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Amritsar: डॉक्टर ने पांव में लगाया टीका, कुछ देर में मरीज की चली गई जान, पुलिस ने मामला किया दर्ज
Mon, 10 Oct 2022 06:08 PM IST
ajay kumar
संवाद न्यूज एजेंसी, अमृतसर (पंजाब)
संवाद न्यूज एजेंसी, अमृतसर (पंजाब)
Published by: ajay kumar
Updated Mon, 10 Oct 2022 06:08 PM IST
सार
जांच अधिकारी अजीत सिंह ने बताया कि एमबीबीएस डॉक्टर दिलबाग के खिलाफ आईपीसी की धारा 304 के तहत केस दर्ज करने के बाद मृतक का पोस्टमार्टम करवा शव परिजनों को सौंप दिया। उन्होंने कहा कि मौत के असल कारणों का खुलासा पोस्टमार्टम की रिपोर्ट आने के बाद ही होगा।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
पंजाब में अमृतसर के गांव पाखरपुरा से करीब साढ़े पांच किलोमीटर दूर गांव जजेआनी में अपने घर के अंदर ही अस्पताल चला रहे एक एमबीबीएस डॉक्टर के खिलाफ मजीठा थाने की पुलिस ने आईपीसी की धारा 304 के तहत केस दर्ज किया है। आरोपी डॉक्टर के खिलाफ यह केस इलाज के दौरान मरीज की मौत हो जाने के बाद दर्ज किया। पुलिस आरोपी डॉक्टर की तलाश में जुटी है।
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अमृतसर-बटाला रोड स्थित गांव पाखरपुरा के गुरमुख सिंह (18) ने बताया कि नौ अक्तूबर की दोपहर करीब डेढ़ बजे अचानक उनके पिता गुरमीत सिंह को तेज बुखार आया तो वह उन्हें जजेआनी गांव में डॉ. दिलबाग सिंह के अस्पताल लेकर पहुंचे। जहां पहुंचते ही डॉक्टर ने उनके पिता को दो टीका मिला ग्लूकोज चढ़ाया। उन्होंने बताया कि इसके तुरंत बाद ही उनके पिता को बहुत ठंड महसूस होने लगी। इस संबंध में जब डॉक्टर दिलबाग सिंह को बताया गया तो उन्होंने पिता के दाएं पांव की नाड़ी में एक टीका लगा दिया।
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उन्होंने बताया कि पांव की नाड़ी में टीका लगाने के बाद उनके पिता को सांस लेने में दिक्कत होने लगी और इस दौरान ही वे बेहोश हो गए। इसके बाद डॉक्टर दिलबाग सिंह ने उन्हें बताया कि वे मरीज को अमृतसर में किसी अस्पताल में ले जाने को कहा लेकिन उसी अस्पताल में उनके पिता की मौत हो गई।
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उन्होंने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उनके पिता की मौत डॉक्टर दिलबाग सिंह के गलत टीके लगाने से हुई है। मामले के जांच अधिकारी अजीत सिंह ने बताया कि एमबीबीएस डॉक्टर दिलबाग के खिलाफ आईपीसी की धारा 304 के तहत केस दर्ज करने के बाद मृतक का पोस्टमार्टम करवा शव परिजनों को सौंप दिया। उन्होंने कहा कि मौत के असल कारणों का खुलासा पोस्टमार्टम की रिपोर्ट आने के बाद ही होगा।