फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Punjab ›   Amritsar News ›   Janaushadhi's three pharmacists sacked, committee formed

जनऔषधि के तीनों फार्मासिस्ट बर्खास्त, कमेटी गठित

Fri, 16 Jul 2021 11:36 PM IST
Punjab Bureau पंजाब ब्‍यूरो
Updated Fri, 16 Jul 2021 11:36 PM IST
विज्ञापन
Janaushadhi's three pharmacists sacked, committee formed
डीसी गुरप्रीत सिंह खैहरा ने सिविल अस्पताल में चल रहे जनऔषधि केंद्र में तैनात तीनों फार्मासिस्टों को बर्खास्त कर दिया है। क्योंकि रेड क्रास के तहत चलने वाला यह जनऔषधि केंद्र पिछले लंबे समय से घाटे में चल रहा था। इसका घाटे में चलने का कारण फार्मासिस्टों की ओर से व्यक्तिगत तौर पर बाहर से दवाएं लाकर बेचना बताया जा रहा है। इसके साथ ही रेड क्रास सोसायटी ने सिविल सर्जन को फार्मासिस्ट मुहैया करवाने को लिखा है, ताकि सिविल अस्पताल को सस्ते रेट पर दवाएं दी जा सकें। इसके साथ ही डीसी ने इसमें जांच के लिए तीन सदस्यीय कमेटी गठित कर उसे रिपोर्ट तलब की है।
विज्ञापन

जानकारी के मुताबिक अस्पताल में रेड क्रास सोसायटी द्वारा चलाए जा रहे जनऔषधि केंद्र में सचिन अरोड़ा, अमनप्रीत सिंह और बलजीत सिंह बतौर फार्मासिस्ट तैनात थे। इनके अलावा मलकीत सिंह नामक एक डाटा एंट्री आपरेटर भी रेड क्रास सोसायटी की ओर से यहां तैनात था। सोसायटी द्वारा जनऔषधि केंद्र की समीक्षा के दौरान सामने आया कि यह पिछले तीन चार सालों से लगातार घाटे में चल रहा है।
विज्ञापन

इसे देखते ही सोसायटी के चेयरमैन व डीसी गुरप्रीत सिंह खैहरा ने तीनों फार्मासिस्टों की सेवाएं खत्म करते हुए जनऔषधि केंद्र को फिलहाल बंद कर दिया। इसके साथ ही डीसी ने सिविल सर्जन डा. चरणजीत सिंह को लिखा है कि वे सोसायटी को फार्मासिस्ट मुहैया करवाएं ताकि इसमें जल्द से जल्द काम शुरू किया जा सके। इसकी पुष्टि सोसायटी के सेक्रेटरी-कम जिला सामाजिक सुरक्षा अधिकारी आशीष इंदर सिंह ने की है।
विज्ञापन
विज्ञापन

वहीं दूसरी तरफ सिविल अस्पताल के सीनियर मेडिकल अधिकारी डा. चंदर मोहन ने बताया कि उन्हें शिकायत मिली थी कि जनऔषधि में तैनात फार्मासिस्ट अपने स्तर पर बाहर से दवाएं लाकर मरीजों को बड़ी कीमतों पर बेच रहे हैं। शिकायत के बाद जनऔषधि में की गई चेकिंग के दौरान वहां पड़ा दवाओं का कुछ स्टाक मिला। इसके बाद उन्होंने मामले की जांच के लिए डा. सरताज सिंह के नेतृत्व में तीन सदस्यीय कमेटी गठित कर रिपोर्ट मांगी है।

गौर हो कि वर्ष 2008 में पंजाब की तत्कालीन अकाली-भाजपा सरकार ने आम जनता को सस्ते रेट पर दवाएं देने के लिए अमृतसर के सिविल अस्पताल में इस जनऔषधि केंद्र की शुरुआत की थी। केंद्र सरकार के प्रोजेक्ट के तहत इसे रेड क्रास सोसायटी की देखरेख में नो प्रॉफिट-नो लॉस के तहत चलाया जाना तय किया गया, ताकि सिविल अस्पताल में इलाज के लिए पहुंचने वाले मरीजों को सस्ते रेटों पर सही दवाएं मिल सकें।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed