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अमृतसर में शरारती तत्वों ने धार्मिक स्थल के बाहर फेंका पेट्रोल बम, पुलिस तैनात, खंगाले जा रहे सीसीटीवी फुटेज

शरारती तत्वों ने सोमवार देर रात पंजाब के अमृतसर के छेहरटा-अटारी बॉर्डर जीटी रोड पर स्थित एक धार्मिक स्थल के बाहर पेट्रोल बम फेंककर तनाव पैदा करने की कोशिश की। धार्मिक स्थल के मुख्य प्रवेश द्वार के पास धमाके साथ बोतल टूट गई। धमाके के समय घना कोहरा होने के कारण लोग घरों से बाहर नहीं निकले। 

एसएचओ सुखबीर सिंह ने मामला दर्जकर लिया है। पुलिस ने धार्मिक स्थल व आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज को खंगालना शुरू कर दिया है। मस्जिद के बाहर पुलिसकर्मी तैनात कर दिए गए हैं। एसीपी देवदत्त शर्मा ने बताया कि इलाके के कुछ लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी गई है। आरोपियों को जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा। 
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खौफनाक वारदात : पिता करता था गलत संगत का विरोध, बेटा नहीं माना तो कर दी गोली मारकर हत्या

पंजाब के तरनतारन जिले में एक खौफनाक वारदात सामने आई है। यहां के थाना चोहला साहिब के गांव किडिया में रविवार की रात पिता ने लाइसेंसी रिवाल्वर से गोली मारकर बेटे की हत्या कर दी।

हत्या करने के बाद पिता रिवाल्वर समेत फरार हो गया। पुलिस ने मृतक की पत्नी की शिकायत पर आरोपी पिता के खिलाफ केस दर्ज किया है। बताया जा रहा है कि आरोपी बेटे की गलत संगत का विरोध करता था। इसी बात को लेकर पिता-पुत्र में विवाद हो गया। 

पुलिस को दी शिकायत में गांव किडिया निवासी राजविंदर कौर ने बताया उसके पति राजदीप सिंह  (30) का अपने पिता सुबेग सिंह से रविवार की रात करीब साढ़े आठ बजे विवाद हुआ। बात बढ़ने पर सुबेग सिंह ने लाइसेंसी रिवाल्वर निकाल ली और अपने पुत्र राजदीप पर एक के बाद एक पांच गोलियां दाग दीं।

चार गोलियां राजदीप के आसपास से निकल गईं। एक गोली राजदीप के सिर में लगी। इससे वह लहूलुहान होकर गिर गया। परिवार के लोग घायल राजदीप को पास के निजी अस्पताल ले गए। वहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। 

थाना प्रभारी यादविंदर सिंह ने बताया कि गांव वालों से जानकारी मिली है कि राजदीप सिंह की संगत गलत लोगों के साथ हो गई थी। खेती कर घर चलाने वाला पिता सुबेग सिंह उसकी गलत संगत का विरोध करता था। इसे लेकर पिता-पुत्र के बीच आए दिन विवाद होता था।

रविवार की रात भी इसी बात को लेकर दोनों में झगड़ा हो गया। इस पर पिता सुबेग सिंह ने लाइसेंसी रिवाल्वर से गोली मारकर पुत्र राजदीप सिंह की हत्या कर दी। राजदीप की पत्नी राजविंदर कौर की शिकायत पर उसके ससुर सुबेग सिंह के खिलाफ केस दर्जकर लिया गया है। बेटे की हत्या के आरोपी सुबेग सिंह की तलाश में छापे मारे जा रहे हैं। 
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फोटोग्राफर ने पत्नी को गोली मारकर खुदकुशी की, इकलौते बेटे ने कुछ माह पहले की थी आत्महत्या 

