कर पाएंगे।