{"_id":"2645a93e204006099d7bd2aa64b32988","slug":"bathinda-bribe-clerk-birth-certificate-arrest-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"निगम का क्लर्क व एएसआई रिश्वत लेते काबू","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
निगम का क्लर्क व एएसआई रिश्वत लेते काबू
ब्यूरो/अमर उजाला, बठिंडा
Updated Mon, 18 May 2015 10:40 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
नगर निगम के जन्म व मौत कार्यालय में जन्म सर्टिफिकेट बनाने को दस हजार रिश्वत लेते कार्यालय के एक क्लर्क और पंजाब पुलिस के एएसआई को विजिलेंस की टीम ने काबू कर दोनों आरोपियों पर केस दर्ज कर लिया है।
विजिलेंस के डीएसपी भूपिंदर सिंह ने बताया कि उनको गांव रायके कलां के निवासी शिवराज सिंह ने शिकायत दी थी कि उसने अपनी माता का जन्म सर्टिफिकेट बनाने के लिए सभी खामियों कोे पूरा कर जन्म व मौत कार्यालय में निवेदन किया था।
वहां पर तैनात क्लर्क विनय कुमार ने सभी कागजात पूरे होने बावजूद जन्म सर्टिफिकेट बनाने के बदले एक लाख रुपये की मांग की और सौदा पचास हजार में तय हो गया। उन्हाेंने बताया कि शिवराज की शिकायत मिलने के बाद उन्होंने कार्रवाई करते शिवराज सिंह को दस हजार रुपये बतौर रिश्वत देने के लिए क्लर्क विनय कुमार के पास भेज दिया।
विज्ञापन
क्लर्क ने रिश्वत के दस हजार रुपये शिवराज सिंह से लिए तो उनकी टीम ने उसे दो सरकारी गवाहों की मौजूदगी में पैसों समेत काबू कर लिया।
डीएसपी सिंह ने बताया कि इसी तरह बलविंदर सिंह निवासी जैतो जिला फरीदकोट ने विजिलेंस के पास शिकायत दर्ज करवाई थी कि जैतो पुलिस चौकी प्रभारी एएसआई अंग्रेज सिंह उनको राजीनामे की नकल देने संबंधी उनसे चालीस हजार रुपये की रिश्वत की मांग कर रहा है।
इसका सौदा तीस हजार रुपये में तय हो गया। इसके बाद विजिलेंस की टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए दो सरकारी गवाहों के सामने एएसआई अंग्रेज सिंह को शिकायतकर्ता से रिश्वत के तौर पर लिए तीस हजार रुपयों समेत काबू किया। इन दोनों मामलों के दो सरकारी गवाहों में एडीओ हरप्रीत सिंह और एएसआई जगमोहन सिंह शामिल है।
विज्ञापन
विजिलेंस के डीएसपी भूपिंदर सिंह ने बताया कि उनको गांव रायके कलां के निवासी शिवराज सिंह ने शिकायत दी थी कि उसने अपनी माता का जन्म सर्टिफिकेट बनाने के लिए सभी खामियों कोे पूरा कर जन्म व मौत कार्यालय में निवेदन किया था।
विज्ञापन
वहां पर तैनात क्लर्क विनय कुमार ने सभी कागजात पूरे होने बावजूद जन्म सर्टिफिकेट बनाने के बदले एक लाख रुपये की मांग की और सौदा पचास हजार में तय हो गया। उन्हाेंने बताया कि शिवराज की शिकायत मिलने के बाद उन्होंने कार्रवाई करते शिवराज सिंह को दस हजार रुपये बतौर रिश्वत देने के लिए क्लर्क विनय कुमार के पास भेज दिया।
विज्ञापन
क्लर्क ने रिश्वत के दस हजार रुपये शिवराज सिंह से लिए तो उनकी टीम ने उसे दो सरकारी गवाहों की मौजूदगी में पैसों समेत काबू कर लिया।
डीएसपी सिंह ने बताया कि इसी तरह बलविंदर सिंह निवासी जैतो जिला फरीदकोट ने विजिलेंस के पास शिकायत दर्ज करवाई थी कि जैतो पुलिस चौकी प्रभारी एएसआई अंग्रेज सिंह उनको राजीनामे की नकल देने संबंधी उनसे चालीस हजार रुपये की रिश्वत की मांग कर रहा है।
इसका सौदा तीस हजार रुपये में तय हो गया। इसके बाद विजिलेंस की टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए दो सरकारी गवाहों के सामने एएसआई अंग्रेज सिंह को शिकायतकर्ता से रिश्वत के तौर पर लिए तीस हजार रुपयों समेत काबू किया। इन दोनों मामलों के दो सरकारी गवाहों में एडीओ हरप्रीत सिंह और एएसआई जगमोहन सिंह शामिल है।