इकलौते बेटे की खुदकुशी से आहत अमृतसर के कस्बा चौक मेहता में अमरजीत फोटो स्टूडियो के मालिक संदीप सिंह ने बुधवार सुबह अपनी पत्नी तजिंदर कौर को गोली मारने के बाद खुद को भी गोली मारकर जान दे दी। संदीप की घटनास्थल पर ही मौत हो गई, जबकि उसकी पत्नी तजिंदर कौर को अस्पताल में दाखिल करवाया गया है, जहां उसकी हालत गंभीर बताई जा रही है। 

पुलिस ने संदीप के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। थाना मेहता के एसएचओ मनजिंदर सिंह ने बताया कि बुधवार सुबह साढ़े छह बजे संदीप सिंह ने पत्नी तजिंदर कौर को उस समय गोली मारी, जब वह घरेलू कार्यों में व्यस्त थी। उसके बाद उसने खुद की कनपटी में गोली मारकर आत्महत्या कर ली।

गोली की आवाज सुन आस-पड़ोस के लोग उनके घर की तरफ भागे। उस समय तजिंदर कौर खून से लथपथ फर्श पर पड़ी थी। जबकि संदीप सिंह घर के प्रांगण में पड़ा था। पड़ोसियों ने वारदात की जानकारी पुलिस को देकर तजिंदर कौर को अस्पताल पहुंचाया। संदीप की वारदात स्थल पर ही मौत हो गई।

पुलिस ने संदीप के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर उनके रिश्तेदारों को मामले की जानकारी दी। एसएचओ के अनुसार संदीप के इकलौते बेटे ने कुछ माह पहले खुदकुशी की थी। जिससे पति-पत्नी दोनों मानसिक तौर पर परेशान थे। इसलिए संदीप ने पहले पत्नी को गोली मारी बाद में खुद को गोली मारकर वारदात को अंजाम दिया। पुलिस मामले की तफ्तीश कर रही है।
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अमृतसर: होटल में ठहरी थी दो सहेलियां, तबीयत बिगड़ने के बाद एक की मौत, नशा या फूड प्वाइजनिंग का शक

अमृतसर के माल रोड स्थित एक निजी होटल में ठहरी दो युवतियों की तबीयत अचानक खराब हो गई जिन्हें पास के ही एक निजी अस्पताल में दाखिल करवाया गया, जहां एक लड़की ने दम तोड़ दिया। मृतका की पहचान सिमरन निवासी शिमला के तौर पर हुई है। वहीं उसकी साथी दिल्ली की रहने वाली है। उसे होश आ चुका है। पुलिस उससे पूछताछ कर रही है। जांच में सामने आया कि सिमरन अपने परिवार की इकलौती कमाने वाली थी। उसके भाई की पहले  ही मौत हो चुकी है और वह अपने माता-पिता से झूठ बोलकर घर से निकली थी। 

एसीपी नार्थ सरबजीत सिंह बाजवा ने आशंका जताई कि नशे की ओवरडोज या फूड प्वाइजनिंग की वजह से दोनों लड़कियों की तबीयत बिगड़ी है। इसी की वजह से एक लड़की की मौत हो गई। उसके शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। रिपोर्ट आने के बाद ही कारणों का पता चल सकेगा।


एसपी सर्वजीत सिंह बाजवा ने बताया कि माल रोड के ओरियन होटल में दो सहेलियां ठहरी थी जिनमें से एक शिमला के कृष्णा नगर की सिमरन भाटिया और दूसरी दिल्ली की जूली शर्मा थी। सोमवार दोपहर दोनों को बेहोशी की हालत में बटाला रोड के एक निजी अस्पताल में दाखिल करवाया गया जहां सोमवार देर रात सिमरन की मौत हो गई। अमृतसर पुलिस ने सिमरन के परिवार से बात की तो पता चला कि सिमरन के माता-पिता दिव्यांग हैं। वह एक निजी कंपनी में नौकरी करती है। उसके भाई की पहले ही मौत हो चुकी है। सिमरन ही पूरे घर का खर्च चलाती थी। सिमरन अपने मां बाप से यह कहकर घर से निकली थी कि वह कालका में ही है।

घटनास्थल पर पहुंचे सब इंस्पेक्टर मोहित शर्मा ने कहा कि होटल का सारा रिकॉर्ड कब्जे में ले लिया गया है। दोनों लड़कियों के परिजनों से पूछताछ की जा रही है। होटल के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की जांच की जा रही है और उनकी डीवीआर को भी कब्जे में ले लिया गया है। पुलिस सभी पहलुओं पर जांच कर रही है।
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अमृतसर में युवती की मौत। अमृतसर में युवती की मौत।

अमृतसर : प्रेम संबंधों में बाधा बन रहा था पति, प्रेमी के साथ मिलकर दे दिया जहर, बच्चों को लेकर हुई फरार

अमृतसर के राजासांसी इलाके के गांव कुकड़ा वाला में एक महिला ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर पति को जहर दे दिया। पति के मरने के बाद पत्नी अपने प्रेमी के साथ मौके से फरार हो गई। पुलिस महिला व उसके प्रेमी को ढूंढने के लिए जगह-जगह दबिश दे रही है।

थाना राजासांसी के एएसआई विजय कुमार ने बताया कि 35 वर्षीय हरदेव सिंह उर्फ मस्सु के शव का पोस्टमार्टम कराकर परिवार वालों को सौंप दिया गया है। मामले की जांच चल रही है। आरोपी पत्नी और उसके प्रेमी की तलाश की जा रही है। मृतक के पिता अजीत सिंह के बयान पर मामला दर्ज किया गया है। 


अजीत  सिंह ने बताया कि उनका बेटा हरदेव सिंह पोलियो ग्रस्त था। उसकी शादी 4 साल पहले छेहरटा की रहने वाली सरबजीत कौर से हुई थी। वह अपनी पत्नी और दो बच्चों के साथ माता-पिता से अलग रहता था और मजदूरी करके परिवार का गुजारा चलाता था। कुछ दिन से इनके यहां पर अमृतसर के छेहरटा स्थित गुरु की वडाली इलाके के राजा का आना-जाना शुरू हुआ जो हरदेव सिंह को पसंद नहीं था। इस बात को लेकर परिवार में अक्सर झगड़ा रहने लगा इसके लिए हरदेव ने राजा को कई बार टोका कि वह उनके घर न आया करे, लेकिन उसने आना-जाना बंद नहीं किया। 

मंगलवार देर रात राजा और सरबजीत कौर ने मिलकर हरदेव सिंह को कोई जहरीला पदार्थ खिला दिया इसके बाद उसने वहीं दम तोड़ दिया। हरदेव के पिता ने बताया कि उसने मंगलवार देर रात राजा को उनके घर से भी निकलते देखा था तब उन्होंने सोचा भी नहीं था कि उनके बेटे के साथ इस तरह की कोई घटना हुई होगी क्योंकि वह अक्सर उनके घर आता रहता था। जब सुबह आवाज लगाने पर भी उनकी बहू और बेटा घर से बाहर नहीं आए तो उन्हें शक हुआ। 

उन्होंने दरवाजा खोलकर अंदर जाकर देखा तो उनके बेटे की लाश पड़ी हुई थी और सरबजीत कौर बच्चों समेत वहां से गायब थी। पुलिस मामले की जांच कर रही है। थाना प्रभारी जसविंदर सिंह ने बताया कि मृतक के पिता के बयानों के आधार पर मामला दर्ज कर लिया गया है और आरोपियों की तलाश जारी है।
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पंजाब में वारदात : बरामदे में बैठा था बेटा, कमरे में प्रेमी ने महिला को गला दबाकर मार डाला 

अमृतसर पुलिस थाना झंडेर के तहत आते गांव गुरु का बाग में एक व्यक्ति ने अपनी प्रेमिका की इसलिए हत्या कर दी क्योंकि वह उसे घर आने से रोकती थी। मृतक महिला गुरमीत कौर दो बेटों की मां थी। गुरमीत कौर के संबंध गांव बल बावा के ही जसबीर सिंह से थे।

