अमृतसरः पाकिस्तान से शिलाजीत लेकर लौटे, बार्डर पर कस्टम ने समझी अफीम
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श्री गुरु नानक देव जी के 550वें प्रकाश पर्व के अवसर पर गुरुद्वारा श्री ननकाना साहिब सहित अन्य गुरुद्वारा साहिबान के दर्शन करने गए जत्थे में शामिल दो लोगों को सीमा शुल्क विभाग ने लगभग 600 ग्राम 'अफीम' के साथ गिरफ्तार किया। हालांकि बाद में पता चला कि वह अफीम नहीं शिलाजीत है। दोनों श्रद्धालु भाई मरदाना जी यादगार कमेटी के तत्वाधान से पाकिस्तान गए जत्थे के सदस्य थे।
दोनों का वीजा इसी संस्था द्वारा लगवाया गया था। दोनों की उम्र 50 वर्ष से अधिक बताई जा रही है। सीमा शुल्क विभाग द्वारा गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपियों के नाम बलदेव सिंह व करनैल सिंह निवासी गांव झोरड़ खेड़ा, अबोहर हैं। वहीं गांव झोरड़ खेड़ा के सरपंच सुभाष चंद्र ने बताया कि देर रात उनके पास सूचना आई कि कस्टम विभाग ने जांच की तो पता चला कि वह अफीम नहीं शिलाजीत लाए थे। इसके बाद दोनों को रिहा कर दिया गया।
बलदेव सिंह और करनैल सिंह गुरुवार दोपहर पाकिस्तान से अटारी सड़क सीमा के रास्ते वतन लौटे। अटारी सीमा पर तैनात बीएसएफ के जवान पाकिस्तान से आने वाले इन श्रद्धालुओं के सामान की जांच कर रहे थे। दोनों आरोपियों के बैग से प्लास्टिक में लपेटी हुई संदिग्ध चीज बरामद की गई। वहीं बीएसएफ को दो टेबलेट का पत्ता भी मिला है।
जानकारी के दौरान बीएसएफ, कस्टम विभाग के साथ-साथ सीमा पर तैनात अलग-अलग सुरक्षा एजेंसियों के अधिकारियों ने आरोपियों से पूछताछ शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार दोनों ने लाहौर के अनारकली बाजार से यह खरीदी थी। वहीं इस संदर्भ में जब भाई मरदाना जी यादगारी कमेटी के मुखिया हरपाल सिंह भुल्लर को इन दोनों के बारे में विस्तृत जानकारी के लिए उनसे फोन पर संपर्क साधा तो उन्होंने फोन नहीं उठाया।