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सरकारी बाबियों को दस जनपथ से फंडिंग:मजीठिया
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मजीठिया बोले-बरगाड़ी मोर्चा लगाने वालों को दस जनपथ कर रहा फंडिंग
मंड और दादूवाल के दो साथियों के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बरगाड़ी मोर्चा का किया पर्दाफाश
अमर उजाला ब्यूरो
अमृतसर। शिअद के महासचिव बिक्रम मजीठिया ने बरगाड़ी में मोर्चा लगाने वालों को ‘सरकारी बाबे’ की संज्ञा देते हुए कहा कि इनको प्रदेश की स्थायी शांति को भंग करने के लिए दस जनपथ से फंडिंग की जा रही है। आम आदमी पार्टी, कांग्रेस और तथाकथित टकसाली अकाली नेता भी इन ‘सरकारी बाबे’ का समर्थन कर रहे हैं।
एक पत्रकार वार्ता में समानांतर जत्थेदार भाई ध्यान सिंह मंड के गांव सैदे के एक निवासी भाई गुरनाम सिंह व सरपंच स्वर्ण सिंह ने बरगाड़ी मोर्चा का पर्दाफाश किया कि वह अपनी आत्मा की आवाज सुनकर इस मोर्चा को छोड़कर आएं हैं। मजीठिया ने इन दोनों को पत्रकारों के समक्ष पेश किया। मंड के इन दोनों साथियों ने कहा कि भाई मंड व बलजीत सिंह दादूवाल कांग्रेस की फंडिंग के साथ प्रदेश में डर व भय का माहौल पैदा करने कि कोशिश कर रहे हैं। इन दोनों सरकारी बाबे ने पंथ की सेवा कम की है, जबकि संवेदनशील मुद्दों पर कांग्रेस के साथ मिलकर सियासी रोटियां सेंकी हैं। दोनों ने दावा किया कि बरगाड़ी मोर्चा की फंडिंग कांग्रेस के नेता कर रहे हैं। कांग्रेस ने ही मोर्चा लगाया, कांग्रेस के कहने पर मंड व दादूवाल ने मोर्चा खत्म किया। दादूवाल व मंड के बीच झगड़े का मुख्य कारण विदेशों से आए डॉलर थे। उन्होंने कहा कि श्री दरबार साहिब हमले में 2500 से अधिक पावन स्वरूपों को अग्नि भेंट करने वाले, श्री अकाल तख्त को टैंकों से उड़ाने वाले व सैकड़ों सिखों के कत्लेआम के दोषी कांग्रेसी श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की बेअदबी का इंसाफ कभी भी नहीं कर सकते। उन्होंने दावा किया कि लोग बरगाड़ी मोर्चा का साथ छोड़ चुके हैं।
सरकारी बाबे के तार भरत इंदर सिंह चहल के साथ भी जुड़े
इस अवसर पर मजीठिया ने कहा कि कांग्रेस एक बार फिर प्रदेश कि शांति के लिए गंभीर खतरा बन रही है। अकाली दल इस षड्यंत्र को सफल नहीं होने देगा। उन्होंने कहा कि बरगाड़ी मोर्चा लगाने वाले ‘सरकारी बाबाओं’ के तार गांधी परिवार के साथ जुड़े हैं। जुबान में पंथ लेकिन दिल में गांधी परिवार के हमदर्द व पिट्ठू अब संगत की कचहरी में बेनकाब होंगे। कांग्रेस के पिट्ठू सरकारी बाबे लोगों की धार्मिक भावनाओं के साथ खेलकर निचले स्तर कि सियासत कर रहे हैं। अकाली दल के खिलाफ विज्ञापनबाजी व अकाली लीडरशिप के खिलाफ काली झंडियों के साथ प्रदर्शन का खर्च कांग्रेस कर रही है। मजीठिया ने दावा किया कि सरकारी बाबे के तार सीएम अमरिंदर सिंह के सियासी सलाहकार भरत इंदर सिंह चहल के साथ भी जुड़े हैं।