बार-बार घर आने से रोकने पर जसबीर सिंह ने गुरमीत कौर के गले में रस्सी डालकर उसकी हत्या कर दी। इससे पहले जब जसबीर गुरमीत कौर से कमरे में झगड़ रहा था तो उसका एक बेटा घर के बरामदे में बैठा था। पुलिस ने महिला के पति मंजीत सिंह की शिकायत पर जसबीर सिंह के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर लिया है। 


गुरमीत कौर के पति मंजीत सिंह ने पुलिस को दी शिकायत में कहा कि वह मजदूरी करता है। उसकी गैरहाजिरी में उसकी पत्नी गुरमीत के संबंध जसबीर सिंह से बन गए थे। रविवार को शाम जब वह मजदूरी कर घर पहुंचा तो देखा कि बेटा घर के बाहर बैठा है। कमरे से लड़ने-झगड़ने की आवाजें आ रही हैं।

उसने खिड़की से भीतर झांका तो देखा कि जसबीर सिंह उसकी पत्नी के गले में रस्सी डालकर उसकी हत्या का प्रयास कर रहा है। उसने शोर मचाया तो जसबीर सिंह फरार हो गया। जब वह कमरे में पहुंचा तो गुरमीत कौर दम तोड़ चुकी थी। पुलिस ने गुरमीत कौर का शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए अमृतसर भेज दिया है। झंडेर थाना के इंचार्ज दलबीर सिंह जसबीर की गिरफ्तारी के प्रयास में जुटे हैं।
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दुखद खबर : पंजाबी गायक दिलजान की सड़क हादसे में मौत, दो अप्रैल को रिलीज होने वाला था नया गीत

पंजाब के मशहूर गायक दिलजान की एक सड़क हादसे में मौत हो गई है। हादसा सोमवार-मंगलवार रात करीब 2 बजे अमृतसर में जंडियाला गुरु के पास हुआ। जानकारी के अनुसार दिलजान की कार की रफ्तार काफी तेज थी, जिस कारण उनकी कार बेकाबू हो गई और जंडियाला गुरु के पास बने रोड डिवाइडर से टकरा गई।

कार डिवाइडर को तोड़ते हुई कर कई पलटियां खाते हुए लगभग एक किलोमीटर दूर जाकर रुकी। दिलजान की मौके पर ही मौत हो गई। थाना जंडियाला गुरु पुलिस ने सूचना मिलते ही कार से दिलजान को निकाल कर एक निजी अस्पताल पहुंचाया। वहां डॉक्टरों ने पुलिस टीम को बताया कि दिलजान की मौत अस्पताल पहुंचने से पहले ही हो चुकी है।

दिलजान की पत्नी व बेटी विदेश में हैं। उन्हें जानकरी दे दी गई है। वे पांच अप्रैल को अमृतसर पहुंचेंगे। पुलिस ने दिलजान के शव को मोर्चरी में रखवा दिया है। उनका पोस्टमार्टम उनकी पत्नी के आने के बाद ही किया जाएगा।    



 
पुलिस थाना जंडियाला गुरु के अनुसार, दिलजान अपनी महिंद्रा केयूवी 100 गाड़ी (पीबी 08 डीएच 3665) में अमृतसर से करतारपुर जा रहे थे। जंडियाला गुरु थाना के एएसआई दुर्लभ दर्शन सिंह ने बताया कि दिलजान गाड़ी में अकेले थे। दिलजान की मौत का समाचार मिलते ही घटनास्थल पर कई कलाकार मौके पर पहुंच गए थे।
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अमृतसर में वारदात : रंजिश में बाप व बेटे ने व्यक्ति को पीट-पीट कर मार डाला, एक गिरफ्तार, दूसरे की तलाश

गायक दिलजान
अमृतसर के गांव भिंडीसैदा में रंजिश के चलते बाप-बेटे ने एक व्यक्ति को पीट-पीट कर मार डाला। पुलिस ने एक आरोपी हरदीप सिंह को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि दूसरा आरोपी फरार है। भिंडी सैदा गांव निवासी सतनाम सिंह ने पुलिस को बताया कि वह किसानों के खेतों में मजदूरी करता है। पिछले दिनों वह परिवार के साथ खेत से आलू निकालने जालंधर गया था। 

