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लोहरका पुलिस चौकी में तैनात थानेदार रिश्वत लेते गिरफ्तार, पकड़ी गाड़ी छोड़ने के लिए मांगे थे पांच हजार
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अमृतसर। विजिलेंस ब्यूरो ने फतेहगढ़ चूड़ियां रोड स्थित लोहरका पुलिस चौकी में तैनात थानेदार को रिश्वतखोरी के मामले में गिरफ्तार किया है। विजिलेंस की टीम ने मौका से उसके कब्जे में रिश्वत के तौर पर लिए 5000 रुपये बरामद किए हैं। विजिलेंस ने उसके खिलाफ केस दर्ज कर अदालत में पेश कर दिया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में केंद्रीय जेल भेज दिया गया है।
अजनाला थाना के गांव ढाला राजपूत के परगट सिंह ने विजिलेंस के इंस्पेक्टर अमोलक सिंह को बताया कि कैंटोनमेंट थाने के तहत आती पुलिस चौकी लोहारका में उसके खिलाफ 2 सितंबर 2021 को आईपीसी की धारा 379, 21 माइंस एंड मिनरल्स एक्ट 1957 के तहत केस दर्ज कर उसकी महिंदरा बोलेरो गाड़ी को पुलिस ने कब्जे में लिया था। उसने कोर्ट से गाड़ी की सुपुरदारी हासिल कर ली और जांच अधिकारी व लोहारका पुलिस चौकी के थानेदार एएसआई फरजंद लाल को गाड़ी छोड़ने को कहा।
परगट सिंह ने विजिलेंस को बताया कि आरोपी थानेदार ने उससे इस काम के लिए 5000 रुपये रिश्वत मांगी। लेकिन वह गाड़ी को रिश्वत देकर छुड़ाना नहीं चाहता था। इसलिए इसकी जानकारी विजिलेंस ब्यूरो को दी। इसके बाद इंस्पेक्टर अमोलक सिंह के नेतृत्व वाली टीम ने थानेदार फरजंद लाल को रंगे हाथ रिश्वत के साथ गिरफ्तार कर गवाहों की मौजूदगी में राशि बरामद कर ली। विजिलेंस ब्यूरो ने आरोपी को अदालत में पेश कर दिया, जहां से उसे 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
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अजनाला थाना के गांव ढाला राजपूत के परगट सिंह ने विजिलेंस के इंस्पेक्टर अमोलक सिंह को बताया कि कैंटोनमेंट थाने के तहत आती पुलिस चौकी लोहारका में उसके खिलाफ 2 सितंबर 2021 को आईपीसी की धारा 379, 21 माइंस एंड मिनरल्स एक्ट 1957 के तहत केस दर्ज कर उसकी महिंदरा बोलेरो गाड़ी को पुलिस ने कब्जे में लिया था। उसने कोर्ट से गाड़ी की सुपुरदारी हासिल कर ली और जांच अधिकारी व लोहारका पुलिस चौकी के थानेदार एएसआई फरजंद लाल को गाड़ी छोड़ने को कहा।
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परगट सिंह ने विजिलेंस को बताया कि आरोपी थानेदार ने उससे इस काम के लिए 5000 रुपये रिश्वत मांगी। लेकिन वह गाड़ी को रिश्वत देकर छुड़ाना नहीं चाहता था। इसलिए इसकी जानकारी विजिलेंस ब्यूरो को दी। इसके बाद इंस्पेक्टर अमोलक सिंह के नेतृत्व वाली टीम ने थानेदार फरजंद लाल को रंगे हाथ रिश्वत के साथ गिरफ्तार कर गवाहों की मौजूदगी में राशि बरामद कर ली। विजिलेंस ब्यूरो ने आरोपी को अदालत में पेश कर दिया, जहां से उसे 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
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