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मंड और दादूवाल के दो साथियों के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बरगाड़ी मोर्चा का किया पर्दाफाश
अमर उजाला ब्यूरो
अमृतसर। शिअद के महासचिव बिक्रम मजीठिया ने बरगाड़ी में मोर्चा लगाने वालों को ‘सरकारी बाबे’ की संज्ञा देते हुए कहा कि इनको प्रदेश की स्थायी शांति को भंग करने के लिए दस जनपथ से फंडिंग की जा रही है। आम आदमी पार्टी, कांग्रेस और तथाकथित टकसाली अकाली नेता भी इन ‘सरकारी बाबे’ का समर्थन कर रहे हैं।
एक पत्रकार वार्ता में समानांतर जत्थेदार भाई ध्यान सिंह मंड के गांव सैदे के एक निवासी भाई गुरनाम सिंह व सरपंच स्वर्ण सिंह ने बरगाड़ी मोर्चा का पर्दाफाश किया कि वह अपनी आत्मा की आवाज सुनकर इस मोर्चा को छोड़कर आएं हैं। मजीठिया ने इन दोनों को पत्रकारों के समक्ष पेश किया। मंड के इन दोनों साथियों ने कहा कि भाई मंड व बलजीत सिंह दादूवाल कांग्रेस की फंडिंग के साथ प्रदेश में डर व भय का माहौल पैदा करने कि कोशिश कर रहे हैं। इन दोनों सरकारी बाबे ने पंथ की सेवा कम की है, जबकि संवेदनशील मुद्दों पर कांग्रेस के साथ मिलकर सियासी रोटियां सेंकी हैं। दोनों ने दावा किया कि बरगाड़ी मोर्चा की फंडिंग कांग्रेस के नेता कर रहे हैं। कांग्रेस ने ही मोर्चा लगाया, कांग्रेस के कहने पर मंड व दादूवाल ने मोर्चा खत्म किया। दादूवाल व मंड के बीच झगड़े का मुख्य कारण विदेशों से आए डॉलर थे। उन्होंने कहा कि श्री दरबार साहिब हमले में 2500 से अधिक पावन स्वरूपों को अग्नि भेंट करने वाले, श्री अकाल तख्त को टैंकों से उड़ाने वाले व सैकड़ों सिखों के कत्लेआम के दोषी कांग्रेसी श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की बेअदबी का इंसाफ कभी भी नहीं कर सकते। उन्होंने दावा किया कि लोग बरगाड़ी मोर्चा का साथ छोड़ चुके हैं।
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सरकारी बाबे के तार भरत इंदर सिंह चहल के साथ भी जुड़े
इस अवसर पर मजीठिया ने कहा कि कांग्रेस एक बार फिर प्रदेश कि शांति के लिए गंभीर खतरा बन रही है। अकाली दल इस षड्यंत्र को सफल नहीं होने देगा। उन्होंने कहा कि बरगाड़ी मोर्चा लगाने वाले ‘सरकारी बाबाओं’ के तार गांधी परिवार के साथ जुड़े हैं। जुबान में पंथ लेकिन दिल में गांधी परिवार के हमदर्द व पिट्ठू अब संगत की कचहरी में बेनकाब होंगे। कांग्रेस के पिट्ठू सरकारी बाबे लोगों की धार्मिक भावनाओं के साथ खेलकर निचले स्तर कि सियासत कर रहे हैं। अकाली दल के खिलाफ विज्ञापनबाजी व अकाली लीडरशिप के खिलाफ काली झंडियों के साथ प्रदर्शन का खर्च कांग्रेस कर रही है। मजीठिया ने दावा किया कि सरकारी बाबे के तार सीएम अमरिंदर सिंह के सियासी सलाहकार भरत इंदर सिंह चहल के साथ भी जुड़े हैं।
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