लौटा तो देखा 26 मार्च की रात मामा ज्ञान सिंह उनके घर आया हुआ था। वह उसके पिता प्यारा सिंह को यह कहकर अपने साथ ले गया कि उनका बेटा हरदीप सिंह उनसे झगड़ा करता है। वह बड़े हैं, इसलिए चलकर समझा दें। 

उसके पिता मामा ज्ञान सिंह के साथ उनके घर की तरफ जा रहे थे, तभी उसने अपने पिता का शोर सुना। दौड़कर देखा तो हरदीप सिंह उसके पिता पर लाठी से हमला कर रहा था। वह उसके पिता को बुरी तरह से पीट रहा था और मामा ज्ञानसिंह पास खड़ा चुपचाप देख रहा था। उसने शोर मचाया तो आरोपी बाप-बेटा मौके से फरार हो गए। उन्हें अस्पताल लेकर पहुंचा, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। सूचना मिलते ही थाना भिंडीसैदा के एसएचओ मौके पर पहुंचे और शव को कब्जे में लेकर आरोपियों के खिलाफ हत्या का केस दर्ज किया। पुलिस ने छापे मारकर आरोपी हरदीप सिंह को गिरफ्तार कर लिया है। जबकि ज्ञान सिंह अभी फरार है। 
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बेहद खौफनाक है ये वारदात : पत्नी के प्रेमी को जाल में फंसा की हत्या, शव के टुकड़े कर गटर में फेंके

कुछ दिन पहले एक गटर में युवक के शव के मिले टुकड़ों के मामले में हत्या की गुत्थी पुलिस ने सुलझा ली है। मामले में पुलिस ने न्यू गोल्डन एवेन्यू स्थित गली नंबर एक में रहने वाले संजय व 40 खूह के पास रहने वाली मंजू को गिरफ्तार किया है। संजय ने मंजू के साथ मिलकर शुभम महाजन नामक युवक की बेरहमी से हत्या की थी। हत्या के बाद शव के टुकड़े कर गटर में फेंक दिए थे। संजय की पत्नी से शुभम महाजन के संबंध थे। इसी से नाराज संजय ने उसकी हत्या के लिए मंजू नामक एक महिला का साथ लिया।

छेहरटा थाना प्रभारी इंस्पेक्टर सुखबीर सिंह के अनुसार गिरफ्तार किए गए संजय ने जुर्म कबूल कर लिया है। मीडिया से बातचीत करते हुए इंस्पेक्टर सुखबीर सिंह ने बताया कि नारायणगढ़ निवासी शुभम महाजन (24) कटराआहलूवाला में एक कपडे़ दुकान पर नौकरी करता था। उसके गोल्डन एवेन्यू निवासी संजय की पत्नी पूजा से प्रेम संबंध थे।

संजय गली-गली जाकर कुर्सियों की मरम्मत कर परिवार पालता था। संबंधों के शक के कारण पूजा और उसके पति संजय के रिश्ते ठीक नहीं थे। पूजा ने संजय से अलग होकर शुभम के साथ जिंदगी गुजारने की ठान ली थी। उसने लगभग एक साल पहले पति संजय के खिलाफ कोर्ट में तलाक की याचिका भी दायर कर दी थी। पत्नी के प्रेम संबंधों का पता चलने पर संजय ने अपनी परिचित मंजू को शिवम का मोबाइल नंबर दिया। 

उसने मंजू से शुभम को अपने प्रेम जाल में फंसाने को कहा। इसी बीच शुभम और मंजू की भी बातें शुरू हो गईं। संजय के इशारे पर मंजू ने 17 मार्च को शुभम को मिलने के लिए उजागर नगर बुला लिया। वहां संजय अन्य साथी ललित के साथ पहुंच गया। आरोपियों ने पहले शुभम की पिटाई की। बाद में उसकी हत्या कर शव के टुकड़े कर घर के बाहर गटर में फेंक दिए।

