डीएमसी लुधियाना में कोरोना टेस्ट शुरू, अमृतसर सिविल अस्पताल में रैपिड टेस्ट की सुविधा
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अमृतसर और लुधियाना वासियों के लिए एक और राहत भरी खबर है। अब सिविल अस्पताल में भी कोरोना की टेस्टिंग शुरू कर दी गई है। यह टेस्टिंग रैपिड कार्ड टेस्ट के जरिए की जा रही है। सोमवार को दो मीडिया कर्मियों के सैंपलों की जांच की गई।
इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (आईसीएमआर) ने रैपिड कार्ड टेस्ट को मान्यता प्रदान कर दी है। यह टेस्ट एक डिवाइस के जरिए किया जाता है। डिवाइस में मरीज के रक्त का नमूना रखा जाता है और आधे घंटे बाद रिपोर्ट मिल जाती है। रैपिड टेस्ट के जरिए ब्लड टेस्ट कर शरीर में एंटीबॉडीज का पता लगाया जाता है। इससे जानकारी मिलती है कि इंसान संक्रमित हैं या नहीं।
सिविल अस्पताल में पहले चरण में 20 टेस्टिंग किट्स भेजी गई हैं। यह टेस्ट एक प्रकार की स्क्रीनिंग है। रैपिड टेस्ट में यदि मरीज संक्रमित पाया जाता है तो पुष्टि के लिए उसके गले से थ्रोड स्वैब लेकर जांच के लिए सरकारी मेडिकल कॉलेज स्थित इंफ्लुएंजा लैब भेजा जाएगा।
वहां भी यदि रिपोर्ट पॉजिटिव आई तो उसे कोरोना पॉजिटिव माना जाएगा। पिछले 13 दिन से अमृतसर में कोई कोरोना संक्रमित सामने नहीं आया है।
डीएमसी लुधियाना में कोविड-19 टेस्ट की सुविधा शुरू
डीएमसी लुधियाना में कोरोना टेस्ट की सुविधा शुरू हो गई है। इस टेस्ट की कीमत छह हजार रुपये आती है लेकिन सुप्रीम कोर्ट के आदेश और केंद्र सरकार ने इस टेस्ट की कीमत 4500 रुपये तय की है।
अगर कोई व्यक्ति सीधे तौर पर डीएमसी में अपना टेस्ट करवाने के लिए जाता है तो उससे 4500 रुपये ही लिए जाएंगे। अगर सैंपल सरकारी संस्थान की तरफ से भेजा जाएगा तो तीन हजार रुपये लिए जाएंगे।