उधर, शुभम के लापता होने के बाद उसके परिवार ने 22 मार्च को छेहरटा थाने में शिकायत दर्ज करवाई। पुलिस ने जब शुभम के मोबाइल लोकेशन की जांच करवाई तो उसकी आखिरी लोकेशन न्यू अमृतसर की मिली। इंस्पेक्टर सुखबीर सिंह ने बताया कि पुलिस ने संजय को हिरासत में लिया तो उसने सारा सच कबूल कर लिया। उसकी निशानदेही पर गटर से शिवम का शव टुकड़ों में बरामद किया और फिर मंजू को गिरफ्तार किया। उसके एक अन्य साथी ललित की तलाश की जा रही है।
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अमृतसर में भिड़े दो गुट : सिविल अस्पताल के डॉक्टर को लगी गोली, नाराज चिकित्सक आज करेंगे हड़ताल

अमृतसर के सिविल अस्पताल में रविवार सुबह चार बजे मेडिकल लीगल रिपोर्ट बनवाने पहुंचे दो गुट आपस में भिड़ गए। इस पर एक गुट ने दूसरे पर गोली दाग दी। गोली इमरजेंसी वार्ड में तैनात डॉ. भवनीत सिंह के बायीं टांग में लगी। डॉ. भवनीत सिंह को तत्काल एक निजी अस्पताल में दाखिल करवाया गया।

पुलिस कमिश्नर सुखचैन सिंह के अनुसार गोली चलाने वाले व उसके दो साथियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। वहीं सिविल अस्पताल के डॉक्टरों ने काम बंद कर सोमवार को सिविल अस्पताल में हड़ताल की घोषणा की है। डॉक्टरों ने मेडिकल लीगल रिपोर्ट तैयार करने से भी इंकार कर दिया है। सोमवार से ओपीडी बंद रहेगी। केवल इमरजेंसी मरीजों का ही इलाज होगा। 

जीएनडीएच के डॉक्टरों ने भी घटना की निंदा की। उन्होंने सोमवार को सिविल अस्पताल के डॉक्टरों का समर्थन करने का फैसला किया है। सिविल अस्पताल कर्मचारी संघ के अध्यक्ष डॉ. राकेश शर्मा ने बताया कि रविवार सुबह चार बजे दो गुट यहां पहुंचे। एक गुट की राजू व दूसरी की अगुवाई राहुल कर रहा था। दोनों गुट थाना इस्लामाबाद इलाके में लड़ाई-झगड़ा कर मेडिकल लीगल रिपोर्ट बनवाने सिविल अस्पताल पहुंचे थे। उस समय डॉक्टर भवनीत ड्यूटी पर थे। वह दोनों गुटों के घायल लोगों की जांच कर रहे थे।

इसी दौरान दोनों गुट अस्पताल के प्रांगण में फिर झगड़ने लगे। राजू गुट ने दूसरे गुट को डरने के लिए पहले दो फायर अस्पताल के बाहर किए। तीसरा फायर अस्पताल में किया। गोली डॉक्टर भवनीत को लगी। कर्मचारी संघ के अध्यक्ष शर्मा के मुताबिक शहर के बड़े-बड़े नेता अपने समर्थकों की गलत रिपोर्ट लिखवाने का दबाव बनाते हैं। 

पांच दिन पहले डीसीपी भंडाल यहां आए थे। उन्हें बताया गया था कि अस्पताल की सुरक्षा के लिए एक गारद तैनात है लेकिन वहां एक ही कर्मचारी ड्यूटी पर होता है। उसके पास भी कोई हथियार नहीं होता। डीसीपी के आश्वासन के बावजूद भी सुरक्षा व्यवस्था मजबूत नहीं की गई। उन्होंने मांग की है कि पुलिस को सिविल अस्पताल में एक पक्की चौकी स्थापित करनी चाहिए।
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पंजाब में बड़ी वारदात : निहंगों के वेश में बदमाशों ने पुलिस टीम पर किया हमला, जवाबी कार्रवाई में दो ढेर

पंजाब के तरनतारन में हत्या के दो आरोपियों को पकड़ने पहुंची पुलिस पर आरोपियों ने तलवारों से हमला कर दिया। इसमें दो पुलिसकर्मी बुरी तरह जख्मी हो गए। इसके बाद पुलिस ने फायरिंग कर दोनों हमलावरों को ढेर कर दिया। मुठभेड़ में मारे गए दोनों आरोपियों की पहचान महताब सिंह और गुरदेव सिंह के रूप में हुई है।

एसएसपी ध्रुमन एच. निंबले ने प्रेस कांफ्रेंस कर बताया कि महाराष्ट्र के नांदेड़ साहिब में 11 मार्च को निहंग महताब सिंह और गुरदेव सिंह ने बाबा संतोख सिंह की हत्या कर दी थी। इसके बाद से ये दोनों फरार थे।



महाराष्ट्र पुलिस को इन दोनों की लोकेशन तरनतारन जिले में सिंहपुरा के पास मिली। इसके बाद वहां की पुलिस ने तरनतारन पुलिस से संपर्क किया। रविवार को थाना भिखीविंड के हेड कांस्टेबल सरबजीत सिंह की गांव छिछरेवाल में भोग रस्म चल रही थी। उनकी 10 दिन पहले मौत हो गई थी। यहीं पर इन बदमाशों के होने की सूचना मिली थी। 

थाना वल्टोहा के प्रभारी इंस्पेक्टर बलविंदर सिंह और खेमकरण के प्रभारी सब इंस्पेक्टर नरिंदर सिंह गांव सिंहपुरा पहुंचे तो दोनों आरोपियों ने उन पर तलवारों से हमला कर दिया। हमले में बलविंदर सिंह की हाथ की उंगलियों और नरिंदर सिंह की कलाई पर गहरे घाव हुए। इसके बाद आरोपी वहां से भाग गए। पुलिस ने उनका डेढ़ किलोमीटर तक पीछा किया।

आरोपियों ने पुलिस पर फिर से हमला करने की कोशिश की। इस पर पुलिस ने गोलियां मारकर दोनों को ढेर कर दिया। वहीं, लहूलुहान दोनों पुलिसकर्मियों को अस्पताल पहुंचाया गया जहां उनकी हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है। 
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हेरोइन तस्करी का खेल : पाकिस्तान से आई नशे की खेप, बीएसएफ की फायरिंग में एक तस्कर घायल, तीन को दबोचा

भारत-पाकिस्तान सीमा पर स्थित भारतीय निगरानी चौकी फतेहपुर के निकट शनिवार की रात पाक से आई हेरोइन की खेप को ठिकाने लगाने पहुंचे भारतीय तस्करों पर बीएसएफ (सीमा सुरक्षा बल) के जवानों ने फायरिंग की। पैर में गोली लगने से एक तस्कर घायल हो गया। उसे श्री गुरुनानक देव जी अस्पताल में दाखिल कराया गया। वहीं बीएसएफ जवानों ने तीन अन्य तस्करों को दबोचकर थाना अजनाला पुलिस के हवाले कर दिया। बीएसएफ ने कुछ हेरोइन भी बरामद की है। हालांकि इस संबंध में बीएसएफ ने कुछ नहीं बताया है। 

जानकारी के अनुसार बीएसएफ के जवान शनिवार की रात अजनाला सेक्टर के भिंडी सैदां की फतेहपुर बीओपी (बॉर्डर आउट पोस्ट) पर कंटीली तार के नजदीक पेट्रोलिंग कर रहे थे। रात साढ़े 12 बजे कुछ तस्कर कंटीली तार के इस पार पाकिस्तान से आई हेरोइन की खेप लेने पहुंचे। बीएसएफ जवानों ने सीमा पर हलचल देखकर तस्करों को ललकारा। इसके बाद भी तस्कर आगे बढ़ने लगे तो जवानों ने फायरिंग कर दी। पैर में गोली लगने से एक तस्कर घायल हो गया। वह घायल कुछ दूर तक भागा और गिर गया। घायल साथी को देखकर दूसरे तस्कर भागने लगे। बीएसएफ के जवानों ने तीन तस्करों को धर दबोचा।
     
इसके बाद बीएसएफ के जवानों ने पूरे इलाके में तलाशी अभियान चलाया। इस दौरान बीएसएफ जवानों को कंटीली तार के नजदीक से हेरोइन के कुछ पैकेट मिले है। भारतीय तस्कर हेरोइन की इस खेप को उठाने आये थे। बीएसएफ जवानों ने तीनों भारतीय तस्करों को पुलिस के हवाले कर दिया। इसके बाद पुलिस ने फतेहपुर बीओपी के साथ सटे गांवों के कुछ लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है। पुलिस पकड़े गए तस्करों से भी पूछताछ कर रही है। इस मामले में पुलिस और बीएसएफ के अधिकारी कुछ भी बताने से इनकार कर रहे हैं।
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पंजाब : घरों में धधक रहीं अवैध शराब की भट्ठियां, पुलिस ने मारा छापा तो रह गई हैरान

अमृतसर देहात पुलिस ने कस्बा राजासांसी के गांव कोटली सक्का में अवैध शराब फैक्टरी का भंडाफोड़ कर चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने मौके से अवैध शराब बनाने के काम आने वाला 1830 किलो गुड़, 12 भट्ठियां,12 तिरपाल, 24 ड्रम, 20 केन, 12 गैस सिलिंडर, 4 बाइक और दो गाड़ियां और 3 लाख 60 हजार एमएल अवैध शराब, एक लाख 26 हजार किलो लाहन बरामद की है।  

पुलिस ने गांव में शुक्रवार शाम छह बजे से लेकर शनिवार सुबह तीन बजे तक तलाशी अभियान चलाया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान गुरसेवक सिंह, गुरबीर सिंह, भगवंत सिंह व बलविंदर सिंह के तौर पर हुई हैं। एसएसपी (देहात) ध्रुव दहिया ने बताया उन्होंने खुद सर्च अभियान की अगुवाई की। 

अभियान में देहात पुलिस के 150 मुलाजिमों सहित कई अधिकारियों ने हिस्सा लिया। गांव के कई घरों में छापे मारे गए। गिरफ्तार आरोपियों के घरों में ही भट्टियां चल रहीं थीं। अवैध शराब को जिला अमृतसर, गुरदासपुर व अन्य जिलों में सप्लाई करने वाली दो गाड़ियां भी पकड़ी गईं।  

एसएसपी के अनुसार आरोपियों ने अवैध शराब रखने के लिए घरों में पक्के कंक्रीट के होंद बना रखे थे। गांव के बाहर नहर के किनारे छिपाकर रखी भारी मात्रा में अवैध शराब बरामद की गई। अवैध शराब बनाने के लिए गैस सिलेंडर का इस्तेमाल किया जाता था। एसएसपी ने बताया की अवैध शराब से बनाई गई संपत्ति की पहचान कर जब्त करने की कर्रवाई शुरू की जाएगी।

पुलिस ने बंधक बनाए गए दो मजदूरों को छुड़ाया
एसएसपी के अनुसार पुलिस ने आरोपी गुरसेवक सिंह के कब्जे से दो प्रवासी मजदूरों को भी रिहा करवाया है। गुरसेवक सिंह इन दोनों प्रवासी मजदूरों को बंधक बना कर अवैध शराब की भट्ठियों में काम करवा रहा था। दोनों प्रवासी मजदूर बोलने और सुनने मे असमर्थ हैं। पुलिस ने गुरसेवक सिंह के विरुद्ध मजदूरों को बंधक बनाने व मजदूरी करवाने का एक अन्य मामला भी दर्ज किया है। गुरसेवक सिंह के विरुद्ध पहले से पांच और भगवंत सिंह के खिलाफ दस आपराधिक मामले दर्ज हैं।
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